नई दिल्ली/ग्राउंड ब्यूरो — देश की राजनीति में एक नया और बड़ा बवंडर खड़ा हो गया है। जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के प्रोफेसर और मणिपुर से कांग्रेस सांसद अंगोमचा बिमोल अकोइजाम पर गंभीर आरोप लगे हैं। उन पर 11 छात्राओं ने यौन शोषण का आरोप लगाया है। इस सनसनीखेज मामले में दिल्ली पुलिस ने अब कड़ा कदम उठाते हुए सांसद को आधिकारिक नोटिस जारी किया है। पुलिस ने उन्हें पूछताछ के लिए थाने में पेश होने का आदेश दिया है। इस पूरी घटना के सामने आने के बाद से राजनीतिक गलियारों में हड़कंप मच गया है और दोनों प्रमुख राजनीतिक दलों के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है।
इस पूरे प्रकरण के तूल पकड़ने के बाद आरोपी सांसद ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने दावा किया है कि यह उनके खिलाफ एक सोची-समझी राजनीतिक साजिश है। सांसद ने मीडिया के सामने बयान देते हुए कहा कि अगर वह खुलकर सामने आए तो जेएनयू की कई छिपी हुई परतें और कलई खुल जाएगी। दूसरी तरफ, इस मामले में पीड़ित छात्राओं के समर्थन और आरोपी पर कार्रवाई की मांग को लेकर सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी हमलावर हो गई है। भाजपा की कई महिला सांसदों ने इस मामले को लेकर मोर्चा खोल दिया है और लगातार विरोध प्रदर्शन कर रही हैं।
भाजपा महिला सांसदों की राष्ट्रपति और लोकसभा अध्यक्ष से मुलाकात
मामले की गंभीरता को देखते हुए भारतीय जनता पार्टी की महिला सांसदों का एक प्रतिनिधिमंडल देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मिलने पहुंचा। महिला नेताओं ने राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपकर आरोपी सांसद को उनके पद से हटाने और सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। राष्ट्रपति भवन के बाद भाजपा की इन महिला सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से भी मुलाकात की। उन्होंने संसद के भीतर और बाहर इस मुद्दे को जोरदार तरीके से उठाने की बात कही है। महिला नेताओं का कहना है कि शैक्षणिक संस्थानों में इस तरह का आचरण कतई बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है और पीड़िताओं को जल्द से जल्द न्याय मिलना चाहिए।
शिकायत दर्ज कराने वाली 11 छात्राओं ने पुलिस को दिए अपने बयानों में उत्पीड़न की गंभीर घटनाओं का जिक्र किया है। छात्राओं का आरोप है कि प्रोफेसर और सांसद होने के रुतबे का इस्तेमाल करके उन्हें लगातार डराया धमकाया गया। इस मामले में दिल्ली पुलिस अब कानूनी प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि नोटिस मिलने के बाद आरोपी सांसद का पक्ष सुना जाएगा और उसके बाद आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। जेएनयू प्रशासन और परिसर के भीतर भी इस हाई-प्रोफाइल मामले को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं।
राजनीतिक दलों के बीच छिड़ी तीखी जंग और आगे की राह
इस पूरे घटनाक्रम ने मणिपुर की राजनीति के साथ-साथ राष्ट्रीय राजधानी की राजनीति को भी गरमा दिया है। एक तरफ जहां कांग्रेस पार्टी अपने सांसद के बचाव में उतरी है और इसे राजनीतिक प्रतिशोध बता रही है, वहीं दूसरी तरफ भाजपा इस मुद्दे पर कोई नरमी बरतने के मूड में नहीं दिख रही है। महिलाओं की सुरक्षा और जेएनयू जैसे प्रतिष्ठित संस्थान की गरिमा से जुड़ा होने के कारण यह मामला देश भर में मुख्य चर्चा का विषय बन गया है। आने वाले दिनों में पुलिस की जांच और पूछताछ के बाद इस मामले में कई और नए खुलासे होने की पूरी संभावना है।
द फ्रीलान्स की टीम इस मामले की लगातार जमीनी और कानूनी पड़ताल कर रही है। हम यह जानने की कोशिश कर रहे हैं कि पुलिस जांच में आगे क्या नए तथ्य सामने आते हैं। शैक्षणिक संस्थानों में छात्राओं की सुरक्षा और न्याय सुनिश्चित करने के लिए यह मामला एक बड़ा मील का पत्थर साबित हो सकता है। जैसे ही इस मामले में कोई नया आधिकारिक बयान या पुलिस अपडेट आएगा, हमारी टीम सबसे पहले आप तक पहुंचाएगी। तब तक इस हाई-प्रोफाइल मामले पर देश की निगाहें टिकी हुई हैं।






