नई दिल्ली/ग्राउंड ब्यूरो — देश के बुलियन बाजार में इस समय सोने और चांदी की कीमतों को लेकर बड़ी खबरें सामने आ रही हैं। पिछले कुछ दिनों से लगातार मजबूत हो रहे अमेरिकी डॉलर और वैश्विक बाजार के दबाव के कारण कीमती धातुओं के दाम धड़ाम हो गए हैं। आम आदमी और छोटे निवेशकों के लिए यह राहत भरी खबर है कि दस ग्राम सोने की कीमत में तीन दिन के भीतर करीब तीन हजार रुपये की सीधी गिरावट दर्ज की गई है। इसके साथ ही चांदी के दामों में भी भारी कमी आई है और चांदी छह हजार रुपये तक सस्ती हो गई है। बाजार के जानकारों का मानना है कि वैश्विक आर्थिक हालातों और अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व के रुख के बाद घरेलू बाजार में यह बड़ा बदलाव आया है।
सोने और चांदी के दामों में आई इस अचानक गिरावट से सर्राफा बाजार में हलचल तेज हो गई है। देश के कई बड़े शहरों में सर्राफा कारोबारियों का कहना है कि ग्राहक अब कम कीमतों पर खरीदारी करने के लिए आगे आ रहे हैं। पिछले दो दिनों से लगातार भाव नीचे जा रहे हैं जिससे खरीदारों में उत्सुकता बढ़ गई है। जानकारों का कहना है कि डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति और वैश्विक मुद्रा बाजार के उतार-चढ़ाव का सीधा असर बुलियन बाजार पर पड़ रहा है। व्यापारी वर्ग इस स्थिति पर बहुत करीब से नजर बनाए हुए है क्योंकि कीमतों में हो रहे इन बड़े बदलावों से बाजार का पूरा समीकरण बदल रहा है।
ऑपरेशन बॉर्डर बुलियन बस्ट के तहत बड़ी कार्रवाई
एक तरफ जहां बाजार में कीमतों में गिरावट का दौर चल रहा है, वहीं दूसरी तरफ अवैध कारोबार के खिलाफ सुरक्षा एजेंसियों ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। हाल ही में 'ऑपरेशन बॉर्डर बुलियन बस्ट' के तहत देश के पांच बड़े शहरों में एक साथ छापेमारी की गई है। इस बड़ी कार्रवाई के दौरान मुंबई समेत अन्य प्रमुख ठिकानों से लगभग दस करोड़ छह लाख रुपये मूल्य का छह किलो से ज्यादा सोना बरामद किया गया है। अधिकारियों का मानना है कि तस्कर बिना कागजात के और अवैध तरीके से इस सोने को बाजार में खपाने की कोशिश कर रहे थे। इस बड़ी जब्ती के बाद से अवैध कारोबारियों में हड़कंप मच गया है और एजेंसियां इस नेटवर्क के मुख्य सरगनाओं की तलाश में जुटी हुई हैं।
सुरक्षा एजेंसियों की इस कार्रवाई से यह साफ हो गया है कि बुलियन बाजार में काले धन और तस्करी के रास्तों को रोकने के लिए सरकार पूरी तरह सख्त हो चुकी है। पकड़े गए सोने के स्रोत और इसके पीछे काम करने वाले सिंडिकेट की गहराई से जांच की जा रही है। स्थानीय पुलिस और राजस्व खुफिया निदेशालय की टीमें संयुक्त रूप से इस मामले की हर कड़ी को जोड़ने का प्रयास कर रही हैं। शुरुआती पूछताछ में कुछ अहम सुराग हाथ लगे हैं जिनके आधार पर आने वाले दिनों में और भी बड़े खुलासे होने की पूरी संभावना जताई जा रही है।
फेडरल रिजर्व के फैसलों और मजबूत डॉलर का असर
अंतरराष्ट्रीय आर्थिक मोर्चे पर अमेरिकी फेडरल रिजर्व के हालिया बयानों और नीतियों के बाद दुनिया भर के बुलियन बाजारों में सतर्कता का माहौल है। डॉलर सूचकांक के मजबूत होने से निवेशकों ने सोने और चांदी से अपना पैसा निकालकर सुरक्षित मानी जाने वाली अन्य संपत्तियों में लगाना शुरू कर दिया है। इसीglobal trend का सीधा असर भारतीय सराफा बाजार पर भी देखने को मिल रहा है। विश्लेषकों का कहना है कि जब तक अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर की मजबूती बनी रहेगी, तब तक कीमती धातुओं के दामों में इसी तरह उतार-चढ़ाव जारी रहने की पूरी उम्मीद है।
घरेलू स्तर पर खुदरा खरीदारों और निवेशकों के लिए यह समय बहुत सावधानी से कदम उठाने का है। बाजार विशेषज्ञ सलाह दे रहे हैं कि कीमतों में हो रही इस गिरावट को एक अवसर के रूप में देखा जा सकता है, लेकिन कोई भी बड़ा निवेश करने से पहले बाजार के रुख को अच्छी तरह समझ लेना चाहिए। आने वाले दिनों में शादियों के सीजन और त्योहारी मांग को देखते हुए कीमतों में फिर से बदलाव आ सकता है। द फ्रीलान्स की टीम इस पूरे मामले पर अपनी पैनी नजर बनाए रखेगी और बाजार से जुड़े हर ताजा अपडेट को आप तक पहुंचाती रहेगी।






