जोहान्सबर्ग के मैदान पर दिखा रोमांच का अनोखा नजारा
क्रिकेट के खेल में अक्सर ऐसे करिश्मे देखने को मिल जाते हैं जो फैंस की सांसें थाम लेते हैं। दक्षिण अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया के बीच जारी रोमांचक सीरीज के दूसरे मुकाबले में कुछ ऐसा ही अद्भुत वाकया मैदान पर उतरा, जिसकी चर्चा हर तरफ हो रही है। वांडरर्स स्टेडियम की पिच पर जैसे ही मुकाबला शुरू हुआ, वैसे ही मैदान का माहौल पूरी तरह से हाई-वोल्टेज ड्रामे में बदल गया। ऑस्ट्रेलियाई कप्तान ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का जो फैसला लिया था, वह महज चंद सेकेंड के भीतर ही मास्टरस्ट्रोक साबित हो गया।
पारंपरिक तौर पर टेस्ट और वनडे मैचों में शुरुआत संभलकर करने की रणनीति अपनाई जाती है, लेकिन कंगारू गेंदबाजों के इरादे कुछ और ही थे। तेज गेंदबाजी आक्रमण की कमान संभाल रहे अनुभवी पेसर ने जब पहली ही गेंद फेंकी, तो शायद ही किसी ने यह अनुमान लगाया होगा कि इतिहास रचने वाला पल इतनी जल्दी आ जाएगा। मैदान पर मौजूद दर्शकों के साथ-साथ टीवी स्क्रीन पर नजरें गड़ाए बैठे करोड़ों फैंस के लिए वह नजारा किसी सिनेमैटिक दृश्य से कम नहीं था।
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कूपर कोनोली का वह करिश्माई कैच जिसने सभी को किया सन्न
पारी की पहली ही गेंद पर जब जोश हेजलवुड ने ऑफ स्टंप के बाहर शॉर्ट लेंथ गेंद डाली, तो दक्षिण अफ्रीकी बल्लेबाज ने उस पर करारा प्रहार करने की कोशिश की। गेंद बल्ले से लगकर गोली की रफ्तार से कवर-पॉइंट की दिशा में तेजी से निकल पड़ी। ऐसा लगा कि यह शॉट निश्चित तौर पर चार रन के लिए सीमा रेखा पार कर जाएगा। लेकिन वहां तैनात युवा फील्डर के दिमाग में कुछ और ही चल रहा था।
ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी कूपर कोनोली ने अपनी गजब की फुर्ती का मुजाहिरा करते हुए हवा में बाईं और दाईं तरफ एक साथ संतुलन बनाते हुए लंबी छलांग लगा दी। हवा में ही शरीर को पूरी तरह फैलाकर उन्होंने एक हाथ से गेंद को ऐसे लपका मानो कोई पक्षी आसमान से शिकार दबोच रहा हो। उनके इस अविश्वसनीय प्रयास को देखकर मैदान पर सन्नाटा छा गया और खुद बल्लेबाज एडेन मार्करम भी अपनी आंखों पर यकीन नहीं कर सके।
"यह एक ऐसा कैच था जिसे देखने के लिए लोग स्टेडियम आते हैं। कोनोली ने जिस फुर्ती और तकनीक का परिचय दिया, वह आने वाले समय में युवा खिलाड़ियों के लिए एक मिसाल बनेगा। इस तरह की शुरुआत किसी भी टीम का मनोबल आसमान पर पहुंचा देती है।" — खेल विशेषज्ञ एवं विश्लेषक
गोल्डन डक का शिकार बने एडेन मार्करम
इस सनसनीखेज तरीके से आउट होने के बाद दक्षिण अफ्रीकी खेमे में मायूसी छा गई। टीम के स्टार बल्लेबाज और टी20 कप्तान एडेन मार्करम के लिए यह मैच एक बुरे सपने की तरह साबित हुआ। चोट के बाद मैदान पर वापसी कर रहे मार्करम के खाते में बिना एक भी रन जोड़े ही पवेलियन लौटने की मजबूरी आ गई। वनडे इतिहास के पन्नों में यह पहला मौका था जब वह पारी की पहली ही गेंद पर अपना विकेट गंवा बैठे।
इस खराब शुरुआत के साथ ही उनके नाम के आगे क्रिकेट का एक अनचाहा और शर्मनाक रिकॉर्ड जुड़ गया। वह दक्षिण अफ्रीका के क्रिकेट इतिहास में वनडे फॉर्मेट की पहली ही गेंद पर आउट होने वाले छठे बल्लेबाज बन गए हैं। इस अनचाही फेरहिस्ट में उनसे पहले हर्शल गिब्स और अन्य दिग्गज खिलाड़ियों के नाम भी दर्ज हैं, जो अतीत में ऐसी ही मुश्किलों का सामना कर चुके हैं।
ऑस्ट्रेलियाई रणनीति और सीरीज का बदलता हुआ रोमांच
इस मुकाबले से पहले दक्षिण अफ्रीकी टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पहला वनडे मुकाबला अपने नाम किया था और वे इस मैच को जीतकर सीरीज पर कब्जा जमाने के इरादे से उतरे थे। लेकिन मेहमान ऑस्ट्रेलियाई टीम ने शुरुआती झटकों से उबरते हुए जबरदस्त पलटवार किया। टीम प्रबंधन ने इस मैच में कुछ रणनीतिक बदलाव भी किए थे, जिसमें अनुभवी खिलाड़ियों को आराम देकर युवा और ऊर्जावान चेहरों पर भरोसा जताना शामिल था।
कूपर कोनोली के इस अद्भुत और चमत्कारिक कैच ने पूरी सीरीज के समीकरण को रोमांचक मोड़ पर ला खड़ा किया है। टेस्ट और वनडे मुकाबलों की लंबी परंपरा में जब भी बेहतरीन फील्डिंग के रिकॉर्ड्स की बात होगी, तब-तब इस वाकया को सुनहरे अक्षरों में याद किया जाएगा। मैदान पर खिलाड़ियों का ऐसा जज्बा खेल प्रेमियों के दिलों में हमेशा के लिए जिंदा रहता है।








