विज्ञापन • ADVERTISEMENT
होम/देश/चुनाव आयोग के समर्थन में उतरे 42 पूर्व न्यायाधीश, कहा- संस्था की निष्पक्षता पर सवाल उठाना लोकतंत्र के लिए खतरनाक
देशपढ़ने में समय: 5 मिनट

चुनाव आयोग के समर्थन में उतरे 42 पूर्व न्यायाधीश, कहा- संस्था की निष्पक्षता पर सवाल उठाना लोकतंत्र के लिए खतरनाक

देश के 42 पूर्व न्यायाधीशों और न्यायविदों ने चुनाव आयोग के बचाव में कड़ा रुख अपनाया है। उनका कहना है कि मतदान प्रक्रिया और संवैधानिक संस्थाओं पर बार-बार सवाल उठाना लोकतंत्र की जड़ों को कमजोर करने का प्रयास है।
✍️
नेशनल डेस्क, द फ्रीलांस
राष्ट्रीय संपादकीय ब्यूरो•8 अक्टूबर 2026 • अपडेटेड•30
🌐Read in English →
शेयर करें:
चुनाव आयोग के समर्थन में उतरे 42 पूर्व न्यायाधीश, कहा- संस्था की निष्पक्षता पर सवाल उठाना लोकतंत्र के लिए खतरनाक
📷 चुनाव आयोग के समर्थन में उतरे 42 पूर्व न्यायाधीश, कहा- संस्था की निष्पक्षता पर सवाल उठाना लोकतंत्र के लिए खतरनाक — मुख्य घटनाक्रमफोटो साभार: रॉयटर्स / एजेंसीज़ / सोशल मीडिया

खबर की बड़ी बातें (Key Highlights)

  • देश के 42 पूर्व न्यायाधीशों और न्यायविदों ने चुनाव आयोग के बचाव में कड़ा रुख अपनाया है। उनका कहना है कि मतदान प्रक्रिया और संवैधानिक संस्थाओं पर बार-बार सवाल उठाना लोकतंत्र की जड़ों को कमजोर करने का प्रयास है।
  • इस खबर से जुड़े सभी पहलुओं की जांच और निगरानी संबंधित विभागों द्वारा की जा रही है।
  • विशेषज्ञों के अनुसार इस घटनाक्रम का आम जनता पर सीधा असर पड़ सकता है।

चुनावी प्रक्रिया और संस्थागत साख पर गहराता संकट

भारतीय लोकतंत्र की रीढ़ माने जाने वाली संवैधानिक संस्थाओं पर इन दिनों लगातार राजनीतिक और वैचारिक हमले किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में, देश की चुनावी व्यवस्था और मुख्य चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर उठ रहे सवालों के बीच देश के 42 प्रतिष्ठित पूर्व न्यायाधीशों और न्यायविदों ने एक कड़ा रुख अख्तियार किया है। इन प्रबुद्ध जनों ने एक साझा बयान जारी कर चुनाव आयोग का खुलकर समर्थन किया है। उनका साफ कहना है कि बिना किसी ठोस आधार के चुनाव आयोग जैसी स्वतंत्र संस्थाओं पर उंगली उठाना देश के लोकतांत्रिक ताने-बाने को सीधे तौर पर कमजोर करने जैसा है।

पिछले कुछ वर्षों में चुनावों के दौरान ईवीएम से लेकर मतगणना और आचार संहिता के पालन तक को लेकर राजनीतिक दलों द्वारा कई तरह के आरोप लगाए जाते रहे हैं। इन तमाम विवादों के बीच पूर्व न्यायाधीशों का यह बयान बेहद अहम माना जा रहा है। उन्होंने अपने संयुक्त पत्र में इस बात पर गहरी चिंता जताई है कि किस तरह राजनीतिक स्वार्थ के चलते हमारी स्वतंत्र संस्थाओं की विश्वसनीयता को जानबूझकर दांव पर लगाया जा रहा है, जिससे आम जनता के मन में संदेह पैदा होता है।

