उत्तर प्रदेश के बलरामपुर में मची चीख-पुकार, दुर्गा मंदिर के बाहर हुआ बड़ा हादसा
उत्तर प्रदेश के बलरामपुर जिले से एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाली खबर सामने आई है। यहां देहात क्षेत्र के चरनगहिया बेलहा गांव में एक भीषण सड़क हादसे ने पूरे इलाके को गमगीन कर दिया है। दुर्गा मंदिर के ठीक बाहर सड़क किनारे बैठकर वीडियो देख रहे बेकसूर ग्रामीणों को एक तेज रफ्तार अनियंत्रित कार ने अपनी चपेट में ले लिया। इस भयंकर टक्कर में तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि चार अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। अचानक हुई इस घटना से मौके पर अफरा-तफरी मच गई और चारों तरफ चीख-पुकार गूंज उठी।
घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय ग्रामीणों में भारी आक्रोश और शोक की लहर दौड़ गई। ठंड और सन्नाटे भरी रात में हुए इस हादसे ने कई हंसते-खेलते परिवारों को हमेशा के लिए उजाड़ दिया है। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस बल मौके पर पहुंचा और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया। घायलों को तुरंत एंबुलेंस के जरिए नजदीकी जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां से गंभीर हालत को देखते हुए कुछ लोगों को बहराइच रेफर किया गया है। प्रशासन की ओर से स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और पूरे मामले की गंभीरता से तफ्तीश की जा रही है।
आरती के बाद सड़क किनारे चल रहा था वीडियो, तभी काल बनकर आई तेज रफ्तार गाड़ी
यह दुखद घटना शनिवार देर रात करीब ग्यारह से बारह बजे के बीच की है। बताया जा रहा है कि ग्राम पंचायत चरनगहिया बेलहा स्थित दुर्गा मंदिर में आरती और पूजन का कार्यक्रम संपन्न हुआ था। मंदिर में धार्मिक अनुष्ठान समाप्त होने के बाद स्थानीय ग्रामीण और कुछ श्रद्धालु मंदिर के बाहर एकत्र हुए थे। माहौल पूरी तरह सामान्य और शांत था। ग्रामीणों ने मनोरंजन और आपसी मेलजोल के लिए सड़क किनारे ही एक पर्दा लगाया हुआ था, जिस पर वीडियो दिखाया जा रहा था। सभी लोग इत्मीनान से बैठकर उस वीडियो को देख रहे थे।
इसी शांत माहौल के बीच अचानक गौरा चौराहा की तरफ से एक तेज रफ्तार कार काल बनकर वहां पहुंची। कार इतनी अनियंत्रित थी कि उसने वहां लगे टेंट के हिस्से को भी तहस-नहस कर दिया और सीधे वहां बैठे लोगों को रौंदती हुई आगे निकल गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, गाड़ी की रफ्तार इतनी तेज थी कि किसी को भी संभलने या भागने का मौका तक नहीं मिला। टक्कर इतनी जोरदार थी कि लोग हवा में उछलकर दूर जा गिरे। हादसे के बाद गाड़ी का चालक वहां से भागने की फिराक में था, लेकिन स्थानीय लोगों और पुलिस की मुस्तैदी से उसकी योजना सफल नहीं हो पाई।
हादसे में तीन ग्रामीणों की दर्दनाक मौत, परिवारों में मचा कोहराम
इस भीषण सड़क दुर्घटना में जान गंवाने वाले तीनों ग्रामीण इसी गांव के रहने वाले थे। पुलिस और जिला प्रशासन द्वारा दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार मृतकों की पहचान पाटेश्वरी प्रसाद उर्फ महता प्रसाद (उम्र करीब 42 वर्ष), मनोज सिंह (उम्र करीब 51 वर्ष) और गणेश पांडेय (उम्र करीब 45 वर्ष) के रूप में हुई है। ये सभी अपने परिवारों के मुख्य स्तंभ थे और इनकी अचानक हुई इस तरह की मौत से इनके घरों में कोहराम मच गया है। त्योहार और मेलजोल के माहौल के बीच हुई इस त्रासदी ने पूरे गांव को स्तब्ध कर दिया है।
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव के हर शख्स की आंखें नम हैं। एक ही झटके में तीन लोगों की अर्थियां उठने की बात से पूरा क्षेत्र गमगीन है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि अगर थोड़ी भी सावधानी बरती जाती या वाहन चालक नियंत्रण में होता, तो इतनी बड़ी अनहोनी टल सकती थी। ग्रामीण अब इस प्रकार की तेज रफ्तार और लापरवाह ड्राइविंग पर सख्त लगाम लगाने की मांग कर रहे हैं, ताकि भविष्य में किसी अन्य परिवार को इस तरह का दर्द न झेलना पड़े।
