होम/देश/डेंगू के प्रकोप से बचना है जरूरी: तेजी से प्लेटलेट्स बढ़ाने वाले इन अचूक घरेलू नुस्खों और खानपान पर दें ध्यान
देशपढ़ने में समय: 7 मिनट

डेंगू के प्रकोप से बचना है जरूरी: तेजी से प्लेटलेट्स बढ़ाने वाले इन अचूक घरेलू नुस्खों और खानपान पर दें ध्यान

बदलते मौसम के बीच देश के कई हिस्सों में डेंगू का संक्रमण तेजी से पैर पसार रहा है। इस खतरनाक बीमारी की चपेट में आने पर शरीर में प्लेटलेट्स तेजी से गिरने लगते हैं, जिससे मरीज की हालत गंभीर हो सकती है। ऐसे में खानपान में कुछ खास चीजों को शामिल कर रिकवरी को तेज किया जा सकता है।
The Freelance ब्यूरो
TheFreelance ब्यूरो
26 सितंबर 2026 • अपडेटेड
🌐Read in English →
शेयर करें:
डेंगू के प्रकोप से बचना है जरूरी: तेजी से प्लेटलेट्स बढ़ाने वाले इन अचूक घरेलू नुस्खों और खानपान पर दें ध्यान
📷 डेंगू के प्रकोप से बचना है जरूरी: तेजी से प्लेटलेट्स बढ़ाने वाले इन अचूक घरेलू नुस्खों और खानपान पर दें ध्यान — मुख्य घटनाक्रमफोटो साभार: रॉयटर्स / एजेंसीज़ / सोशल मीडिया

खबर की बड़ी बातें (Key Highlights)

  • डेंगू के दौरान शरीर में प्लेटलेट्स की संख्या तेजी से गिरने लगती है, जिससे अत्यधिक कमजोरी और थकान महसूस होती है।
  • पपीते के पत्तों का रस और बकरी का दूध इस बीमारी से उबरने में बेहद असरदार माने जाते हैं।
  • नारियल पानी और कीवी का सेवन शरीर में इलेक्ट्रोलाइट संतुलन और ऊर्जा बनाए रखने में मदद करता है।

बदलते मौसम में डेंगू का बढ़ता खतरा

हर साल मौसम बदलने के साथ ही स्वास्थ्य से जुड़ी कई तरह की चुनौतियां सामने आने लगती हैं। इन दिनों मच्छरों से होने वाली बीमारियां खासकर डेंगू का प्रकोप काफी बढ़ गया है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों पर नजर डालें तो महानगरों से लेकर छोटे शहरों तक इस संक्रमण के मरीजों की संख्या में तेजी से इजाफा दर्ज किया जा रहा है। डेंगू एक बेहद गंभीर और कष्टदायक बुखार है, जो एडीज प्रजाति की संक्रमित मादा मच्छर के काटने से फैलता है। जब यह मच्छर किसी स्वस्थ व्यक्ति को काटता है, तो वायरस उसके रक्त संचार में प्रवेश कर जाता है, जिससे कुछ ही दिनों में तेज बुखार और बदन दर्द के लक्षण दिखने लगते हैं।

इस बीमारी की सबसे बड़ी और डरावनी बात यह है कि इसकी चपेट में आते ही रोगी के शरीर में प्लेटलेट्स काउंट बहुत तेजी से नीचे गिरने लगते हैं। रक्त में प्लेटलेट्स की यह कमी शरीर की आंतरिक प्रणाली को कमजोर कर देती है, और समय रहते उचित कदम न उठाए जाएं तो स्थिति जानलेवा भी बन सकती है। शुरुआती लक्षणों में अचानक सिरदर्द, आंखों के पीछे तेज दर्द, मांसपेशियों और जोड़ों में असहनीय पीड़ा तथा त्वचा पर लाल चकत्ते उभरना शामिल हैं। जैसे ही ऐसे लक्षण महसूस हों, तुरंत चिकित्सकीय परामर्श लेना सबसे पहली प्राथमिकता होनी चाहिए।

विज्ञापन • ADVERTISEMENT

संबंधित खबरें

अनिल कपूर ने खोला कपूर खानदान का सबसे बड़ा राज, 'कृष्णा आंटी' को याद कर भर आईं आंखें

अनिल कपूर ने खोला कपूर खानदान का सबसे बड़ा राज, 'कृष्णा आंटी' को याद कर भर आईं आंखें

