राजकोट लूट और हत्याकांड की जांच में आया नया मोड़
गुजरात के औद्योगिक शहर राजकोट में पिछले दिनों हुई डेढ़ करोड़ से अधिक की सनसनीखेज डकैती और एक व्यापारी की हत्या के मामले में जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, चौंकाने वाली परतें खुलती जा रही हैं। इस हाई-प्रोफाइल मामले में गिरफ्तार किए गए मुख्य आरोपी के साथ पुलिस की मुठभेड़ की खबर ने सनसनी फैला दी है। पुलिस हिरासत में पूछताछ के दौरान आरोपी ने जांच टीम को गच्चा देने की कोशिश की, लेकिन मुस्तैद सुरक्षाबलों ने तुरंत स्थिति को संभाल लिया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह पूरी घटना उस समय घटी जब स्थानीय क्राइम ब्रांच की टीम इस जघन्य अपराध में इस्तेमाल किए गए हथियारों की तलाश कर रही थी। पुलिस इस बात का पता लगाने में जुटी थी कि आखिर इस वारदात को अंजाम देने के लिए किन-किन हथियारों का इस्तेमाल किया गया था और उन्हें कहां छुपाकर रखा गया था। इसी सिलसिले में पुलिस ने मुख्य आरोपी अनुराग सिंह राजपूत को रिमांड पर लिया था, जिसने पूछताछ के दौरान कई अहम खुलासे किए थे।
हथियार बरामदगी के दौरान आरोपी ने की पुलिस पर फायरिंग
जांच के दौरान पुलिस को यह पुख्ता जानकारी मिली थी कि मुख्य आरोपी अनुराग सिंह राजपूत ने लालजी सरधारा हत्याकांड और लूटपाट में इस्तेमाल किए गए एक अन्य हथियार को कहीं छिपा रखा था। हालांकि, इस बात की सटीक जानकारी पहले पुलिस के पास नहीं थी। आरोपी की निशानदेही पर जब क्राइम ब्रांच की टीम एयरपोर्ट पुलिस स्टेशन की सीमा के अंतर्गत आने वाले आर.के. इंडस्ट्रियल एरिया के पास पहुंची, तो वहां एक खतरनाक खेल की पटकथा लिखी जा रही थी।
पुलिस टीम जब आरोपी को उस स्थान पर ले गई जहां हथियार छिपाए जाने का दावा किया गया था, तो आरोपी ने अचानक अपनी चाल बदल दी। उसने वहां पहले से छुपाकर रखे गए एक अवैध हथियार को ढूंढ निकाला और बिना एक पल गंवाए पुलिस दल पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। अचानक हुए इस जानलेवा हमले से वहां अफरा-तफरी मच गई, लेकिन क्राइम ब्रांच के अधिकारियों ने सूझबूझ का परिचय देते हुए तुरंत मोर्चा संभाला।
एसआई की जवाबी कार्रवाई में घायल हुआ मुख्य आरोपी
अचानक हुई फायरिंग के बाद स्थिति बेहद तनावपूर्ण हो गई। आरोपी अनुराग सिंह राजपूत ने पुलिस पर दो राउंड गोलियां दाग दीं। अपनी और अपने साथियों की जान बचाने के लिए क्राइम ब्रांच के सब-इंस्पेक्टर (PSI) वनराज सिंह डोडिया ने तुरंत जवाबी कार्रवाई की। आत्मरक्षा में पुलिस अधिकारी की ओर से एक राउंड फायर किया गया, जो सीधा आरोपी जा लगा। गोली लगते ही आरोपी जमीन पर गिर पड़ा और उसकी फायरिंग रुक गई।
घटना के तुरंत बाद पुलिस टीम ने बिना कोई समय गंवाए घायल आरोपी को अपनी हिरासत में लिया और उसे तत्काल प्रभाव से नजदीकी अस्पताल पहुंचाया, जहां उसका इलाज चल रहा है। डॉक्टरों के अनुसार, आरोपी की स्थिति फिलहाल खतरे से बाहर है, लेकिन पुलिस की कड़ी निगरानी में उसका उपचार किया जा रहा है। इस दुस्साहसिक घटना के बाद इलाके में पुलिस बल और अधिक बढ़ा दिया गया है।
"अपराधियों द्वारा कानून को हाथ में लेने और खाकी पर हमला करने के किसी भी प्रयास का कड़ा और नियमानुसार जवाब दिया जाएगा। राजकोट लूट कांड में शामिल सभी आरोपियों के खिलाफ पुख्ता सबूत जुटाए जा रहे हैं और किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।" — वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, राजकोट क्राइम ब्रांच
व्यापारी की हत्या में सीधे तौर पर शामिल था अनुराग
गौरतलब है कि यह पूरा मामला 1.53 करोड़ रुपये की भारी-भरकम रकम की लूट और एक निर्दोष व्यापारी की हत्या से जुड़ा हुआ है। पुलिस जांच में यह बात सामने आई थी कि जब इस बड़ी वारदात को अंजाम दिया जा रहा था, तब आरोपियों और व्यापारी के बीच हुई झड़प के दौरान अनुराग सिंह राजपूत ने ही व्यापारी पर सीधी गोली चलाई थी। इस गोलीबारी में व्यापारी की मौके पर ही मौत हो गई थी, जिसने पूरे राज्य के व्यापारियों में रोष पैदा कर दिया था।
इस सनसनीखेज वारदात के बाद हरकत में आई पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक के बाद एक कुल 10 आरोपियों को दबोच लिया था। इन सभी आरोपियों को हाल ही में स्थानीय अदालत के समक्ष पेश किया गया था, जहां से अदालत ने सभी को चार दिन की पुलिस रिमांड पर भेजने का आदेश दिया था। रिमांड अवधि के दौरान ही पुलिस लूटी गई रकम, अन्य साक्ष्यों और हथियारों की बरामदगी के लिए लगातार छापेमारी कर रही थी।
सरकारी काम में बाधा और हत्या के प्रयास का नया मामला दर्ज
हथियार बरामदगी के दौरान पुलिस टीम पर जानलेवा हमला करने और गोली चलाने के इस नए कृत्य के बाद आरोपी की मुश्किलें और अधिक बढ़ गई हैं। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि आरोपी के खिलाफ अब हत्या के प्रयास और सरकारी ड्यूटी में बाधा डालने जैसी गंभीर धाराओं के तहत एक नया आपराधिक मामला दर्ज किया जाएगा।
एयरपोर्ट पुलिस स्टेशन में इस नई एफआईआर को दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या इस वारदात में कोई अन्य स्थानीय मददगार भी शामिल था, जिसने हथियार छुपाने में इस आरोपी की सहायता की थी। अदालत की अनुमति मिलते ही अन्य आरोपियों से भी इस एंगल पर पूछताछ की जाएगी ताकि इस पूरे आपराधिक नेटवर्क की कमर तोड़ी जा सके।












