नई दिल्ली/ग्राउंड ब्यूरो — अंतरराष्ट्रीय कूटनीति की दुनिया से एक बेहद दिलचस्प और चौंकाने वाला बयान सामने आया है। भारत के पड़ोसी देश भूटान के प्रधानमंत्री ने भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की खुलकर तारीफ की है। उन्होंने पीएम मोदी को भगवान विष्णु का अवतार तक बता दिया है। भूटान के प्रधानमंत्री के इस बयान के बाद दोनों देशों के आपसी रिश्तों को लेकर एक बार फिर से वैश्विक स्तर पर चर्चा शुरू हो गई है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब भारत अपने पड़ोसी देशों के साथ संबंधों को मजबूत करने पर सबसे ज्यादा जोर दे रहा है। भारत और भूटान की दोस्ती हमेशा से ही दोनों देशों के बीच आपसी विश्वास और सहयोग का एक बड़ा उदाहरण रही है। इस बयान से साफ है कि भारत के प्रधानमंत्री की लोकप्रियता सिर्फ देश के भीतर ही नहीं बल्कि पड़ोसी देशों में भी किस हद तक बढ़ चुकी है।
भूटान के प्रधानमंत्री ने भारत और भूटान के पुराने रिश्तों को याद करते हुए दोनों देशों की दोस्ती पर कई बड़ी बातें कहीं। उन्होंने कहा कि भारत हमेशा से ही भूटान का एक सच्चा और भरोसेमंद दोस्त रहा है। जरूरत के हर समय पर भारत ने बिना किसी शर्त के भूटान की मदद की है। चाहे बात कोरोना महामारी के दौरान वैक्सीन भेजने की हो या फिर आर्थिक और ढांचागत विकास परियोजनाओं की, भारत ने हमेशा बड़े भाई की भूमिका निभाई है। भूटान के प्रधानमंत्री का यह बयान सोशल मीडिया पर भी काफी तेजी से वायरल हो रहा है। लोग इस बयान पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं और इसे भारत की बढ़ती कूटनीतिक ताकत का नतीजा मान रहे हैं।
वैश्विक मंच पर बढ़ रहा है भारत का कद
पिछले कुछ सालों में दुनिया भर के नेताओं ने पीएम मोदी की कार्यशैली और उनके नेतृत्व की तारीफ की है। अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन से लेकर रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन तक ने कई मौकों पर पीएम मोदी की सराहना की है। अब इसमें पड़ोसी देश भूटान के प्रधानमंत्री का नाम भी जुड़ गया है। कूटनीति के जानकारों का मानना है कि प्रधानमंत्री मोदी की 'नेबरहुड फर्स्ट' यानी पड़ोसियों को प्राथमिकता देने की नीति का ही यह असर है। भारत अपने हर पड़ोसी देश के साथ व्यापार, संस्कृति और सुरक्षा के मामलों में लगातार गहराई से जुड़ रहा है। भूटान के साथ भारत का रिश्ता केवल कूटनीति तक सीमित नहीं है, बल्कि दोनों देशों के लोगों के बीच दिल का रिश्ता है। इस तरह के बयान दोनों देशों की जनता के बीच आपसी प्रेम और भाईचारे को और ज्यादा मजबूत करने का काम करते हैं।
भूटान के अलावा दुनिया के दूसरे हिस्सों से भी भारत और प्रधानमंत्री मोदी के पक्ष में लगातार अच्छे संदेश आ रहे हैं। हाल ही में अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी एक बार फिर प्रधानमंत्री मोदी की तारीफ की है। ट्रंप ने उन्हें एक बेहतरीन व्यक्ति बताते हुए कहा है कि वे भारत के लिए बहुत शानदार काम कर रहे हैं। दुनिया के दो अलग-अलग कोनों से आ रहे ऐसे बयान बताते हैं कि अंतरराष्ट्रीय राजनीति में भारत की भूमिका कितनी अहम हो गई है। आज दुनिया के बड़े देश भारत को एक भविष्य की महाशक्ति के रूप में देख रहे हैं। ऐसे में पड़ोसी देश के मुखिया द्वारा इस तरह की बातें कहना भारत के बढ़ते प्रभाव पर मुहर लगाता है।
भारत के पड़ोसी देशों में भूराजनीतिक हलचल
एक तरफ जहां भूटान के साथ भारत के रिश्ते बेहद मधुर और मजबूत बने हुए हैं, वहीं दूसरी तरफ भारत के आस-पास के दूसरे इलाकों में भूराजनीतिक तनाव भी लगातार बढ़ रहा है। हाल ही में अमेरिका ने श्रीलंका को लेकर एक सख्त चेतावनी जारी की है। अमेरिका ने श्रीलंका को साफ शब्दों में कहा है कि अगर उसने ईरान की मदद की तो उसके परिणाम बहुत बुरे हो सकते हैं। भारत के दक्षिणी छोर पर स्थित श्रीलंका में इस तरह की अमेरिकी चेतावनियों से भारत के सुरक्षा रणनीतिकार भी पूरी नजर बनाए हुए हैं। भारत हमेशा से चाहता है कि उसके आस-पास का पूरा क्षेत्र शांतिपूर्ण और स्थिर रहे, ताकि विकास के काम बिना किसी रुकावट के आगे बढ़ सकें।
दिल्ली और देश के अन्य हिस्सों में भी घरेलू राजनीति और विकास के मुद्दों पर गहमागहमी का माहौल है। दिल्ली में बारापुला फेज-3 प्रोजेक्ट को लेकर चल रहे ट्रैफिक जाम और राजनीतिक बयानों का दौर भी जारी है। राजनीतिक दलों के नेता एक-दूसरे पर कमियां निकालने में जुटे हैं। हालांकि इन तमाम घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उठापटक के बीच भूटान के प्रधानमंत्री का यह बयान भारत के लिए एक बड़ी कूटनीतिक जीत की तरह देखा जा रहा है। द फ्रीलान्स की टीम इस पूरे मामले पर अपनी पैनी नजर बनाए रखेगी और आगे भी हर अपडेट आप तक पहुंचाती रहेगी।


