नई दिल्ली के जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में चल रहे बड़े विरोध प्रदर्शनों के बाद पुलिस और प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद हो गए हैं। सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए इलाके में धारा-163 लागू कर दी गई है जिसके तहत किसी भी तरह के बैनर, पोस्टर, नारे और भाषण देने पर पूरी पाबंदी लगा दी गई है। राजधानी की सड़कों पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना को समय रहते रोका जा सके।
यातायात को सुचारू रखने के लिए दिल्ली पुलिस ने एक नई ट्रैफिक एडवाइजरी जारी की है जिसमें लोगों को प्रदर्शन स्थलों से दूर रहने की हिदायत दी गई है। कई मुख्य मार्गों पर गाड़ियों की आवाजाही रोक दी गई है या डायवर्ट कर दी गई है। ऑफिस जाने वाले लोगों और आम यात्रियों को सुबह से ही भारी ट्रैफिक जाम का सामना करना पड़ रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा जांच कड़ी होने की वजह से वाहनों की रफ्तार धीमी हुई है।
मेट्रो के 11 स्टेशनों पर एंट्री और एग्जिट बंद
यात्रियों की सुरक्षा को सबसे ऊपर रखते हुए दिल्ली मेट्रो रेल निगम यानी डीएमआरसी ने बड़ा फैसला लिया है। शहर के कुल 11 मेट्रो स्टेशनों पर यात्रियों की आवाजाही पूरी तरह रोक दी गई है। इन स्टेशनों पर न तो कोई यात्री अंदर जा सकता है और न ही बाहर निकल सकता है। हालांकि कुछ स्टेशनों पर केवल ट्रेन बदलने यानी इंटरचेंज की सुविधा चालू रखी गई है ताकि यात्रियों को ज्यादा परेशानी न हो। मेट्रो प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और हालात सामान्य होने पर ही इन स्टेशनों को दोबारा खोला जाएगा।
बंद किए गए मेट्रो स्टेशनों की लिस्ट में संवेदनशील इलाके शामिल हैं जहां प्रदर्शनकारियों के जुटने की आशंका सबसे ज्यादा है। इन स्टेशनों के बाहर भारी संख्या में सुरक्षा बलों और अर्धसैनिक बलों के जवानों को तैनात किया गया है। स्थानीय प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अपनी यात्रा शुरू करने से पहले मेट्रो के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल और ट्रैफिक पुलिस के अपडेट जरूर देख लें ताकि रास्ते में किसी परेशानी का सामना न करना पड़े।
कनॉट प्लेस और जंतर-मंतर पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम
विरोध प्रदर्शन के मद्देनजर जंतर-मंतर और कनॉट प्लेस के पास सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए गए हैं। चप्पे-चप्पे पर पुलिस और सुरक्षा बलों के जवान तैनात हैं और आने-जाने वाले हर व्यक्ति की कड़ी जांच की जा रही है। किसी भी संशय की स्थिति में तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। खुफिया एजेंसियां भी पूरी तरह सक्रिय हैं और भीड़भाड़ वाले इलाकों पर लगातार नजर रखी जा रही है ताकि शांति व्यवस्था हर हाल में कायम रहे.
स्थानीय दुकानदारों और कारोबारियों का कहना है कि इस तरह के प्रदर्शनों और पाबंदियों से उनके रोजमर्रा के काम-धंधे पर काफी असर पड़ता है। हालांकि प्रशासन का मुख्य उद्देश्य शहर में सुरक्षा और शांति सुनिश्चित करना है। ट्रैफिक पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे अनावश्यक यात्रा करने से बचें और मेट्रो या अन्य सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करते समय एहतियात बरतें। स्थिति सामान्य होने तक पुलिस का यह पहरा और ट्रैफिक डायवर्जन जारी रहने की पूरी संभावना है।
वैकल्पिक रास्तों और यात्रा की सही योजना बनाएं
अगर आपको आज दिल्ली के अंदर सफर करना है, तो घर से निकलने से पहले ट्रैफिक एडवाइजरी को अच्छी तरह पढ़ लें। मुख्य सड़कों पर जाम की स्थिति को देखते हुए कैब और ऑटो चालकों ने भी लंबे रास्तों से जाने से इनकार करना शुरू कर दिया है। ऐसे में अपनी यात्रा को सुरक्षित और समय पर पूरा करने के लिए केवल उन्हीं रास्तों का चयन करें जिन्हें ट्रैफिक पुलिस ने खुला रखने की अनुमति दी है।
द फ्रीलान्स की टीम लगातार जमीनी हालात पर नजर बनाए हुए है और जैसे ही प्रशासन की ओर से कोई नया अपडेट आएगा, आपको सबसे पहले सूचित किया जाएगा। सुरक्षा कर्मियों के निर्देशों का पालन करें और किसी भी अफवाह पर बिल्कुल ध्यान न दें। प्रशासन ने शहरवासियों से शांति बनाए रखने और कानून व्यवस्था का सहयोग करने की अपील की है ताकि जल्द से जल्द जनजीवन सामान्य हो सके।


