मेले की खुशियां सुबह मातम में बदलीं
उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा से एक बेहद झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। रबूपुरा थाना क्षेत्र के नगला पदम गांव में एक ही परिवार के पांच सदस्यों के शव उनके घर के अंदर मिलने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। हंसते-खेलते मेला देखकर लौटे परिवार की जिंदगी का यह आखिरी सफर साबित हुआ। किसी ने सपने में भी नहीं सोचा था कि जिस परिवार ने रात में साथ मिलकर खुशियां बांटी थीं, अगली सुबह उनकी सांसें थम चुकी होंगी।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, फॉरेंसिक टीम और प्रशासनिक अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंच गए। घटनास्थल के अंदर का दृश्य बेहद दर्दनाक था, जहां माता-पिता और उनके तीन मासूम बच्चे मृत अवस्था में बिस्तर पर पड़े मिले। पुलिस ने सभी शवों को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की हर पहलू से गहनता से जांच की जा रही है।
नूडल्स, चाय और संदिग्ध फूड पॉइजनिंग का एंगल
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि परिवार के सदस्यों ने शुक्रवार रात करीब दस बजे बाहर मेला घूमने के बाद घर लौटकर नूडल्स यानी मैगी और चाय बनाई थी। परिवार के सभी लोगों ने इसे खाया और सोने चले गए। अगली सुबह जब घर का एक बच्चा स्कूल या परीक्षा के लिए तय समय पर नहीं उठा, तो पड़ोसी उसे जगाने पहुंचे। अंदर का खौफनाक मंजर देखकर उनके होश उड़ गए।
स्थानीय लोगों और पुलिस के अनुसार, शुरुआती तौर पर इस मामले को फूड पॉइजनिंग से जोड़कर देखा जा रहा था। हालांकि, खाद्य सुरक्षा विभाग और चिकित्सा विशेषज्ञों ने सामान्य फूड पॉइजनिंग की थ्योरी पर सवाल उठाए हैं। जानकारों का कहना है कि फूड पॉइजनिंग के मामलों में आमतौर पर उल्टी और दस्त जैसे शुरुआती लक्षण नजर आते हैं और असर दिखने में कुछ घंटे लगते हैं, जबकि यहाँ ऐसा कोई सामान्य लक्षण नहीं दिखा।
विशेषज्ञों की राय: जहर या नींद की गोलियों का ओवरडोज
घटनास्थल की स्थिति और मृतकों के शरीर पर मिले लक्षणों को देखकर चिकित्सा विशेषज्ञों ने एक नई आशंका जताई है। विशेषज्ञों का मानना है कि इतनी तेजी से और सोते-सोते पांचों लोगों की मौत हो जाना किसी गंभीर जहरीले पदार्थ के सेवन या नींद की गोलियों के भारी ओवरडोज की तरफ इशारा करता है। कुछ बच्चों के मुंह से झाग निकलते हुए भी देखा गया है, जो इस संदेह को और गहरा करता है।
नोएडा के डीसीपी श्रवण कुमार सिंह ने इस संबंध में मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस हर संभावित एंगल पर बारीकी से काम कर रही है। फॉरेंसिक यूनिट ने घर से खाने-पीने के सभी अवशेष और सैंपल सुरक्षित कर लिए हैं। विसरा रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि खाने में कोई जहरीला पदार्थ मिलाया गया था या मामला कुछ और है।
संपत्ति विवाद और परिवार के भीतर तनाव की परतें
इस पूरे मामले में केवल खान-पान ही नहीं, बल्कि पारिवारिक कलह और संपत्ति विवाद का एंगल भी सामने आ रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स और पुलिस सूत्रों के अनुसार, परिवार के भीतर प्रॉपर्टी को लेकर पहले से ही विवाद चल रहा था। मृतकों में शामिल महेश की मां और अन्य रिश्तेदारों के बीच अनबन की बातें भी सामने आई हैं।
जांच के दौरान पुलिस के हाथ एक वॉइस नोट भी लगा है, जिसमें परिवार से जुड़े कुछ गंभीर तथ्यों का जिक्र किया गया है। मृतिका के परिजनों की शिकायत के आधार पर पुलिस ने कुछ करीबियों के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज किया है। पुलिस इन सभी बयानों, वॉइस नोट और आपसी विवाद की कड़ियों को आपस में जोड़कर सच तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट और विसरा जांच का इंतजार
फिलहाल पुलिस और फॉरेंसिक विशेषज्ञों की टीमें किसी भी अंतिम निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले पोस्टमार्टम और विसरा रिपोर्ट का इंतजार कर रही हैं। एक ही परिवार के पांच लोगों की एक साथ इस तरह संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो जाना कई अनसुने और गहरे सवाल खड़े करता है। क्या यह कोई सुनियोजित साजिश थी या फिर इसके पीछे कोई और दर्दनाक सच्चाई छिपी है, इन सभी सवालों के जवाब पुलिस की फाइनल जांच के बाद ही मिल सकेंगे।
"बहुत दुखद घटना हुई है। एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत हुई है, जिनमें पति, पत्नी और तीन बच्चे शामिल हैं। जो साक्ष्य मिले हैं और खाने-पीने की चीजों की जांच की जा रही है, उसके आधार पर कानूनी कार्रवाई की जा रही है।" — श्रवण कुमार सिंह, डीसीपी, नोएडा












