होम/देश/भारतीय विद्यार्थी मोर्चा का बड़ा प्रदर्शन: इलाहाबाद यूनिवर्सिटी में 52% सीटों की कटौती पर फूटा छात्रों का गुस्सा
देशपढ़ने में समय: 5 मिनट

भारतीय विद्यार्थी मोर्चा का बड़ा प्रदर्शन: इलाहाबाद यूनिवर्सिटी में 52% सीटों की कटौती पर फूटा छात्रों का गुस्सा

प्रयागराज के पत्थर गिरजाघर पर भारतीय विद्यार्थी मोर्चा के बैनर तले छात्रों ने जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान यूनिवर्सिटी में यूजी और पीजी की 52% सीटें कम करने के फैसले को तुरंत वापस लेने और बेरोजगारी भत्ता देने की मांग उठाई गई।
✍️
नेशनल डेस्क, द फ्रीलांस
राष्ट्रीय संपादकीय ब्यूरो•4 अक्टूबर 2026 • अपडेटेड•46
🌐Read in English →
शेयर करें:
भारतीय विद्यार्थी मोर्चा का बड़ा प्रदर्शन: इलाहाबाद यूनिवर्सिटी में 52% सीटों की कटौती पर फूटा छात्रों का गुस्सा
📷 भारतीय विद्यार्थी मोर्चा का बड़ा प्रदर्शन: इलाहाबाद यूनिवर्सिटी में 52% सीटों की कटौती पर फूटा छात्रों का गुस्सा — मुख्य घटनाक्रमफोटो साभार: रॉयटर्स / एजेंसीज़ / सोशल मीडिया

खबर की बड़ी बातें (Key Highlights)

  • प्रयागराज के सिविल लाइंस स्थित पत्थर गिरजाघर पर भारतीय विद्यार्थी मोर्चा की अगुवाई में छात्रों की विशाल महारैली हुई।
  • प्रदर्शनकारियों ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय में स्नातक और परास्नातक की करीब 52 प्रतिशत सीटों की कटौती के खिलाफ आवाज उठाई।
  • शिक्षा के निजीकरण और राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को वापस लेने की पुरजोर मांग की गई।
  • बेरोजगार युवाओं को भत्ता देने और रुकी हुई शिक्षक भर्ती प्रक्रिया को तुरंत बहाल करने की मांग रखी गई।

प्रयागराज में छात्रों का महासंग्राम, उमड़ी भारी भीड़

उत्तर प्रदेश के प्रमुख शैक्षिक केंद्र माने जाने वाले शहर में शनिवार को युवाओं का गुस्सा सड़कों पर साफ दिखाई दिया। मौका था भारतीय विद्यार्थी मोर्चा द्वारा आयोजित विशाल महारैली और प्रदर्शन का, जो सिविल लाइंस इलाके के प्रसिद्ध पत्थर गिरजाघर धरना स्थल पर संपन्न हुआ। इस आंदोलन में बड़ी संख्या में दूर-दराज के छात्र, युवा और विभिन्न छात्र संगठनों के कार्यकर्ता शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों के तेवर सरकार और विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ काफी आक्रामक नजर आए।

इस विरोध प्रदर्शन का मुख्य केंद्र बिंदु शिक्षा के क्षेत्र में हो रहे बदलाव और नीतियां रहीं। वक्ताओं ने मंच से साफ शब्दों में चेताया कि यदि छात्र हितों की अनदेखी का सिलसिला जारी रहा, तो इस आंदोलन को और अधिक व्यापक रूप दिया जाएगा। युवाओं की इस भीड़ ने प्रशासनिक दफ्तरों से लेकर सत्ता के गलियारों तक अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है।

धरना स्थल पर मौजूद छात्रों ने तख्तियां और बैनर थाम रखे थे, जिन पर शिक्षा के बाजारीकरण और बढ़ती बेरोजगारी के खिलाफ तीखे नारे लिखे हुए थे। पुलिस और प्रशासनिक अमला भी कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए मौके पर मुस्तैद दिखाई दिया, हालांकि प्रदर्शन पूरी तरह से शांतिपूर्ण रहा और युवाओं ने लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखी।

