नई दिल्ली/ग्राउंड ब्यूरो — देश की राजनीति में इन दिनों बगावत और पलटवार का दौर बहुत तेजी से चल रहा है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी के आक्रामक बयानों से सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी सकते में आ गई है। पार्टी ने राहुल गांधी के हर एक हमले का तुरंत और कड़ा जवाब देने की रणनीति बनाई है। हालात यह हैं कि महज बारह घंटे के भीतर भाजपा की तरफ से चार बड़ी प्रेस कॉन्फ्रेंस की गईं। इसके अलावा पार्टी के दो बड़े केंद्रीय मंत्रियों ने भी मोर्चा संभालते हुए राहुल गांधी के बयानों की कड़ी निंदा की है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि भाजपा ने इतनी कम अवधि में इतनी बड़ी संख्या में प्रेस कॉन्फ्रेंस करके अपनी पूरी राजनीतिक ताकत झोंक दी है। यह इस बात का साफ संकेत है कि पार्टी विपक्ष के हमलों को किसी भी कीमत पर नजरअंदाज नहीं करना चाहती है। राहुल गांधी लगातार सरकार की नीतियों और फैसलों पर सवाल उठा रहे हैं। उनके इन तेवरों से पार्टी के भीतर बेचैनी साफ देखी जा सकती है। इसी रणनीति के तहत पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ताओं से लेकर मंत्रियों तक को मैदान में उतार दिया गया है ताकि जनता के बीच गलत संदेश न जाए।
बारह घंटे में चार प्रेस कॉन्फ्रेंस का सियासी संदेश
बीते कुछ दिनों से राहुल गांधी के भाषणों में तीखापन काफी बढ़ गया है। वे हर मंच से सरकार को घेरने की कोशिश कर रहे हैं। उनके इन बयानों का जवाब देने के लिए भाजपा मुख्यालय में बैठकों का दौर लगातार जारी है। पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने साफ निर्देश दिए हैं कि विपक्ष के हर एक आरोप का तथ्यों के साथ तुरंत खंडन किया जाए। इसी कड़ी में महज आधे दिन के अंदर चार अलग-अलग समय पर प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गईं। इन बैठकों में पार्टी के बड़े नेताओं ने राहुल गांधी के बयानों को झूठ का पुलिंदा बताया और उन पर देश को गुमराह करने का गंभीर आरोप लगाया।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मंत्रियों ने आंकड़ों के जरिए राहुल गांधी के दावों की धज्जियां उड़ाईं। उन्होंने कहा कि विपक्ष के पास कोई ठोस मुद्दा नहीं बचा है इसलिए वे केवल अनर्गल बयानबाजी कर रहे हैं। मंत्रियों ने जोर देकर कहा कि देश की जनता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पूरी तरह से विश्वास रखती है। विपक्ष के इस तरह के हमलों से सरकार की लोकप्रियता पर कोई असर नहीं पड़ने वाला है। हालांकि, इतनी हड़बड़ी में किए गए पलटवार से यह भी साफ हो गया है कि भाजपा विपक्ष के आक्रामक रुख से थोड़ी चिंता में जरूर है।
मंत्रियों के बयानों से गरमाई दिल्ली की सियासत
इस पूरे घटनाक्रम में दो प्रमुख केंद्रीय मंत्रियों की एंट्री ने राजनीति को और ज्यादा गरमा दिया है। इन मंत्रियों ने मीडिया के सामने आकर राहुल गांधी पर सीधे और तीखे व्यक्तिगत हमले किए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता सिर्फ राजनीतिक जमीन तलाशने के लिए बेबुनियाद आरोप लगा रहे हैं। मंत्रियों ने यह भी कहा कि देश की जनता कांग्रेस के पुराने इतिहास को अच्छी तरह जानती है और अब उनके बहकावे में आने वाली नहीं है। सरकार की तरफ से यह आक्रामक रुख इस बात का प्रमाण है कि आगामी चुनावों से पहले सियासी पारा काफी ऊपर जाने वाला है।
जमीनी स्तर पर भी इसका असर साफ दिखाई दे रहा है। भाजपा के कार्यकर्ता और नेता अब हर मंच पर कांग्रेस के खिलाफ आक्रामक तेवर अपना रहे हैं। सोशल मीडिया से लेकर सड़क तक इस बात की चर्चा है कि भाजपा ने राहुल गांधी को रोकने के लिए अपनी पूरी मशीनरी को एक साथ सक्रिय कर दिया है। राजनीतिक दलों के बीच चल रही यह बयानबाजी आने वाले दिनों में और अधिक तेज होने के पूरे आसार हैं। द फ्रीलान्स की टीम इस पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर बनाए हुए है और आगे भी जमीनी अपडेट आप तक पहुंचाती रहेगी।




