सोशल मीडिया पर इन दिनों ऑप्टिकल इल्यूजन खूब पसंद की जा रही हैं, जिनमें एक छोटी-सी तस्वीर के अंदर पूरा रहस्य छिपा होता है। सामने दिखने वाली चीजें बिल्कुल सामान्य लगती हैं, लेकिन जब तस्वीर को ध्यान से देखा जाता है तो कोई ऐसा सुराग नजर आता है, जो पूरी कहानी बदल देता है। ऐसी ही एक तस्वीर इन दिनों लोगों के लिए ब्रेन टीजर बन सकती है। तस्वीर में एक अमीर आदमी की हत्या का मामला सामने आया है। इसके बाद इंस्पेक्टर घर में मौजूद तीन नौकरों से पूछताछ करता है। तीनों अपने-अपने हिसाब से बताते हैं कि घटना के समय वे क्या कर रहे थे। अब सवाल यह है कि इन तीनों में से किसका बयान संदिग्ध है?
तस्वीर में छिपे तीन किरदार और उनके बयान
तस्वीर में पहला व्यक्ति माली है, जिसका नाम राजू बताया गया है। वह कहता है कि वह गार्डन में पौधों को पानी दे रहा था। तस्वीर में भी उसके हाथ में पाइप दिखाई देता है और वह पौधों के पास खड़ा नजर आता है। दूसरी तरफ, रसोइया बताता है कि वह दोपहर का खाना बना रहा था और उसके सामने गैस स्टोव व बर्तन दिखाई दे रहे हैं। तीसरा व्यक्ति चौकीदार है, जिसका कहना है कि वह गेट पर बैठकर धूप सेक रहा था। इस पहेली का नाम 'जून की धूप और खून' रखा गया है, जो इस रहस्य को सुलझाने का सबसे बड़ा संकेत है।
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कैसे पकड़ें हत्यारे का सुराग?
इस पहेली की खासियत यही है कि जवाब सामने होने के बावजूद उसे पहचानने के लिए तस्वीर को सामान्य नजर से नहीं, बल्कि एक डिटेक्टिव की नजर से देखना पड़ता है। जब आप चौकीदार के बयान को ध्यान से देखते हैं, तो वह कहता है कि वह गेट पर बैठकर धूप सेक रहा था। लेकिन पहेली का नाम 'जून की धूप' है। जून के महीने में दोपहर की तेज गर्मी में कोई भी व्यक्ति आराम से बैठकर धूप नहीं सेक सकता है। यही कारण है कि चौकीदार का बयान सबसे ज्यादा संदिग्ध साबित होता है और वह इस पहेली का असली झूठा किरदार है।
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