संबंधित खबरें

मैक्स वेरस्टैपेन: 2030 तक रेड बुल का साथ, रिकॉर्ड्स का अंबार और नया F1 रोमांच

मैक्स वेरस्टैपेन: 2030 तक रेड बुल का साथ, रिकॉर्ड्स का अंबार और नया F1 रोमांच

सावधान! भारत में हर साल 1.9 लाख लोग इस बड़ी वजह से हो रहे कैंसर के शिकार

सावधान! भारत में हर साल 1.9 लाख लोग इस बड़ी वजह से हो रहे कैंसर के शिकार

वेदांता पावर के शेयरों में भारी हलचल की उम्मीद: बिजली बिक्री में जबरदस्त उछाल, निवेशकों की नजर

वेदांता पावर के शेयरों में भारी हलचल की उम्मीद: बिजली बिक्री में जबरदस्त उछाल, निवेशकों की नजर

बिहार विधान परिषद चुनाव: प्रशांत किशोर के 'हॉट लाइन' फॉर्मूले ने बढ़ाई एनडीए की धड़कनें

बिहार विधान परिषद चुनाव: प्रशांत किशोर के 'हॉट लाइन' फॉर्मूले ने बढ़ाई एनडीए की धड़कनें

संत प्रेमानंद महाराज के केलीकुंज आश्रम में आंतरिक कलह: किडनी चोरी और नाबालिगों के गायब होने के गंभीर आरोपों से मचा हड़कंप

संत प्रेमानंद महाराज के केलीकुंज आश्रम में आंतरिक कलह: किडनी चोरी और नाबालिगों के गायब होने के गंभीर आरोपों से मचा हड़कंप

एक्टर राजू खेर का बड़ा खुलासा: टीवी चैनल के चक्कर में बेच दिया था घर, रातोरात हो गए थे कंगाल

एक्टर राजू खेर का बड़ा खुलासा: टीवी चैनल के चक्कर में बेच दिया था घर, रातोरात हो गए थे कंगाल

संजय दत्त का 'मुन्नाभाई' अवतार: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर कसा तंज, कहा- 'टैरिफ छोड़िए, तारीफ करना सीखिए'

संजय दत्त का 'मुन्नाभाई' अवतार: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर कसा तंज, कहा- 'टैरिफ छोड़िए, तारीफ करना सीखिए'

चुनाव आयोग के खिलाफ सड़क पर उतरा विपक्ष: मुंबई से दिल्ली तक हंगामा, पुलिस ने दर्ज की FIR

चुनाव आयोग के खिलाफ सड़क पर उतरा विपक्ष: मुंबई से दिल्ली तक हंगामा, पुलिस ने दर्ज की FIR

इलाहाबाद यूनिवर्सिटी में 52% सीटों की कटौती पर मचा बवाल

इस पूरे आंदोलन की सबसे बड़ी और मुख्य मांग इलाहाबाद विश्वविद्यालय में सीटों की भारी कटौती को तुरंत रोकना थी। छात्र नेताओं ने आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि संस्थान में यूजी और पीजी यानी स्नातक और परास्नातक पाठ्यक्रमों की लगभग 52 प्रतिशत सीटें कम कर दी गई हैं। इस कटौती की वजह से हजारों मेधावी और जरूरतमंद छात्रों के उच्च शिक्षा प्राप्त करने का सपना बीच में ही टूट रहा है।

वक्ताओं ने आरोप लगाया कि सीटों के कम होने से प्रवेश परीक्षा में प्रतिस्पर्धा अत्यधिक बढ़ जाएगी, जिसका सीधा नुकसान ग्रामीण पृष्ठभूमि और सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को उठाना पड़ेगा। यूनिवर्सिटी प्रशासन के इस कदम को छात्र समुदाय ने शिक्षा से वंचित करने की एक सोची-समझी साजिश करार दिया है।

