नयी दिल्ली/बीजिंग/न्यूयॉर्क: 'द फ्रीलान्स' की विशेष ग्राउंड और डेस्क रिपोर्ट के अनुसार, विश्व टेनिस के गलियारों में इस समय केवल एक ही नाम गूंज रहा है—अलेक्जेंडर ज्वेरेव। जर्मन टेनिस स्टार ने हाल के हफ्तों में अपने खेल के स्तर को जिस बुलंदी पर पहुंचाया है, उसने न सिर्फ उनके आलोचकों को शांत किया है, बल्कि वैश्विक टेनिस सर्किट में एक नई बादशाहत की नींव रख दी है। यूएस ओपन के प्रतिष्ठित हार्ड कोर्ट से लेकर डेविस कप के दबाव भरे मुकाबलों और अब चीन ओपन की चमकती लाइट्स तक, ज्वेरेव का सफर जिद, मेहनत और उत्कृष्ट फॉर्म की दास्तां बयां करता है।
यूएस ओपन का अधूरा सपना और ऐतिहासिक जीत
साल 2020 का वह फाइनल ज्वेरेव के जेहन में एक कसक की तरह था, जहां वे जीत के बेहद करीब आकर फिसल गए थे। लेकिन कहते हैं न कि सब्र का फल मीठा होता है। छह साल के लंबे और संघर्षपूर्ण इंतजार के बाद, आखिरकार ज्वेरेव ने अमेरिका के युवा सनसनी बेन शेल्टन को चार सेटों के रोमांचक मुकाबले में पटखनी देकर अपने करियर का दूसरा ग्रैंड स्लैम और पहला यूएस ओपन खिताब अपने नाम किया। यह जीत सिर्फ एक ट्रॉफी नहीं थी, बल्कि यह उनके मानसिक लचीलेपन की सबसे बड़ी गवाही थी, जहां उन्होंने तमाम शारीरिक और मानसिक बाधाओं को पार करते हुए खुद को साबित किया।
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डेविस कप में जर्मनी के लिए संकटमोचन बने ज्वेरेव
ग्रैंड स्लैम की थकान से उबरते ही ज्वेरेव ने राष्ट्रीय कर्तव्य को प्राथमिकता दी। डेविस कप के महत्वपूर्ण दौर में जर्मनी की साख दांव पर थी। क्रोएशिया के खिलाफ मुकाबले में दुनिया के नंबर-2 खिलाड़ी ने एक बार फिर अपनी उपयोगिता साबित की। क्रोएशियाई खिलाड़ी के खिलाफ सीधे सेटों में 6-4, 7-6 से शानदार जीत दर्ज करते हुए उन्होंने न सिर्फ अपने व्यक्तिगत फॉर्म का लोहा मनवाया, बल्कि जर्मनी को कुल 3-1 से अजेय बढ़त दिलाते हुए फाइनल-8 में मजबूती से पहुंचा दिया। टीम के कप्तान और साथियों ने भी माना कि कोर्ट पर ज्वेरेव का नेतृत्व बेजोड़ था।
चीन ओपन में विजयी रथ और जोकोविच से महामुकाबला
यूरोपीय और अमेरिकी कोर्ट्स का सफर तय करने के बाद अब ज्वेरेव की निगाहें एशियाई सरज़मीं पर हैं। चीन ओपन में उनका जलवा लगातार जारी है। जहां एक ओर टूर्नामेंट में कोको गॉफ जैसे खिलाड़ी तीसरे दौर में पहुंचकर सुर्खियां बटोर रहे हैं, वहीं पुरुष वर्ग में अलेक्जेंडर ज्वेरेव ने एक बार फिर आसान जीत के साथ अगले दौर में प्रवेश किया है। जानकारों का मानना है कि ज्वेरेव की यह लय उन्हें टूर्नामेंट का प्रबल दावेदार बनाती है।
आगे की राह और जोकोविच चुनौती
"जब आप शीर्ष पर होते हैं, तो हर मैच एक परीक्षा बन जाता है। ज्वेरेव ने पिछले कुछ महीनों में दिखाया है कि वे इस दबाव को ऊर्जा में बदलना अच्छी तरह जानते हैं।" - खेल विश्लेषक
अब तमाम टेनिस प्रेमियों की निगाहें ज्वेरेव और दिग्गज नोवाक जोकोविच के बीच होने वाले आगामी हाई-वोल्टेज मुकाबले पर टिकी हैं। क्या ज्वेरेव जोकोविच के इस चक्रव्यूह को भेद पाएंगे? 'द फ्रीलान्स' की पड़ताल बताती है कि ज्वेरेव की मौजूदा फॉर्म, मजबूत सर्व और बेखौफ बेसलाइन गेम उन्हें इस मुकाबले में मामूली बढ़त जरूर देता है। लेकिन जोकोविच के अनुभव को कम आंकना भूल होगी। आने वाले दिन टेनिस जगत के लिए बेहद रोमांचक होने वाले हैं, और ज्वेरेव इस महागाथा के केंद्र में हैं।