साड़ी पहनकर खेतों के बीच लड़की का धांसू डांस: पवन सिंह के गाने पर वायरल हुआ देसी अंदाज

साड़ी पहनकर खेतों के बीच लड़की का धांसू डांस: पवन सिंह के गाने पर वायरल हुआ देसी अंदाज

7000mAh बैटरी वाले नए मोटो फोन का पर्दाफाश: क्या वाकई पैसा वसूल है 28 हजार का यह स्मार्टफोन

7000mAh बैटरी वाले नए मोटो फोन का पर्दाफाश: क्या वाकई पैसा वसूल है 28 हजार का यह स्मार्टफोन

समीक्षा और सबक: क्या तीसरे साल के चक्रव्यूह में फंस गई है मोदी सरकार, इतिहास क्या कहता है?

समीक्षा और सबक: क्या तीसरे साल के चक्रव्यूह में फंस गई है मोदी सरकार, इतिहास क्या कहता है?

बेंगलुरु की आबादी पर सियासी घमासान: डिप्टी सीएम के एक बयान ने खड़े किए कई गंभीर सवाल

बेंगलुरु की आबादी पर सियासी घमासान: डिप्टी सीएम के एक बयान ने खड़े किए कई गंभीर सवाल

संगीत की दुनिया का कड़वा सच: अभिजीत सावंत का बड़ा खुलासा, बताया कैसे बदली 21 साल पहले जिंदगी

संगीत की दुनिया का कड़वा सच: अभिजीत सावंत का बड़ा खुलासा, बताया कैसे बदली 21 साल पहले जिंदगी

विदेशी बाजारों में इलेक्ट्रिक स्कूटर उतारने की तैयारी: भारतीय सड़कों पर धूम मचाने के बाद अब ग्लोबल मार्केट पर कब्जा जमाएगी एथर एनर्जी

विदेशी बाजारों में इलेक्ट्रिक स्कूटर उतारने की तैयारी: भारतीय सड़कों पर धूम मचाने के बाद अब ग्लोबल मार्केट पर कब्जा जमाएगी एथर एनर्जी

बदलते मौसम में सांस की तकलीफ से हैं परेशान? डाइट में करें ये बदलाव, तुरंत मिलेगी राहत

बदलते मौसम में सांस की तकलीफ से हैं परेशान? डाइट में करें ये बदलाव, तुरंत मिलेगी राहत

प्लेटलेट्स गिरने की समस्या और बचाव की जरूरत

चिकित्सा विज्ञान के जानकारों का कहना है कि डेंगू के लिए कोई विशिष्ट एंटीवायरल दवा अभी तक उपलब्ध नहीं है। इलाज मुख्य रूप से लक्षणों को नियंत्रित करने और मरीज को राहत देने के इर्द-गिर्द घूमता है। इस दौरान डॉक्टर बुखार उतारने के लिए पैरासिटामोल जैसी सुरक्षित दवाएं देते हैं और शरीर को हाइड्रेटेड रखने की सलाह देते हैं। चूंकि दवाइयों के साथ-साथ सही खानपान इस बीमारी से लड़ने में रीढ़ की हड्डी का काम करता है, इसलिए पारंपरिक और घरेलू उपायों का महत्व बहुत बढ़ जाता है। ऐसे खाद्य पदार्थों का सेवन जरूरी हो जाता है जो प्राकृतिक रूप से इम्युनिटी को मजबूत करें और श्वेत रक्त कोशिकाओं तथा प्लेटलेट्स को बढ़ाने में सहायता करें।

आम दिनों में हमारा शरीर कई तरह के संक्रमणों से खुद ही निपट लेता है, लेकिन डेंगू का वायरस इम्यून सिस्टम को सीधे तौर पर आघात पहुंचाता है। यही वजह है कि मरीज को ठीक होने में लंबा समय लग सकता है। इस दौरान जरा सी भी लापरवाही भारी पड़ सकती है। इसलिए मरीजों को अपने भोजन में ऐसी चीजों को शामिल करना चाहिए जो पचने में हल्की हों और शरीर को तुरंत ऊर्जा प्रदान कर सकें। सही पोषण मिलने से शरीर की आंतरिक ताकत लौटती है और दवाइयां भी बेहतर तरीके से असर करती हैं।