छात्रों का कहना है कि एक तरफ सरकारें सबका साथ और सबका विकास का नारा देती हैं, वहीं दूसरी तरफ देश के प्रतिष्ठित केंद्रीय विश्वविद्यालयों में सीटें सीमित करके उच्च शिक्षा के दरवाजे आम जनता के लिए बंद किए जा रहे हैं। जब तक यह कटौती वापस नहीं ली जाती, तब तक उनका संघर्ष निरंतर जारी रहेगा।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 और निजीकरण के खिलाफ खुली जंग

भारतीय विद्यार्थी मोर्चा के बैनर तले हुए इस प्रदर्शन में केवल सीटों की कटौती ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 (NEP) को भी सिरे से खारिज किया गया। वक्ताओं ने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि यह नीति शिक्षा को आम आदमी की पहुंच से दूर कर रही है और इसे पूरी तरह से व्यावसायिक रूप दे रही है।

शिक्षा के तेजी से हो रहे निजीकरण पर गहरी चिंता जताते हुए छात्र नेताओं ने कहा कि इससे गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के बच्चों के लिए उच्च शिक्षा हासिल करना असंभव होता जा रहा है। महंगे होते शिक्षण संस्थानों और कोर्सों के कारण समाज का एक बड़ा वर्ग पढ़ाई छोड़ने के लिए मजबूर हो रहा है।

छात्र संगठनों ने मांग की कि सरकार को शिक्षा के व्यापारीकरण पर रोक लगानी चाहिए और सरकारी शिक्षण संस्थानों को मजबूत करना चाहिए ताकि हर वर्ग के छात्र को सस्ती और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके।

बेरोजगारी भत्ता और शिक्षक भर्ती पर सरकार से तीखे सवाल

शिक्षा के अलावा रोजगार का मुद्दा भी इस महारैली के केंद्र में रहा। देश और प्रदेश में बढ़ती बेरोजगारी को लेकर युवाओं ने सरकार के दावों की पोल खोली। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि जब तक युवाओं को स्थाई रोजगार नहीं मिलता, तब तक उन्हें सरकार की ओर से हर महीने बेरोजगारी भत्ता दिया जाए।

इसके साथ ही, लंबे समय से लटकी पड़ी शिक्षक भर्ती प्रक्रिया को तत्काल प्रभाव से शुरू करने की पुरजोर मांग उठाई गई। वक्ताओं ने कहा कि स्कूलों और विश्वविद्यालयों में शिक्षकों के हजारों पद खाली पड़े हैं, लेकिन भर्ती प्रक्रिया में हो रही अंतहीन देरी के कारण योग्य युवा ओवरएज हो रहे हैं और मानसिक रूप से प्रताड़ित हो रहे हैं।

"शिक्षा का निजीकरण और विश्वविद्यालयों में सीटों की भारी कटौती देश के युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। हम गरीब और मध्यमवर्गीय छात्रों के हक की यह लड़ाई तब तक लड़ते रहेंगे जब तक सरकार हमारी मांगें नहीं मान लेती।" — छात्र नेता, भारतीय विद्यार्थी मोर्चा

छात्राओं की सुरक्षा और भविष्य की रणनीति

शैक्षणिक और आर्थिक मांगों के साथ-साथ इस महासंग्राम में परिसरों और सार्वजनिक स्थलों पर छात्राओं की सुरक्षा का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। वक्ताओं ने कहा कि परिसरों में महिलाओं के लिए सुरक्षित माहौल का होना अनिवार्य है, लेकिन वर्तमान हालात चिंताजनक बने हुए हैं। छात्राओं के खिलाफ बढ़ रहे अपराधों पर रोक लगाने और कड़ी कार्रवाई करने की मांग की गई।

अंत में छात्र नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि जिला प्रशासन और विश्वविद्यालय प्रशासन ने जल्द ही इन सभी मांगों पर सकारात्मक रुख नहीं अपनाया, तो वे सड़कों से लेकर संसद तक बड़ा आंदोलन खड़ा करने के लिए बाध्य होंगे। इस प्रदर्शन ने एक बार फिर देश के युवा वर्ग के भीतर सुलग रहे असंतोष को सतह पर ला दिया है।