विज्ञापन • ADVERTISEMENT

लोकतंत्र की असली मुद्रा है जनता का अटूट भरोसा

पूर्व न्यायाधीशों के समूह ने अपने विस्तृत बयान में इस बात पर विशेष जोर दिया है कि किसी भी जीवंत लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत और उसकी असली मुद्रा नागरिकों का व्यवस्था के प्रति विश्वास होता है। जब कोई राजनीतिक दल या समूह अपनी हार या राजनीतिक नफा-नुकसान के चलते सीधे तौर पर चुनाव आयोग जैसी संस्था की ईमानदारी पर सवाल खड़े करता है, तो यह जनता के उस भरोसे को ठेस पहुंचाता है जो सदियों की लोकतांत्रिक यात्रा से हासिल हुआ है।

न्यायविदों का मानना है कि आलोचना लोकतंत्र का एक स्वस्थ हिस्सा हो सकती है, लेकिन संस्थागत तोड़-फोड़ और निराधार आरोपबाजी में बहुत बड़ा फर्क होता है। यदि चुनाव प्रक्रिया संचालित करने वाली संस्था ही सवालों के घेरे में आ जाएगी, तो देश की पूरी शासन प्रणाली पर ही संकट के बादल मंडराने लगेंगे। इसलिए यह जरूरी है कि तमाम राजनीतिक दल अपनी सीमाओं को समझें और संवैधानिक मर्यादाओं का पूर्ण सम्मान करें।

"लोकतंत्र की मजबूती इस बात पर टिकी है कि नागरिक और राजनीतिक दल चुनाव आयोग जैसी निष्पक्ष संस्थाओं के फैसलों का सम्मान करें। संस्थाओं पर बिना प्रमाण के शक करना लोकतंत्र के लिए घातक है।" — पूर्व न्यायविदों का साझा बयान

चुनावी सुधारों और निष्पक्षता पर न्यायविदों की दो टूक

देश के इन वरिष्ठ पूर्व जजों ने अपने इस पत्र में इस बात को भी रेखांकित किया है कि चुनाव आयोग ने समय-समय पर अपनी पारदर्शिता साबित करने के लिए कई बड़े कदम उठाए हैं। तकनीक के इस्तेमाल से लेकर मतदान की गोपनीयता और सुरक्षा तक, आयोग ने हर स्तर पर सुधार किए हैं। इसके बावजूद, चुनाव परिणामों के बाद हार का ठीकरा हमेशा व्यवस्था और आयोग के सिर फोड़ना एक खतरनाक राजनीतिक संस्कृति बनती जा रही है।

विशेषज्ञों और इन पूर्व न्यायविदों का मानना है कि चुनाव आयोग को मजबूत बनाए रखने की जिम्मेदारी सिर्फ सरकार की ही नहीं, बल्कि विपक्ष और हर एक नागरिक की है। यदि बिना किसी ठोस सबूत के चुनाव प्रक्रिया की शुचिता पर सवालिया निशान लगाए जाते रहेंगे, तो इससे अंततः देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था ही कमजोर होगी, जिसका खामियाजा पूरी जनता को भुगतना पड़ेगा।

राजनीतिक सरगर्मी के बीच न्यायपालिका और चुनाव आयोग का रिश्ता

वर्तमान राजनीतिक परिदृश्य में चुनाव आयोग की भूमिका को लेकर आए दिन बयानबाजी का दौर चलता रहता है। कभी विपक्ष आयोग के कामकाज के तौर-तरीकों पर आपत्ति जताता है, तो कभी सत्ता पक्ष की ओर से इसका कड़ा प्रतिवाद किया जाता है। ऐसे में 42 पूर्व न्यायाधीशों का यह खुला समर्थन इस बहस को एक नया मोड़ देता है। यह साफ संदेश देता है कि देश का पढ़ा-लिखा और न्याय जगत से जुड़ा प्रबुद्ध वर्ग अब मूकदर्शक बनकर नहीं बैठ सकता है।

