घुटनों में लगातार दर्द, सुबह उठने पर जोड़ों में अकड़न और सीढ़ियां चढ़ने में परेशानी को लोग अक्सर आम समस्या मानकर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन जब यह दर्द लगातार बढ़ने लगता है, तब मजबूरन डॉक्टर के पास जाना पड़ता है। कई मामलों में डॉक्टर घुटनों के ट्रांसप्लांट या सर्जरी की सलाह दे देते हैं, जिसके बाद मरीजों के मन में यह सवाल उठना लाजिमी है कि क्या हर मामले में सर्जरी जरूरी है या फिर दवाओं और एक्सरसाइज से भी इस समस्या से छुटकारा पाया जा सकता है?
इस महत्वपूर्ण स्वास्थ्य विषय पर 'The Freelance' ने मैक्स हॉस्पिटल (Max Hospital) के ऑर्थोपेडिक्स एवं ज्वाइंट रिप्लेसमेंट डिपार्टमेंट के डायरेक्टर डॉ. अखिलेश यादव से विस्तार से बातचीत की और यह समझने की कोशिश की कि घुटनों के दर्द से कैसे निपटा जाए।
कब् बढ़ती है गंभीर समस्या और क्या हैं इसके शुरुआती लक्षण?
डॉ. अखिलेश यादव के अनुसार, सबसे पहले यह देखना जरूरी है कि दर्द कितना बढ़ रहा है और क्या इसकी वजह से रोजाना के कामकाज करने में परेशानी आ रही है या नहीं। यदि आपको बार-बार घुटनों में दर्द हो रहा है और रात के समय सोने तक में असहजता महसूस हो रही है, तो इसका मतलब है कि स्थिति सामान्य नहीं है और आपको तुरंत किसी अच्छे विशेषज्ञ से सलाह लेनी चाहिए।
डॉक्टर बताते हैं कि घुटनों में लगातार दर्द बने रहना कई बार गठिया (Arthritis) जैसी गंभीर बीमारी का शुरुआती लक्षण भी हो सकता है। गठिया कोई एक बीमारी नहीं है, बल्कि यह जोड़ों को प्रभावित करने वाली कई बीमारियों का एक समूह है। इसमें ऑस्टियोआर्थराइटिस और रूमेटॉइड आर्थराइटिस सबसे प्रमुख हैं। रूमेटॉइड आर्थराइटिस एक ऑटोइम्यून बीमारी है, जिसमें शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity) गलती से अपने ही जोड़ों पर हमला करने लगती है, जिससे सूजन, तेज दर्द और समय के साथ जोड़ों को भारी नुकसान पहुंच सकता है.
कब जरूरी होती है ज्वाइंट रिप्लेसमेंट सर्जरी?
मरीजों के मन में सबसे बड़ा सवाल यही होता है कि क्या उनके घुटनों को बचाने के लिए सर्जरी ही एकमात्र विकल्प है? इस पर डॉ. अखिलेश स्पष्ट करते हैं कि यदि किसी मरीज को एक्सरसाइज, फिजियोथेरेपी, लाइफस्टाइल में जरूरी बदलाव और डॉक्टर की सलाह से दी गई नियमित दवाओं से भी राहत नहीं मिलती है, तब जाकर सर्जरी पर विचार किया जाता है। इसके अलावा, यदि मरीज को चलने-फिरने में गंभीर कठिनाई आ रही है और उसका दैनिक जीवन प्रभावित हो रहा है, तो ज्वाइंट रिप्लेसमेंट सर्जरी की आवश्यकता पड़ सकती है। इसलिए जोड़ों के दर्द को कभी भी हल्के में न लें और समय रहते सही डॉक्टर से इलाज कराएं।
स्वास्थ्य संबंधी यह लेख सामान्य जानकारी और विशेषज्ञ डॉक्टर से बातचीत पर आधारित है। 'The Freelance' इसकी स्वतंत्र रूप से शत-प्रतिशत पुष्टि नहीं करता है। किसी भी स्वास्थ्य समस्या के लक्षण दिखने पर तुरंत अपने नजदीकी योग्य चिकित्सक से परामर्श लें।
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