नई दिल्ली में जंतर-मंतर पर मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रस्तावित प्रदर्शन और संसद मार्च को लेकर प्रशासनिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। सोशल मीडिया पर सामने आए एक ताजा वीडियो में डीसीपी सचिन शर्मा जंतर-मंतर पर सुरक्षा व्यवस्था और प्रस्तावित मार्च को लेकर उठाए गए कदमों की जानकारी देते नजर आ रहे हैं। इस वीडियो क्लिप के सामने आने के बाद राजधानी में एक बार फिर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
सामने आए वीडियो में डीसीपी सचिन शर्मा यह स्पष्ट करते दिख रहे हैं कि इस प्रकार के किसी भी प्रदर्शन या मार्च के लिए पुलिस प्रशासन की ओर से कोई अनुमति नहीं दी गई है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए एहतियातन कड़े कदम उठाए जा रहे हैं।
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पृष्ठभूमि और इंटरनेट सर्च के तथ्य:
द वायर और ज़ी न्यूज़ जैसी प्रमुख मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ आयोजित होने वाले 'जंतर-मंतर 2.0' प्रदर्शन और सीजेपी (CJP) के संसद मार्च के आह्वान के मद्देनजर दिल्ली पुलिस पूरी तरह मुस्तैद है। प्रदर्शनकारियों को अनुमति न मिलने के बावजूद संभावित भीड़ को नियंत्रित करने के लिए नई दिल्ली क्षेत्र में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 (पूर्व में धारा 144) लागू कर दी गई है। जंतर-मंतर और संसद के आसपास के इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है ताकि किसी भी तरह की कानून-व्यवस्था की समस्या से बचा जा सके।
सोशल मीडिया और आधिकारिक रुख:
इस पूरे घटनाक्रम पर सोशल मीडिया यूजर्स की मिली-जुली प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। जहां कुछ लोग प्रशासनिक सुरक्षा और एहतियाती कदमों का समर्थन कर रहे हैं, वहीं लोकतांत्रिक अधिकारों और विरोध प्रदर्शन के तरीकों पर भी बहस छिड़ी हुई है। हालांकि, दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट किया है कि बिना अनुमति के किसी भी प्रकार के धरने या मार्च की इजाजत नहीं दी जाएगी और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।