आने वाले समय में देश के भीतर चुनावी सुधारों की दिशा और दशा तय करने में यह बहस बेहद महत्वपूर्ण साबित होने वाली है। एक तरफ जहां राजनीतिक दलों की अपनी मजबूरियां और दावे हैं, वहीं दूसरी तरफ संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा और उनकी स्वतंत्रता को बचाए रखना हर भारतीय नागरिक और लोकतंत्र के प्रहरी का नैतिक कर्तव्य बन गया है। पूर्व जजों की यह अपील देश को एक बार फिर आत्ममंथन करने का अवसर देती है कि हम अपनी लोकतांत्रिक संस्थाओं के साथ किस तरह का व्यवहार कर रहे हैं।

प्रायोजित • SPONSORED
❤️
100% पाठक समर्थित मीडिया

निष्पक्ष व निडर पत्रकारिता को आपका साथ चाहिए

द फ्रीलांस बिना किसी कॉर्पोरेट या राजनीतिक दबाव के जनसरोकार की खबरें आप तक पहुँचाता है। आपका छोटा सा योगदान भी हमारी स्वतंत्रता की ताकत है।

संबंधित खबरें

दिल्ली में 9 और 10 अक्टूबर को शराब की सभी दुकानें रहेंगी बंद, पुलिस इनपुट और विरोध प्रदर्शन के बाद बड़ा फैसला

दिल्ली में 9 और 10 अक्टूबर को शराब की सभी दुकानें रहेंगी बंद, पुलिस इनपुट और विरोध प्रदर्शन के बाद बड़ा फैसला

एलन मस्क के 'अंबानी रियल बॉस' वाले सवाल पर गरमाई सियासत, राहुल गांधी के तंज ने खींचा सबका ध्यान

एलन मस्क के 'अंबानी रियल बॉस' वाले सवाल पर गरमाई सियासत, राहुल गांधी के तंज ने खींचा सबका ध्यान

केरल से लेकर तमिलनाडु तक चुनावी सरगर्मी तेज, राजनीतिक दलों ने झोंकी पूरी ताकत

केरल से लेकर तमिलनाडु तक चुनावी सरगर्मी तेज, राजनीतिक दलों ने झोंकी पूरी ताकत

बिहार में छूटे नाम वोटर लिस्ट से जुड़ेंगे, SIR पर हंगामे के बीच चुनाव आयोग का फैसला

बिहार में छूटे नाम वोटर लिस्ट से जुड़ेंगे, SIR पर हंगामे के बीच चुनाव आयोग का फैसला

बेंगलुरु में कॉकरोच जनता पार्टी का बड़ा प्रदर्शन, प्रधानमंत्री मोदी और चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप

बेंगलुरु में कॉकरोच जनता पार्टी का बड़ा प्रदर्शन, प्रधानमंत्री मोदी और चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप

एलन मस्क के स्टारलिंक विवाद पर बड़ा बवाल, पूछा- क्या अंबानी भारत के असली बॉस हैं?

एलन मस्क के स्टारलिंक विवाद पर बड़ा बवाल, पूछा- क्या अंबानी भारत के असली बॉस हैं?

रूस में प्लेग शोधकर्ता की मौत, ट्रंप ने कहा अमेरिका रख रहा है हालात पर नज़र

रूस में प्लेग शोधकर्ता की मौत, ट्रंप ने कहा अमेरिका रख रहा है हालात पर नज़र

कॉकरोच जनता पार्टी के अभिजीत दीपके ने पीएम मोदी पर लगाए ‘लोकतंत्र की हत्या’ के आरोप, SIR के खिलाफ बेंगलुरु में प्रदर्शन

कॉकरोच जनता पार्टी के अभिजीत दीपके ने पीएम मोदी पर लगाए ‘लोकतंत्र की हत्या’ के आरोप, SIR के खिलाफ बेंगलुरु में प्रदर्शन