द फ्रीलांस पत्रकारिता नीति (Editorial Commitment):हम निष्पक्ष, सटीक और तथ्यात्मक पत्रकारिता के लिए प्रतिबद्ध हैं। यह समाचार रिपोर्ट विभिन्न प्रमाणित समाचार एजेंसियों, आधिकारिक बयानों और स्थानीय संवाददाताओं से प्राप्त इनपुट के आधार पर तैयार की गई है।
✍️

नेशनल डेस्क, द फ्रीलांस

सत्यापित संपादकीय डेस्क

राजनीतिक, नीतिगत एवं राष्ट्रीय सरोकार रिपोर्टिंग टीम

द फ्रीलांस की राष्ट्रीय संपादकीय डेस्क देश की राजनीति, संसद, नीतिगत फैसलों, केंद्रीय योजनाओं और जनसरोकार से जुड़े बड़े मुद्दों पर 24/7 निष्पक्ष, तथ्यपरक और खोजी रिपोर्टिंग करती है। यह टीम दोहरे तथ्य-सत्यापन के कठोर सिद्धांतों का पालन करती है।

संबंधित खबरें (Related Articles)

मैक्स वेरस्टैपेन: 2030 तक रेड बुल का साथ, रिकॉर्ड्स का अंबार और नया F1 रोमांचNATIONAL

मैक्स वेरस्टैपेन: 2030 तक रेड बुल का साथ, रिकॉर्ड्स का अंबार और नया F1 रोमांच

4 अक्टू॰51
सावधान! भारत में हर साल 1.9 लाख लोग इस बड़ी वजह से हो रहे कैंसर के शिकारNATIONAL

सावधान! भारत में हर साल 1.9 लाख लोग इस बड़ी वजह से हो रहे कैंसर के शिकार

4 अक्टू॰37
वेदांता पावर के शेयरों में भारी हलचल की उम्मीद: बिजली बिक्री में जबरदस्त उछाल, निवेशकों की नजरNATIONAL

वेदांता पावर के शेयरों में भारी हलचल की उम्मीद: बिजली बिक्री में जबरदस्त उछाल, निवेशकों की नजर

4 अक्टू॰44
बिहार विधान परिषद चुनाव: प्रशांत किशोर के 'हॉट लाइन' फॉर्मूले ने बढ़ाई एनडीए की धड़कनेंNATIONAL

बिहार विधान परिषद चुनाव: प्रशांत किशोर के 'हॉट लाइन' फॉर्मूले ने बढ़ाई एनडीए की धड़कनें

4 अक्टू॰44
संत प्रेमानंद महाराज के केलीकुंज आश्रम में आंतरिक कलह: किडनी चोरी और नाबालिगों के गायब होने के गंभीर आरोपों से मचा हड़कंपNATIONAL

संत प्रेमानंद महाराज के केलीकुंज आश्रम में आंतरिक कलह: किडनी चोरी और नाबालिगों के गायब होने के गंभीर आरोपों से मचा हड़कंप

4 अक्टू॰34
एक्टर राजू खेर का बड़ा खुलासा: टीवी चैनल के चक्कर में बेच दिया था घर, रातोरात हो गए थे कंगालNATIONAL

एक्टर राजू खेर का बड़ा खुलासा: टीवी चैनल के चक्कर में बेच दिया था घर, रातोरात हो गए थे कंगाल

4 अक्टू॰50
संजय दत्त का 'मुन्नाभाई' अवतार: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर कसा तंज, कहा- 'टैरिफ छोड़िए, तारीफ करना सीखिए'NATIONAL

संजय दत्त का 'मुन्नाभाई' अवतार: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर कसा तंज, कहा- 'टैरिफ छोड़िए, तारीफ करना सीखिए'

4 अक्टू॰34
चुनाव आयोग के खिलाफ सड़क पर उतरा विपक्ष: मुंबई से दिल्ली तक हंगामा, पुलिस ने दर्ज की FIRNATIONAL

चुनाव आयोग के खिलाफ सड़क पर उतरा विपक्ष: मुंबई से दिल्ली तक हंगामा, पुलिस ने दर्ज की FIR

4 अक्टू॰42