सिनेमाघरों में फिल्मों की रोमांचक जंग
भारतीय सिनेमा के पर्दे पर इन दिनों टिकट खिड़की पर दिलचस्प खेल चल रहा है। एक तरफ जहाँ लंबे समय से जमी बैठी फिल्में दर्शकों को बांधे रखने में कामयाब रही हैं, वहीं दूसरी तरफ हर हफ्ते उतरने वाली नई कहानियों ने मुकाबले को और भी कड़ा कर दिया है। पिछले कुछ हफ्तों से बॉक्स ऑफिस पर एकछत्र राज करने वाली फिल्मों के सामने अब नए विकल्पों की चुनौती आ खड़ी हुई है। दर्शक भी सिनेमाघरों का रुख करते समय इस बात पर गौर कर रहे हैं कि किस फिल्म में उन्हें मनोरंजन का पूरा डोज मिल रहा है।
इस ताजा घमासान में कई बड़े नामों की फिल्में आमने-सामने हैं। निर्माताओं से लेकर वितरकों तक की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि कौन सी फिल्म लंबे रेस का घोड़ा साबित होगी। त्योहारों और सप्ताहांत के आंकड़ों ने यह साबित कर दिया है कि भारतीय दर्शक अब लीक से हटकर कुछ नया देखना पसंद कर रहे हैं, बशर्ते कहानी में दम हो।
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'हनुमान अंश' के विजय रथ पर ब्रेक या सामान्य गिरावट?
सिनेमाघरों में पचास दिन का ऐतिहासिक सफर तय करने वाली फिल्म 'हनुमान अंश' ने बॉक्स ऑफिस पर कई रिकॉर्ड अपने नाम किए हैं। हालांकि, अब थिएटर्स में नई फिल्मों के आने की वजह से इसके प्रदर्शन पर थोड़ा असर पड़ना लाजिमी था। शुरुआती हफ्तों में जहां हजारों स्क्रीन्स पर यह फिल्म धूम मचा रही थी, वहीं अब स्क्रीन काउंट कम होने की वजह से इसकी दैनिक कमाई में हल्की सुस्ती आई है।
व्यापार विश्लेषकों का मानना है कि किसी भी फिल्म के लिए पचास दिनों तक सिनेमाघरों में टिके रहना और करोड़ों की कमाई जारी रखना अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है। भले ही अब नए प्रतिद्वंद्वी मैदान में उतर आए हों, लेकिन इस फिल्म ने जो मुकाम हासिल कर लिया है, वह आने वाले समय में एक मिसाल रहेगा। दर्शकों का एक बड़ा वर्ग अब भी इस फिल्म को देखने के लिए पहुंच रहा है, जो इसकी मजबूत पटकथा का प्रमाण है।
सिद्धार्थ मल्होत्रा की 'द वन' का धमाकेदार आगाज
इस हफ्ते रिलीज हुई फिल्मों में एकता कपूर के बैनर तले बनी 'द वन फोर्स ऑफ द फॉरेस्ट' ने बॉक्स ऑफिस पर शानदार शुरुआत की है। इस फिल्म ने अपने पहले ही दिन भारी संख्या में स्क्रीन्स पर कब्जा जमाते हुए बेहतरीन आंकड़े दर्ज किए। खासकर उत्तर भारत के बाजारों जैसे उत्तर प्रदेश और बिहार के दर्शकों में इस फिल्म को लेकर गजब का उत्साह देखा जा रहा है।
फिल्म की कहानी में स्थानीय संस्कृति, लोक आस्था और पारंपरिक त्योहारों का जो अनूठा मेल दिखाया गया है, उसने आम जनता के दिलों को छू लिया है। यही वजह है कि समीक्षकों से मिले-जुले बयानों के बावजूद टिकट खिड़की पर इस फिल्म का सिक्का जमकर चल रहा है। अभिनेता सिद्धार्थ मल्होत्रा और उनकी पूरी टीम के लिए यह शुरुआत राहत और उत्साह दोनों लेकर आई है।
नानी की 'द पैराडाइज' को शुरुआती झटके
दक्षिण भारतीय सिनेमा के जाने-माने अभिनेता नानी और राघव जुयाल की फिल्म 'द पैराडाइज' को लेकर उम्मीदें आसमान पर थीं। रिलीज के पहले दिन फिल्म ने बंपर कमाई करते हुए अपनी मजबूत दावेदारी पेश की थी। लेकिन पहले दिन के शानदार आंकड़ों के ठीक अगले ही दिन फिल्म के कारोबार में भारी गिरावट दर्ज की गई, जिसने सबको चौंका दिया।
सिनेमा जगत के जानकारों का कहना है कि खराब वर्ड ऑफ माउथ और उम्मीद से कमजोर समीक्षाओं के कारण फिल्म को शुरुआती गति बरकरार रखने में दिक्कतें आईं। हालांकि कुल मिलाकर फिल्म ने शुरुआती दो दिनों में ठीक-ठाक आंकड़े जुटा लिए हैं, लेकिन जिस रफ्तार की उम्मीद ट्रेड पंडित कर रहे थे, उस पर फिलहाल ब्रेक लगता दिख रहा है।
आगामी हफ्तों में क्या रहेगा बॉक्स ऑफिस का हाल?
फिल्म उद्योग में इस समय इस बात की चर्चा जोरों पर है कि कौन सी फिल्म आने वाले दिनों में अपनी पकड़ मजबूत रख पाएगी। पुरानी फिल्मों का शानदार सफर और नई फिल्मों की आक्रामक प्रविष्टि ने मुकाबले को बेहद दिलचस्प बना दिया है। निर्माताओं के लिए यह समय रणनीतिक रूप से बहुत महत्वपूर्ण है, क्योंकि दर्शकों का मिजाज कब बदल जाए, इसका अनुमान लगाना आसान नहीं होता।
"सिनेमाई बाजार का यह दौर साबित करता है कि दर्शक अब केवल बड़े सितारों के भरोसे सिनेमाघर नहीं आते, बल्कि उन्हें कहानी में अपनापन और नयापन दोनों चाहिए। जो फिल्म इस कसौटी पर खरी उतरेगी, वही बॉक्स ऑफिस पर लंबी रेस तय करेगी।" — फिल्म ट्रेड एनालिस्ट
कुल मिलाकर, दर्शकों के लिए इस समय मनोरंजन के विकल्पों की कोई कमी नहीं है। आने वाले सप्ताह के आंकड़े ही तय करेंगे कि कौन सी फिल्म सिंहासन पर राज करेगी और किसे मायूसी हाथ लगेगी।