✍️

नेशनल डेस्क, द फ्रीलांस

सत्यापित संपादकीय डेस्क

राजनीतिक, नीतिगत एवं राष्ट्रीय सरोकार रिपोर्टिंग टीम

द फ्रीलांस की राष्ट्रीय संपादकीय डेस्क देश की राजनीति, संसद, नीतिगत फैसलों, केंद्रीय योजनाओं और जनसरोकार से जुड़े बड़े मुद्दों पर 24/7 निष्पक्ष, तथ्यपरक और खोजी रिपोर्टिंग करती है। यह टीम दोहरे तथ्य-सत्यापन के कठोर सिद्धांतों का पालन करती है। हम निष्पक्ष, सटीक और तथ्यात्मक पत्रकारिता के लिए प्रतिबद्ध हैं। यह समाचार रिपोर्ट विभिन्न प्रमाणित समाचार एजेंसियों, आधिकारिक बयानों और स्थानीय संवाददाताओं से प्राप्त इनपुट के आधार पर तैयार की जाती है।

विज्ञापन • ADVERTISEMENT

संबंधित विजुअल स्टोरीज (Web Stories)

TAP TO VIEW

‘election-commission-former-judges-letter’ व देश से जुड़ी अन्य बड़ी खबरें

दिल्ली में 9 और 10 अक्टूबर को शराब की सभी दुकानें रहेंगी बंद, पुलिस इनपुट और विरोध प्रदर्शन के बाद बड़ा फैसलाNATIONAL

दिल्ली में 9 और 10 अक्टूबर को शराब की सभी दुकानें रहेंगी बंद, पुलिस इनपुट और विरोध प्रदर्शन के बाद बड़ा फैसला

8 अक्टू॰44
एलन मस्क के 'अंबानी रियल बॉस' वाले सवाल पर गरमाई सियासत, राहुल गांधी के तंज ने खींचा सबका ध्यानNATIONAL

एलन मस्क के 'अंबानी रियल बॉस' वाले सवाल पर गरमाई सियासत, राहुल गांधी के तंज ने खींचा सबका ध्यान

8 अक्टू॰30
केरल से लेकर तमिलनाडु तक चुनावी सरगर्मी तेज, राजनीतिक दलों ने झोंकी पूरी ताकतNATIONAL

केरल से लेकर तमिलनाडु तक चुनावी सरगर्मी तेज, राजनीतिक दलों ने झोंकी पूरी ताकत

8 अक्टू॰41
बिहार में छूटे नाम वोटर लिस्ट से जुड़ेंगे, SIR पर हंगामे के बीच चुनाव आयोग का फैसलाNATIONAL

बिहार में छूटे नाम वोटर लिस्ट से जुड़ेंगे, SIR पर हंगामे के बीच चुनाव आयोग का फैसला

8 अक्टू॰38
बेंगलुरु में कॉकरोच जनता पार्टी का बड़ा प्रदर्शन, प्रधानमंत्री मोदी और चुनाव आयोग पर गंभीर आरोपNATIONAL

बेंगलुरु में कॉकरोच जनता पार्टी का बड़ा प्रदर्शन, प्रधानमंत्री मोदी और चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप

8 अक्टू॰41
एलन मस्क के स्टारलिंक विवाद पर बड़ा बवाल, पूछा- क्या अंबानी भारत के असली बॉस हैं?NATIONAL

एलन मस्क के स्टारलिंक विवाद पर बड़ा बवाल, पूछा- क्या अंबानी भारत के असली बॉस हैं?

8 अक्टू॰25
रूस में प्लेग शोधकर्ता की मौत, ट्रंप ने कहा अमेरिका रख रहा है हालात पर नज़रNATIONAL

रूस में प्लेग शोधकर्ता की मौत, ट्रंप ने कहा अमेरिका रख रहा है हालात पर नज़र

8 अक्टू॰24
कॉकरोच जनता पार्टी के अभिजीत दीपके ने पीएम मोदी पर लगाए ‘लोकतंत्र की हत्या’ के आरोप, SIR के खिलाफ बेंगलुरु में प्रदर्शनNATIONAL

कॉकरोच जनता पार्टी के अभिजीत दीपके ने पीएम मोदी पर लगाए ‘लोकतंत्र की हत्या’ के आरोप, SIR के खिलाफ बेंगलुरु में प्रदर्शन

8 अक्टू॰26
विज्ञापन • ADVERTISEMENT