भारतीय वन सेवा (IFS) के वरिष्ठ अधिकारी सुशांत नंदा द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर शेयर किए गए एक वीडियो ने इन दिनों वन्यजीव प्रेमियों और प्रकृति प्रेमियों के बीच खासी चर्चा बटोर ली है। इस वीडियो में पूर्वी भारत के किसी अज्ञात जंगल में दो दुर्लभ काले तेंदुए (Melanistic Leopards) एक साथ चहलकदमी करते नजर आ रहे हैं, जो अपने आप में एक अनोखा दृश्य है।
वीडियो के साथ साझा किए गए विवरण के अनुसार, जब जंगल पर रात का पहरा सा छा जाता है, तो प्रकृति का यह करिश्मा किसी जादू जैसा प्रतीत होता है। आनुवंशिक भिन्नता (Genetic Variation) के कारण इन तेंदुओं के शरीर में गहरे पिगमेंट की मात्रा बहुत अधिक होती है, जिससे उनका रंग काला दिखाई देता है। हालांकि, गौर से देखने पर उनके शरीर पर बने 'रोसेट्स' (धब्बे) किसी भूतिया आकृति की तरह स्पष्ट रूप से बने रहते हैं, जो इस प्रजाति की विशेषता है।
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यह वीडियो सामने आने के बाद से सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। एक्स पर इसे हजारों बार देखा जा चुका है और उपयोगकर्ता इस पर लगातार अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। कई वन्यजीव प्रेमियों ने इसे 'प्रकृति की सर्वश्रेष्ठ और दुर्लभ कृति' करार दिया है, तो वहीं कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि मेलैनिज्म (Melanism) की यह स्थिति वन्यजीव संरक्षण और आनुवंशिक अध्ययन के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है।
'द फ्रीलान्स' की प्राथमिक पड़ताल और वन्यजीव जानकारों के मुताबिक, काले तेंदुए सामान्य तेंदुओं (Panthera pardus) की ही एक उप-प्रजाति हैं, जिन्हें अक्सर पैंथर भी कह दिया जाता है। घने जंगलों में इनकी पैदाइश और छिपने की प्रवृत्ति के कारण इन्हें कैमरे में कैद करना बेहद कठिन होता है। पूर्वी भारत के जंगलों में एक साथ दो ऐसे तेंदुओं का दिखना क्षेत्र की समृद्ध जैव विविधता और वन्यजीव संरक्षण के प्रयासों को भी रेखांकित करता है। हालांकि, वीडियो के सटीक स्थान को लेकर गोपनीयता बरती गई है ताकि इन दुर्लभ जीवों की सुरक्षा पर कोई आंच न आए।