पपीते के पत्तों का जूस: पारंपरिक और अचूक उपाय

दशकों से हमारे देश में पपीते के पत्तों के रस को डेंगू के इलाज में एक रामबाण उपाय के रूप में देखा जाता रहा है। आधुनिक शोध भी इस बात की पुष्टि करते हैं कि पपीते की पत्तियों में ऐसे अनगिनत गुण होते हैं जो प्लेटलेट काउंट को तेजी से ऊपर उठाने में मदद करते हैं। इन पत्तियों में पपेन और चाइमोपपेन जैसे शक्तिशाली एंजाइम्स पाए जाते हैं, जो पाचन क्रिया को सुधारने के साथ-साथ शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता यानी इम्युनिटी को कई गुना मजबूत कर देते हैं।

पपीते के पत्तों का रस निकालने के लिए ताजी पत्तियों को अच्छी तरह धोकर पीस लिया जाता है और फिर उसका रस निकाला जाता है। हालांकि इसका स्वाद काफी कड़वा होता है, लेकिन इसके औषधीय लाभ इस कड़वाहट को नजरअंदाज करने के लिए काफी हैं। यह जूस शरीर में प्लेटलेट्स के टूटने की प्रक्रिया को धीमा करता है और उन्हें रिकवर करने में मदद करता है। साथ ही, यह डेंगू के दौरान हड्डियों और मांसपेशियों में होने वाली तीव्र जकड़न व दर्द से भी राहत दिलाने में सहायक साबित होता है।

बकरी के दूध के चमत्कारी गुण

डेंगू के संक्रमण के दौरान मरीज का पाचन तंत्र अत्यधिक कमजोर हो जाता है। ऐसे में सामान्य रूप से पिए जाने वाले गाय या भैंस के दूध को पचाना आंतों के लिए थोड़ा मुश्किल हो सकता है, क्योंकि उसमें वसा की मात्रा अधिक होती है। इसके विपरीत, बकरी का दूध बहुत हल्का होता है और इसकी संरचना ऐसी होती है कि पेट इसे बेहद आसानी से पचा लेता है। यही कारण है कि आयुर्वेद और आधुनिक चिकित्सा दोनों ही इस अवधि में बकरी के दूध के सेवन की जोरदार वकालत करते हैं।

बकरी के दूध में सेलेनियम नामक महत्वपूर्ण खनिज प्रचुर मात्रा में पाया जाता है, जो शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करने के लिए जाना जाता है। इसके अलावा, इसमें बायोएक्टिव कंपाउंड्स होते हैं जो प्लेटलेट काउंट में सुधार करने में मदद करते हैं। डेंगू से जूझ रहे मरीज अगर नियमित रूप से सीमित मात्रा में बकरी का दूध लें, तो उन्हें शारीरिक कमजोरी से उबरने में बहुत जल्द मदद मिलती है और शरीर अंदर से ऊर्जावान महसूस करता है।

नारियल पानी और कीवी से मिलेगी रिकवरी में रफ्तार

तेज बुखार, कंपकंपी और अत्यधिक पसीने की वजह से डेंगू के मरीज के शरीर में पानी की भारी कमी यानी डिहाइड्रेशन हो जाती है। शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स का संतुलन बिगड़ जाता है, जिससे थकान और कमजोरी चरम पर पहुंच जाती है। इस समस्या से निपटने के लिए नारियल पानी किसी वरदान से कम नहीं है। इसमें प्राकृतिक रूप से ग्लूकोज, मिनरल्स और इलेक्ट्रोलाइट्स भरपूर मात्रा में होते हैं, जो शरीर में पानी की कमी को पल भर में दूर कर देते हैं और कमजोरी का अहसास कम करते हैं।

दूसरी ओर, कीवी एक ऐसा फल है जो डेंगू के मरीजों के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है। इसमें विटामिन सी, विटामिन ई और ढेर सारे एंटीऑक्सीडेंट्स पाए जाते हैं, जो शरीर की रिकवरी प्रक्रिया को तेज करते हैं। कीवी में मौजूद पोटैशियम शरीर के इलेक्ट्रोलाइट स्तर को संतुलित बनाए रखने में मदद करता है। जब मरीज इन दोनों चीजों को अपनी डाइट का हिस्सा बनाते हैं, तो उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है और थकान तेजी से छूमंतर हो जाती है.

