पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी से बढ़ी ठंड, निचले क्षेत्रों में भी महसूस हुई सर्दी
देशभर में मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। उत्तर भारत के पहाड़ी राज्यों में हुई इस सीजन की पहली बर्फबारी ने मैदानी इलाकों तक सिहरन पैदा कर दी है। मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के बाद हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी का दौर शुरू हो गया है। इसके चलते तापमान में सामान्य से कई डिग्री की भारी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे आम जनजीवन प्रभावित हुआ है।
विशेषज्ञों का कहना है कि पहाड़ों पर लगातार हो रही बर्फबारी का सीधा असर उत्तर भारत के मैदानी इलाकों पर पड़ रहा है। दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में ठंडी हवाएं चलनी शुरू हो गई हैं। सुबह और शाम के वक्त हल्की धुंध के साथ ठंडक का अहसास होने लगा है। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में तापमान में और अधिक गिरावट आने की संभावना जताई है, जिससे यह संकेत मिलता है कि इस बार सर्दी जल्दी दस्तक दे सकती है।
उत्तर प्रदेश और राजस्थान में मौसम का बदला स्वरूप
मैदानी राज्यों की बात करें तो उत्तर प्रदेश और राजस्थान में भी मौसम के तेवर तल्ख नजर आ रहे हैं। पिछले कुछ दिनों से हुई बारिश और आंधी के बाद अब मौसम साफ होने लगा है, लेकिन तापमान में आई गिरावट ने लोगों को गर्म कपड़े निकालने पर मजबूर कर दिया है। राजस्थान के कई जिलों में रात के तापमान में भारी कमी दर्ज की गई है, जिससे अरावली की पहाड़ियों से घिरे इलाकों में हल्की ठंडक महसूस की जा रही है।
वहीं, उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में बारिश के बाद जलभराव और अन्य समस्याओं से लोगों को जूझना पड़ा है। हालांकि मौसम विभाग का अनुमान है कि अब धीरे-धीरे बाद छटेंगे और धूप खिलेगी, लेकिन सुबह और रात के तापमान में लगातार गिरावट का सिलसिला जारी रहेगा। किसानों को भी अपनी फसलों को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी गई है, क्योंकि बदलते मौसम का असर कृषि गतिविधियों पर भी पड़ सकता है.
दक्षिण भारत में भी बारिश का दौर जारी, कई राज्यों के लिए अलर्ट
एक तरफ जहां उत्तर भारत में ठंड ने दस्तक देनी शुरू कर दी है, वहीं दक्षिण भारत के कई राज्यों में अभी भी बारिश का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। मौसम विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, तमिलनाडु, केरल, आंध्र प्रदेश और कर्नाटक के कई हिस्सों में झमाझम बारिश होने की संभावना है। इन इलाकों में चक्रवात या मानसूनी गतिविधियों के प्रभाव के चलते गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने का अनुमान जताया गया है।
प्रशासन ने दक्षिणी राज्यों के तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की हिदायत दी है। मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है क्योंकि तटीय क्षेत्रों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। स्थानीय मौसम केंद्रों द्वारा लगातार निगरानी रखी जा रही है ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।
केदारनाथ यात्रा मार्ग पर मौसम की बाधा, यात्रियों को दी गई चेतावनी
उत्तराखंड के पहाड़ी जिलों में खराब मौसम का सीधा असर धार्मिक यात्राओं पर भी पड़ा है। रुद्रप्रयाग जिले में गौरीकुंड-केदारनाथ पैदल मार्ग पर पहाड़ी से पत्थर गिरने की घटनाएं सामने आई हैं, जिसके चलते कुछ यात्रियों को मामूली चोटें भी आई हैं। स्थानीय प्रशासन और राहत दलों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए घायलों को सुरक्षित बाहर निकाला और नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया है।
इसके अलावा, खराब विजिबिलिटी और तेज हवाओं के कारण केदारनाथ धाम की हेलीकॉप्टर सेवाओं को भी कुछ समय के लिए रोकना पड़ा है। मौसम विभाग ने साफ कर दिया है कि अगले कुछ दिनों तक पहाड़ी क्षेत्रों में मौसम का मिजाज ऐसा ही बना रह सकता है। ऐसे में प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा शुरू करने से पहले मौसम की स्थिति की पूरी जानकारी जरूर प्राप्त कर लें।
"देश के विभिन्न हिस्सों में मौसम तेजी से बदल रहा है। पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी और दक्षिण के राज्यों में सक्रिय मानसूनी हवाओं के कारण तापमान में उतार-चढ़ाव जारी रहेगा। नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वे स्थानीय मौसम विभाग की चेतावनियों पर नजर बनाए रखें और यात्रा के दौरान पूरी सावधानी बरतें।" — वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक, IMD
आगामी दिनों में कैसा रहेगा देश का मौसम?
आने वाले सप्ताह के पूर्वानुमान पर नजर डालें तो उत्तर-पश्चिम भारत में मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहने की उम्मीद है, लेकिन न्यूनतम तापमान में क्रमिक गिरावट दर्ज की जाएगी। सुबह के समय कोहरा छाने की भी शुरुआत हो सकती है, जिससे यातायात पर हल्का असर पड़ सकता है। वहीं, पूर्वी और पूर्वोत्तर राज्यों में भी छिटपुट बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं।
कुल मिलाकर, देश के मौसम में अब एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। गर्मी का असर अब लगभग समाप्त हो चुका है और सुहाना तथा ठंडा मौसम धीरे-धीरे अपनी जगह बना रहा है। आम जनता को सलाह दी जाती है कि वे बदलते मौसम के इस दौर में अपने स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखें और आवश्यक सावधानियां बरतें।