चार अन्य ग्रामीण गंभीर रूप से घायल, बेहतर इलाज के लिए बहराइच रेफर
इस हादसे में केवल मौतें ही नहीं हुईं, बल्कि चार अन्य ग्रामीण भी गंभीर रूप से जख्मी हुए हैं। घायलों में छेदीराम (50), घोपराम (31), डब्लू (37) और मुकेश तिवारी (30) शामिल हैं। ये सभी चरनगहिया-बेलहा गांव के ही निवासी बताए जा रहे हैं। घटना के तुरंत बाद मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने सूझबूझ का परिचय देते हुए घायलों को संभाला और पुलिस को फोन किया। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए सभी घायलों को फौरन जिला मेमोरियल अस्पताल पहुंचाया।
जिला अस्पताल के डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद बताया कि घायलों में से कुछ की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है। इसे देखते हुए डॉक्टरों ने तुरंत दो गंभीर घायलों को बेहतर और उन्नत चिकित्सा के लिए बहराइच जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। बाकी घायलों का इलाज बलरामपुर के स्थानीय अस्पताल में ही चल रहा है। पुलिस प्रशासन लगातार डॉक्टरों के संपर्क में है और घायलों को हरसंभव चिकित्सीय सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।
पुलिस की सख्त कार्रवाई, कार कब्जे में और चालक हिरासत में
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने तुरंत एक्शन लिया। क्षेत्राधिकारी (सीओ) अभिषेक सिंह ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस को जैसे ही इस दुर्घटना की सूचना मिली, वैसे ही पूरे इलाके में नाकेबंदी कर दी गई। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दुर्घटना में शामिल वाहन को अपनी गिरफ्त में ले लिया है और गाड़ी चला रहे ड्राइवर को भी हिरासत में ले लिया है।
"हादसे में शामिल कार को पुलिस ने घेराबंदी कर मौके से ही कब्जे में ले लिया है। गाड़ी के चालक को भी हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। शुरुआती जांच में चालक के नशे में होने की आशंका जताई जा रही है, हालांकि इसकी पुष्टि मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद ही पूरी तरह हो सकेगी। पुलिस मामले के हर पहलू की गहराई से जांच कर रही है और सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।" — अभिषेक सिंह, क्षेत्राधिकारी (सीओ)
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में किसी भी तरह की कोताही नहीं बरती जाएगी। चूँकि मामला गंभीर लापरवाही और जनहानि से जुड़ा है, इसलिए आईपीसी की सुसंगत धाराओं के तहत कठोर कानूनी कदम उठाए जा रहे हैं। वाहन चालक के ब्लड सैंपल की जांच भी कराई जा रही है ताकि यह साफ हो सके कि वह घटना के वक्त शराब के नशे में था या नहीं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जताया गहरा शोक, आर्थिक सहायता के निर्देश
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बलरामपुर जिले में हुई इस सड़क दुर्घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर संवेदना संदेश साझा किया गया है। सरकार ने इस दुखद घड़ी में पीड़ित परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना प्रकट की है और घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की है।
संवेदना व्यक्त करने के साथ ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रशासनिक अधिकारियों को त्वरित राहत पहुंचाने के निर्देश दिए हैं। इसके तहत मृतकों के शोक संतप्त परिजनों को दो-दो लाख रुपये की आर्थिक सहायता और इस हादसे में घायल हुए लोगों को पचास-पचास हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान करने के निर्देश जारी किए गए हैं। साथ ही, जिला प्रशासन को यह भी निर्देशित किया गया है कि वे यह सुनिश्चित करें कि घायलों को किसी भी प्रकार की चिकित्सीय असुविधा का सामना न करना पड़े और उनका इलाज सर्वोत्तम तरीके से हो सके।