सावधानी और डॉक्टर की सलाह सबसे ऊपर

"यह बात हमेशा ध्यान रखनी चाहिए कि पपीते के पत्ते का रस, नारियल पानी या बकरी का दूध केवल रिकवरी में मदद करने वाले पौष्टिक माध्यम हैं। ये किसी भी मेडिकल ट्रीटमेंट का विकल्प नहीं हो सकते। डेंगू के गंभीर लक्षण दिखने पर बिना किसी देरी के डॉक्टर से संपर्क करें और उनके द्वारा बताई गई दवाओं का समय पर सेवन करें।" — डॉ. राकेश कुमार, जनरल फिजिशियन

अंत में यही कहा जा सकता है कि सेहत से जुड़ी किसी भी समस्या में केवल घरेलू नुस्खों पर आंख मूंदकर भरोसा करना खतरनाक हो सकता है। पौष्टिक आहार और घरेलू उपाय मरीज को अंदर से मजबूत जरूर बनाते हैं, लेकिन बीमारी को जड़ से खत्म करने के लिए पेशेवर मेडिकल देखरेख ही सबसे भरोसेमंद रास्ता है। सतर्क रहें, स्वस्थ रहें और मौसम के बदलाव के बीच अपनी सेहत का पूरा ख्याल रखें।

द फ्रीलांस पत्रकारिता नीति (Editorial Commitment):हम निष्पक्ष, सटीक और तथ्यात्मक पत्रकारिता के लिए प्रतिबद्ध हैं। यह समाचार रिपोर्ट विभिन्न प्रमाणित समाचार एजेंसियों, आधिकारिक बयानों और स्थानीय संवाददाताओं से प्राप्त इनपुट के आधार पर तैयार की गई है।
विज्ञापन एवं अनुशंसित सामग्री • RECOMMENDED

संबंधित खबरें (Related Articles)

अनिल कपूर ने खोला कपूर खानदान का सबसे बड़ा राज, 'कृष्णा आंटी' को याद कर भर आईं आंखेंNATIONAL

अनिल कपूर ने खोला कपूर खानदान का सबसे बड़ा राज, 'कृष्णा आंटी' को याद कर भर आईं आंखें

26 सित॰
साड़ी पहनकर खेतों के बीच लड़की का धांसू डांस: पवन सिंह के गाने पर वायरल हुआ देसी अंदाजNATIONAL

साड़ी पहनकर खेतों के बीच लड़की का धांसू डांस: पवन सिंह के गाने पर वायरल हुआ देसी अंदाज

26 सित॰
7000mAh बैटरी वाले नए मोटो फोन का पर्दाफाश: क्या वाकई पैसा वसूल है 28 हजार का यह स्मार्टफोनNATIONAL

7000mAh बैटरी वाले नए मोटो फोन का पर्दाफाश: क्या वाकई पैसा वसूल है 28 हजार का यह स्मार्टफोन

26 सित॰
समीक्षा और सबक: क्या तीसरे साल के चक्रव्यूह में फंस गई है मोदी सरकार, इतिहास क्या कहता है?NATIONAL

समीक्षा और सबक: क्या तीसरे साल के चक्रव्यूह में फंस गई है मोदी सरकार, इतिहास क्या कहता है?

26 सित॰
बेंगलुरु की आबादी पर सियासी घमासान: डिप्टी सीएम के एक बयान ने खड़े किए कई गंभीर सवालNATIONAL

बेंगलुरु की आबादी पर सियासी घमासान: डिप्टी सीएम के एक बयान ने खड़े किए कई गंभीर सवाल

26 सित॰
संगीत की दुनिया का कड़वा सच: अभिजीत सावंत का बड़ा खुलासा, बताया कैसे बदली 21 साल पहले जिंदगीNATIONAL

संगीत की दुनिया का कड़वा सच: अभिजीत सावंत का बड़ा खुलासा, बताया कैसे बदली 21 साल पहले जिंदगी

26 सित॰
विदेशी बाजारों में इलेक्ट्रिक स्कूटर उतारने की तैयारी: भारतीय सड़कों पर धूम मचाने के बाद अब ग्लोबल मार्केट पर कब्जा जमाएगी एथर एनर्जीNATIONAL

विदेशी बाजारों में इलेक्ट्रिक स्कूटर उतारने की तैयारी: भारतीय सड़कों पर धूम मचाने के बाद अब ग्लोबल मार्केट पर कब्जा जमाएगी एथर एनर्जी

26 सित॰
बदलते मौसम में सांस की तकलीफ से हैं परेशान? डाइट में करें ये बदलाव, तुरंत मिलेगी राहतNATIONAL

बदलते मौसम में सांस की तकलीफ से हैं परेशान? डाइट में करें ये बदलाव, तुरंत मिलेगी राहत

26 सित॰