नई दिल्ली से द फ्रीलान्स की ग्राउंड रिपोर्ट — देश के करोड़ों केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की निगाहें इस समय सरकार के अगले कदम पर टिकी हुई हैं। हर साल की तरह इस बार भी उम्मीद की जा रही थी कि त्योहारी सीजन से ठीक पहले सरकार महंगाई भत्ते यानी डीए में बढ़ोतरी का बड़ा ऐलान करेगी। लेकिन, हाल ही में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक के बाद मायूसी हाथ लगी है। इस अहम बैठक में कर्मचारियों के डीए बढ़ाने को लेकर कोई आधिकारिक चर्चा या फैसला सामने नहीं आया है। इसके चलते अब कर्मचारियों को अगले दौर की बैठकों या आधिकारिक घोषणाओं का इंतजार करना पड़ रहा है ताकि यह साफ हो सके कि उनकी जेब में इस त्योहारी सीजन में कितनी अतिरिक्त राशि आएगी।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, श्रम संगठनों और कर्मचारी संघों ने सरकार पर दबाव बनाना शुरू कर दिया है। अखिल भारतीय रक्षा कर्मचारी महासंघ यानी AIDEF ने सरकार को पत्र लिखकर यह मांग की है कि डीए बढ़ोतरी का ऐलान बिना किसी और देरी के तुरंत किया जाना चाहिए। इसके साथ ही कर्मचारियों की ओर से यह भी मांग उठाई जा रही है कि बोनस की तय सीमा में भी बदलाव किया जाए ताकि ज्यादा से ज्यादा मजदूरों और कर्मचारियों को इसका सीधा लाभ मिल सके। महंगाई के इस दौर में आम आदमी का खर्च लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में कर्मचारी यह उम्मीद लगाए बैठे हैं कि सरकार उनके वित्तीय हितों का ध्यान रखते हुए जल्द से जल्द खुशखबरी सुनाएगी।
कैबिनेट बैठक के बाद क्यों टला फैसला?
लोगों के मन में यह सवाल सबसे बड़ा है कि आखिर कैबिनेट बैठक में डीए पर फैसला क्यों नहीं हो पाया। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, इस तरह के फैसलों के लिए कुछ औपचारिकताएं और आर्थिक आकलन पूरे किए जाते हैं। अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के आंकड़ों के आधार पर ही डीए में बढ़ोतरी का प्रतिशत तय होता है। हालांकि आंकड़े पहले ही आ चुके हैं, लेकिन फाइल पर मुहर लगने की प्रक्रिया में वक्त लग रहा है। अधिकारी यह भी मान रहे हैं कि सरकार इस फैसले को किसी खास मौके पर या दशहरे के आसपास घोषित करने की रणनीति पर काम कर रही होगी। फिर भी, स्पष्ट आधिकारिक बयान न आने के कारण असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
कर्मचारी यूनियनों का कहना है कि यदि फैसला दशहरे से पहले नहीं होता है, तो दीवाली के ठीक आसपास इसे जारी किया जा सकता है। सरकार हर साल अमूमन सितंबर या अक्टूबर के महीने में ही डीए बढ़ाने का फैसला करती है ताकि कर्मचारियों को दीवाली और दुर्गा पूजा जैसे बड़े त्योहारों के दौरान वित्तीय मदद मिल सके। इस बार भले ही नियमित कैबिनेट बैठक में यह मुद्दा नहीं आया हो, लेकिन वित्त मंत्रालय और प्रधानमंत्री कार्यालय के स्तर पर इस पर विचार चल रहा है। कर्मचारी संघों के प्रतिनिधि लगातार मंत्रियों और संबंधित अधिकारियों के संपर्क में हैं ताकि उन्हें समय रहते सही जानकारी मिल सके।
अब आगे क्या उम्मीद कर सकते हैं कर्मचारी?
अब सभी की निगाहें आने वाले हफ्तों पर टिकी हैं। अगर सरकार जल्द ही किसी विशेष कैबिनेट बैठक का आयोजन करती है या फिर लिखित रूप में आदेश जारी करती है, तो कर्मचारियों का यह इंतजार खत्म हो जाएगा। डीए में आमतौर पर तीन से चार प्रतिशत की बढ़ोतरी का अनुमान लगाया जा रहा है, जिससे मूल वेतन में सीधा फायदा होगा। इसके अलावा, एरियर का भुगतान भी एकमुश्त मिलने की उम्मीद है, जिससे त्योहारी बाजारों में रौनक लौटने की पूरी संभावना है।
द फ्रीलान्स की पड़ताल बताती है कि सरकारी दफ्तरों से लेकर सोशल मीडिया तक केवल इसी बात की चर्चा है कि इस बार का दीवाली गिफ्ट कितना बड़ा होगा। कर्मचारी केवल आधिकारिक घोषणा का इंतजार कर रहे हैं। जैसे ही सरकार की तरफ से हरी झंडी मिलेगी, देश के करीब एक करोड़ से ज्यादा कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के खातों में बढ़ी हुई रकम आनी शुरू हो जाएगी। फिलहाल, सभी को संयम रखने और किसी भी तरह की अफवाहों से बचने की सलाह दी जा रही है।
कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए जरूरी बातें
इस पूरे घटनाक्रम के बीच यह भी जरूरी है कि कर्मचारी केवल आधिकारिक स्रोतों से मिलने वाली जानकारियों पर ही भरोसा करें। सोशल मीडिया पर कई तरह के दावे किए जा रहे हैं कि डीए बढ़ चुका है या उसका आदेश आ गया है, जो कि पूरी तरह से बेबुनियाद हैं। सरकार जब भी इस पर मुहर लगाएगी, वित्त मंत्रालय की तरफ से औपचारिक प्रेस विज्ञप्ति जारी की जाएगी। तब तक कर्मचारियों को अपनी रोजमर्रा की दिनचर्या और नौकरी पर ध्यान केंद्रित रखना चाहिए। द फ्रीलान्स इस मामले पर लगातार नजर बनाए हुए है और जैसे ही कोई नया अपडेट आएगा, हम सबसे पहले आप तक सटीक खबर पहुंचाएंगे।





