खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता मानकों पर एफएसएसएआई की सख्त नजर
देशभर में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वाले संस्थानों के खिलाफ भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने चाबुक चलाना शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में राजधानी नई दिल्ली के प्रतिष्ठित रेडिसन ब्लू होटल को फूड सेफ्टी और साफ-सफाई से जुड़े गंभीर उल्लंघनों के चलते एक कड़ा नोटिस जारी किया गया है। इस होटल का संचालन मेसर्स एबी होटल्स लिमिटेड द्वारा किया जाता है, जिसे प्राधिकरण ने अपनी व्यवस्थाओं में तत्काल सुधार करने की कड़ी चेतावनी दी है।
हाल ही में किए गए औचक निरीक्षण के दौरान इस होटल के परिसरों में भारी अनियमितताएं पाई गईं। जांच टीम ने पाया कि होटल के भीतर न केवल उपकरणों का रखरखाव ठीक से नहीं हो रहा था, बल्कि साफ-सफाई के बुनियादी नियमों की भी धज्जियां उड़ाई जा रही थीं। प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि यदि तय समयसीमा के भीतर सभी कमियों को दूर नहीं किया गया, तो होटल का लाइसेंस रद्द करने की बड़ी कार्रवाई की जा सकती है।
रसोई में मिलीं चौंकाने वाली खामियां और सड़े हुए फल
खाद्य सुरक्षा अधिकारियों द्वारा की गई पड़ताल में रेडिसन ब्लू होटल के भीतर ऐसी लापरवाही सामने आई, जो आम नागरिकों के स्वास्थ्य के लिए बड़ा खतरा बन सकती है। निरीक्षण रिपोर्ट के मुताबिक, होटल के किचन और भंडारण क्षेत्रों में कई मशीनें जंग खाई हुई थीं। इसके अलावा फ्रीजर से पानी का रिसाव हो रहा था और तापमान को नियंत्रित करने की व्यवस्था पूरी तरह नाकाफी पाई गई। रसोई के फर्श, वेंटिलेशन और प्रकाश व्यवस्था में भी भारी कमियां दर्ज की गईं।
सबसे चिंताजनक पहलू यह रहा कि जांच के दौरान किचन में फफूंद लगे और पूरी तरह सड़ चुके फल व सब्जियां इस्तेमाल के लिए रखे हुए पाए गए। शाकाहारी और मांसाहारी खाद्य पदार्थों को अलग-अलग रखने के नियमों का पालन नहीं हो रहा था। इसके अलावा कुकिंग ऑयल की गुणवत्ता जांचने वाले कुल ध्रुवीय यौगिक (TPC) के मानक भी तय सीमा से बाहर मिले, जो यह साबित करने के लिए काफी है कि ग्राहकों की सेहत को लेकर कितनी बड़ी लापरवाही बरती जा रही थी।
"खाद्य सुरक्षा से जुड़े नियमों का उल्लंघन किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य की रक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है और लापरवाही बरतने वाले संस्थानों पर सख्त कानूनी शिकंजा कसा जाएगा।" — वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी, FSSAI
ई-कॉमर्स दिग्गजों बिगबास्केट और फ्लिपकार्ट पर भी गिरी गाज
फौजदारी और प्रशासनिक स्तर पर चल रही इस कार्रवाई की जद में केवल होटल ही नहीं, बल्कि बड़े ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफॉर्म भी आए हैं। FSSAI ने स्वास्थ्य लाभों से जुड़े भ्रामक और लुभावने दावे करने के आरोप में ई-कॉमर्स कंपनियों बिगबास्केट और फ्लिपकार्ट को भी आधिकारिक नोटिस जारी किए हैं। इसके अलावा हैदराबाद स्थित जेमिनी एडिबल्स एंड फैट्स इंडिया लिमिटेड को भी इसी तरह के मामलों में घेरा गया है। जांच में सामने आया कि ये कंपनियां बिना वैध केंद्रीय लाइसेंस के अपनी वेबसाइट्स के जरिए खाद्य उत्पादों की ऑनलाइन बिक्री कर रही थीं, जो सीधे तौर पर खाद्य सुरक्षा अधिनियम का उल्लंघन है।
प्राधिकरण ने इन सभी ऑनलाइन कारोबार संचालकों से जवाब तलब किया है कि क्यों न उन पर नियमों का उल्लंघन करने के एवज में भारी जुर्माना लगाया जाए और उनकी गतिविधियों पर रोक लगाई जाए। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की सख्त कार्रवाई से ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों ही माध्यमों से खाने-पीने का सामान खरीदने वाले आम उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिलेगी और कंपनियों की मनमानी पर लगाम लगेगी।
कड़ी चेतावनी और आगे की प्रशासनिक कार्रवाई
FSSAI ने सभी दोषी संस्थानों और कंपनियों को निर्देश दिए हैं कि वे बिना किसी देरी के अपनी कमियों को सुधारें और की गई कार्रवाई की एक विस्तृत रिपोर्ट तस्वीरों तथा पुख्ता दस्तावेजों के साथ प्राधिकरण के समक्ष प्रस्तुत करें। नियामक संस्था ने साफ कर दिया है कि यदि सुधार रिपोर्ट संतोषजनक नहीं पाई जाती है, तो लाइसेंस का निलंबन या पूर्ण रद्दीकरण जैसी कठोर कार्रवाई बिना किसी अतिरिक्त चेतावनी के अमल में लाई जाएगी। इस पूरी मुहिम से खाद्य कारोबार से जुड़े अन्य संचालकों में भी हड़कंप मच गया है।












