सिनेमा जगत का वह सदाबहार गीत, जिसने पांच दशकों से बना रखा है अपना जादू
भारतीय सिनेमा के इतिहास में कई ऐसे गाने दर्ज हैं जो रिलीज होने के कुछ ही हफ्तों बाद भुला दिए जाते हैं, लेकिन कुछ गीत ऐसे भी होते हैं जो समय की हर सीमा को पार करके अमर हो जाते हैं। दिग्गज गायिका आशा भोसले की सुरीली आवाज में सजा एक ऐसा ही कल्ट गाना आज भी लोगों के दिलों पर राज कर रहा है। संगीत प्रेमियों की जुबान पर इस गाने का जादू पिछले 53 सालों से लगातार बना हुआ है। जब भी पार्टी या उत्सव का माहौल होता है, इस गाने के बिना महफिल अधूरी सी लगती है।
आज के दौर में किट्टी पार्टियों का चलन आम हो चुका है, जहां महिलाएं एकत्र होकर मौज-मस्ती करती हैं। हैरानी की बात यह है कि इन आधुनिक पार्टियों में भी पांच दशक पुराना यह गाना अनिवार्य रूप से बजाया जाता है। यह इस बात का प्रमाण है कि पुरानी धुनों और उम्दा गायकी का कोई मुकाबला नहीं है। इस गीत की ऊर्जा और इसका संगीत आज की युवा पीढ़ी को भी झूमने पर मजबूर कर देता है।
इस ऐतिहासिक गीत से जुड़ी कई ऐसी दिलचस्प बातें हैं जो आज की पीढ़ी को हैरान कर सकती हैं। आखिर क्या था इस गाने का इतिहास और किस तरह से इसने सिनेमा के पन्नों पर अपनी एक अलग अमिट छाप छोड़ी, आइए इसके हर पहलू पर विस्तार से नजर डालते हैं।
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फिल्म 'अनहोनी' और लेडी विलेन बिंदू पर फिल्माया गया था यह ऐतिहासिक ट्रैक
हम बात कर रहे हैं साल 1973 में रिलीज हुई सस्पेंस और ड्रामे से भरपूर फिल्म 'अनहोनी' की। इस फिल्म में अभिनेता संजीव कुमार, लीना चंदावरकर और किट्टी ईरानी जैसे दिग्गज कलाकारों ने मुख्य भूमिकाएं निभाई थीं। इसी फिल्म का एक ऐसा चटपटा और एनर्जेटिक गाना था जिसके बोल थे- 'हंगामा हो गया'। इस गाने ने रिलीज के साथ ही बॉक्स ऑफिस और संगीत प्रेमियों के बीच तहलका मचा दिया था।
इस गाने की सबसे बड़ी खासियत यह थी कि इसे उस दौर की मशहूर खलनायिका यानी 'लेडी विलेन' के रूप में पहचानी जाने वाली अभिनेत्री बिंदू पर फिल्माया गया था। हिंदी सिनेमा में अमूल्य योगदान देने वाली बिंदू अपनी बेहतरीन अदाकारी और शानदार डांस मूव्स के लिए जानी जाती थीं। जब उन्होंने इस गाने पर परफार्म किया, तो पर्दे पर उनकी ऊर्जा देखने लायक थी। यही वजह है कि यह गाना आज भी उनकी बेहतरीन पहचान के साथ जुड़ा हुआ है।
फिल्मों में आमतौर पर नायिकाओं पर रोमांटिक या सैड गाने फिल्माए जाते थे, लेकिन एक वैम्प या नेगेटिव किरदार निभाने वाली अभिनेत्री पर इतना धमाकेदार पार्टी सॉन्ग फिल्माया जाना उस समय के लिहाज से एक नया प्रयोग था। इस प्रयोग ने दर्शकों के बीच जबरदस्त सफलता हासिल की और गाना रातों-रात सुपरहिट बन गया।
आशा भोसले की जादुई आवाज और कल्याणी-आनंदजी का बेजोड़ संगीत
किसी भी गाने की सफलता के पीछे उसके संगीतकारों और गायकों का बहुत बड़ा हाथ होता है। 'हंगामा हो गया' गाने को अपनी जादुई आवाज से सजाने वाली आशा भोसले थीं। आशा ताई की गायकी का अंदाज हमेशा से ही काफी जुदा और एनर्जेटिक रहा है। उनकी बड़ी बहन और सुर साम्राज्ञी लता मंगेशकर की तरह ही उन पर भी मां सरस्वती की असीम कृपा थी। आशा भोसले ने जिस भी गाने को अपनी आवाज दी, वह सीधे सुनने वालों के दिलों में उतर गया।
इस गाने को संगीतबद्ध किया था उस दौर की मशहूर संगीतकार जोड़ी कल्याणी-आनंदजी ने। उनके द्वारा तैयार की गई धुन इतनी अनूठी और मनमोहक थी कि आज भी जब यह गाना बजता है, तो पैर थिरकने लगते हैं। गाने के बोल और संगीत का तालमेल इतना बेहतरीन था कि इसने देश ही नहीं बल्कि विदेशों में भी अपनी अमिट छाप छोड़ी।
"संगीत की दुनिया में कुछ गाने ऐसे होते हैं जो कभी बूढ़े नहीं होते। आशा ताई की आवाज और हमारे द्वारा गढ़ी गई धुन ने मिलकर ऐसा जादू चलाया जो आज भी पीढ़ियों को मंत्रमुग्ध कर रहा है।" — संगीतकार जोड़ी का पुराना संस्मरण
आज भी किट्टी पार्टियों का सबसे पसंदीदा और लोकप्रिय एंथम
समय बहुत तेजी से बदल रहा है, फिल्मों का संगीत और फैशन भी हर दशक में नया रूप ले रहा है। आज के समय में रैप और इलेक्ट्रॉनिक म्यूजिक का दौर है, लेकिन इसके बावजूद 70 के दशक का यह पुराना गाना आज भी अपनी जगह मजबूत बनाए हुए है। महिलाओं की किट्टी पार्टियों की बात हो या फिर किसी थ्रोबैक पार्टी की, डीजे की प्लेलिस्ट में 'हंगामा हो गया' गाना सबसे ऊपर पाया जाता है।
इस गाने की लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि आज के आधुनिक डीजे रीमिक्स दौर में भी इसके ओरिजिनल वर्जन को लोग उतनी ही शिद्दत से सुनना पसंद करते हैं। यह इस बात का सबूत है कि कला जब पूरी ईमानदारी और हुनर के साथ रची जाती है, तो वह कालजयी बन जाती है। आज की युवा पीढ़ी भी जब इस गाने के बीट्स पर थिरकती है, तो उन्हें अंदाजा भी नहीं होता कि यह गाना उनकी पैदाइश से भी कई साल पुराना है।
निष्कर्ष: अमर गानों की विरासत और उनका कभी न खत्म होने वाला आकर्षण
आशा भोसले का यह प्रतिष्ठित गाना हमें यह सिखाता है कि अच्छा संगीत कभी पुराना नहीं होता। भले ही तकनीक बदल गई हो और सुनने के साधन बदल गए हों, लेकिन दिल को छू लेने वाली धुनें हमेशा अमर रहती हैं। 'हंगामा हो गया' जैसे गीत इस बात की मिसाल हैं कि सिनेमा का पुराना दौर कितना समृद्ध और प्रयोगधर्मी था। आने वाले समय में भी जब तक संगीत प्रेमियों की महफिलें सजती रहेंगी, आशा ताई की यह सुरीली सौगात इसी तरह लोगों के दिलों पर राज करती रहेगी।








