मैड्रिड/ग्राउंड ब्यूरो — फुटबॉल की दुनिया से इस समय बार्सिलोना क्लब और उसके चाहने वालों के लिए लगातार बुरी खबरें सामने आ रही हैं। मैदान पर टीम का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं हो रहा है और कई मोर्चों पर नाकामी हाथ लग रही है। एक तरफ जहां खेल के मैदान पर गलतियों के कारण हार का सामना करना पड़ रहा है, वहीं दूसरी तरफ यूरोप के सबसे बड़े टूर्नामेंट यानी चैंपियंस लीग में भी टीम की स्थिति बहुत कमजोर हो गई है। हालात यह हैं कि बार्सिलोना पर अब चैंपियंस लीग से बाहर होने का असली खतरा मंडराने लगा है। क्लब के फैंस इस बात से बहुत दुखी हैं कि उनकी पसंदीदा टीम इस तरह से संघर्ष कर रही है।
मैदान पर हाल ही में हुए मुकाबलों में बार्सिलोना के खिलाड़ियों से कुछ ऐसी बड़ी भूल हुईं जिनका सीधा असर मैच के नतीजों पर पड़ा। स्पैनिश सुपर कप के सेमीफाइनल मुकाबले के दौरान वीडियो असिस्टेंट रेफरी यानी वीएआर के दखल के बाद बार्सिलोना के एक खिलाड़ी से बेहद घातक गलती हो गई। इस एक चूक ने पूरे मैच का पासा पलट दिया और टीम को हार का सामना करना पड़ा। इससे पहले रॉयल एंटवर्प के खिलाफ खेले गए मुकाबले में भी मार्को गुइउ ने भले ही शानदार गोल दागा, लेकिन अंत में बार्सिलोना को हार ही मिली। इसके अलावा एटलेटिको मैड्रिड के खिलाफ होने वाले मुकाबलों को लेकर भी टीम के खेमे में भारी तनाव बना हुआ है।
चैंपियंस लीग से बाहर होने का गंभीर खतरा
यूरोप के सबसे प्रतिष्ठित क्लब टूर्नामेंट चैंपियंस लीग में बार्सिलोना का सफर अब बहुत मुश्किल नजर आ रहा है। अंक तालिका में पिछड़ने और लगातार लचर प्रदर्शन के कारण क्लब पर टूर्नामेंट से बाहर होने की तलवार लटक रही है। कोच और खिलाड़ियों पर लगातार दबाव बढ़ता जा रहा है क्योंकि अगर आने वाले मैचों में चमत्कारिक प्रदर्शन नहीं हुआ, तो टीम इस बड़े टूर्नामेंट से बाहर हो जाएगी। क्लब प्रबंधन और समर्थक इस बात से खासे चिंतित हैं कि यूरोपीय फुटबॉल में अपनी धाक जमाने वाली यह टीम आज इस दौर से गुजर रही है। रक्षात्मक कमजोरियों और गोल करने के मौकों को गंवाने की आदत ने टीम की मुश्किलें और ज्यादा बढ़ा दी हैं।
खिलाड़ियों के स्तर पर भी इस समय बहुत बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। बार्सिलोना और चेल्सी जैसे बड़े क्लबों के लिए लंबे समय तक अपनी जादुई विंग खेल से पहचान बनाने वाले दिग्गज खिलाड़ी पेड्रो ने अब फुटबॉल से संन्यास लेने का फैसला कर लिया है। पेड्रो के इस फैसले से दुनिया भर के फुटबॉल प्रेमी निराश हैं क्योंकि उन्होंने अपने खेल के दिनों में अनगिनत यादगार पल दिए थे। उनके संन्यास की खबर ऐसे समय आई है जब बार्सिलोना खुद अपने सुनहरे दौर को वापस पाने के लिए संघर्ष कर रहा है। युवा खिलाड़ियों को मौका जरूर मिल रहा है, लेकिन अनुभव की कमी मैदान पर साफ दिखाई दे रही है।
आने वाले मैचों में वापसी की कड़ी चुनौती
बार्सिलोना के सामने अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि वह इस खराब दौर से बाहर कैसे निकलेगी। आगामी मुकाबलों में टीम को अपनी रणनीति पूरी तरह बदलनी होगी ताकि डिफेंस की गलतियों को सुधारा जा सके। कोच के लिए यह समय बहुत कठिन है क्योंकि हर हार के बाद उन पर सवाल उठ रहे हैं। घरेलू लीग हो या यूरोप का मंच, बार्सिलोना को अपनी खोई हुई प्रतिष्ठा वापस पाने के लिए अब हर मैच में अपनी जान झोंकनी होगी। खिलाड़ी और फैंस दोनों ही यही उम्मीद कर रहे हैं कि टीम जल्द ही अपनी पुरानी लय हासिल करेगी और इन तमाम संकटों से पार पाकर मैदान पर एक बार फिर से जीत का परचम लहराएगी।






