हीरा खरीदने का सपना अब होगा पूरा, बाजार में आई भारी गिरावट
यदि आप भी लंबे समय से सोने-चांदी के साथ हीरों के आभूषण खरीदने की योजना बना रहे थे, लेकिन उनकी ऊंची कीमतों के कारण अपने कदम पीछे खींच रहे थे, तो अब आपके लिए बेहतरीन मौका आ गया है। वैश्विक बाजार से लेकर स्थानीय स्तर तक डायमंड की कीमतों में जबरदस्त सुस्ती देखने को मिल रही है। पिछले कुछ वर्षों के दौरान हीरों के दाम लगातार नीचे आए हैं, जिससे खरीदारों की चांदी हो गई है। बाजार के जानकारों का मानना है कि मांग में कमी और नई तकनीकों के आने से कीमतों पर गहरा दबाव बना हुआ है।
पारंपरिक रूप से जमीन की गहराइयों से निकाले जाने वाले नेचुरल डायमंड यानी प्राकृतिक हीरे हमेशा से ही कुलीन वर्ग और विलासिता की पहचान रहे हैं। इनकी चमक और दुर्लभता के कारण इनकी कीमतें आसमान छूती थीं। लेकिन वर्तमान समय में बाजार का यह पुराना गणित पूरी तरह से बदलता हुआ नजर आ रहा है। थोक बाजार के आंकड़े इस बात की गवाही दे रहे हैं कि हीरों की कीमतों में ऐतिहासिक गिरावट दर्ज की गई है, जिसका सीधा फायदा आम ग्राहकों को मिल रहा है।
संबंधित खबरें
क्यों सस्ते हो रहे हैं प्राकृतिक हीरे? मांग और आपूर्ति का पूरा गणित
किसी भी वस्तु की कीमत इस बात पर निर्भर करती है कि बाजार में उसकी मांग कितनी है और उसकी आपूर्ति किस मात्रा में हो रही है। डायमंड इंडस्ट्री के साथ भी कुछ ऐसा ही हो रहा है। पिछले कुछ समय से अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्राकृतिक हीरों की मांग में सुस्ती आई है। लोग महंगे आभूषणों पर खर्च करने से पहले कई बार सोच रहे हैं। इसके विपरीत, बाजार में हीरों की उपलब्धता पर्याप्त या उससे अधिक बनी हुई है।
थोक बाजारों के आंकड़ों पर गौर करें तो वर्ष 2021 के मुकाबले नेचुरल डायमंड के दाम करीब 30 से 40 फीसदी तक नीचे आ चुके हैं। उदाहरण के लिए, एक मानक एक कैरेट के राउंड नेचुरल डायमंड की खुदरा कीमत अब काफी नियंत्रण में आ गई है। विश्लेषकों का कहना है कि जब तक मांग में कोई बड़ा उछाल नहीं आता, तब तक कीमतों में स्थिरता बनी रहने की पूरी संभावना है। यही कारण है कि बड़े आभूषण विक्रेता भी अब ग्राहकों को लुभाने के लिए नए ऑफर्स और डिस्काउंट देने पर मजबूर हो रहे हैं।
लैब-ग्रोन डायमंड ने बदल दी बाजार की तस्वीर
डायमंड इंडस्ट्री में इस बड़े बदलाव के पीछे सबसे बड़ा हाथ 'लैब-ग्रोन डायमंड' यानी प्रयोगशाला में तैयार होने वाले हीरों का है। वैज्ञानिक तकनीकों की मदद से अब प्रयोगशालाओं में बिल्कुल असली जैसे दिखने और चमकने वाले हीरे तैयार किए जा रहे हैं। सबसे हैरानी की बात यह है कि इन हीरों की रासायनिक, भौतिक और ऑप्टिकल संरचना बिल्कुल प्राकृतिक हीरों जैसी ही होती है। कोई आम इंसान या सामान्य जौहरी भी देखकर यह नहीं बता सकता कि हीरा जमीन से निकला है या लैब में बना है।
लेकिन दोनों के बीच सबसे बड़ा और निर्णायक अंतर उनकी कीमतों का है। लैब में तैयार होने वाले ये हीरे प्राकृतिक हीरों के मुकाबले लगभग 70 से 85 प्रतिशत तक सस्ते मिल रहे हैं। ट्रेडिंग व्यू की रिपोर्ट्स बताती हैं कि वर्ष 2022 के बाद से लैब-ग्रोन डायमंड की थोक कीमतों में 75 फीसदी से अधिक की भारी गिरावट दर्ज की चुकी है। कम बजट में शानदार और बड़े आकार के आभूषण पहनने की चाह रखने वाले ग्राहकों के लिए यह विकल्प किसी वरदान से कम साबित नहीं हो रहा है।
चीन की भूमिका और वैश्विक स्तर पर बढ़ती सप्लाई
लैब-ग्रोन डायमंड के सस्ते होने और बाजार में उनकी भारी मात्रा में उपलब्धता के पीछे चीन का बहुत बड़ा हाथ है। दुनिया भर में तैयार होने वाले कुल लैब-डायमंड्स का करीब 60 फीसदी से ज्यादा हिस्सा अकेले चीन में उत्पादित किया जाता है। हालिया आंकड़ों के मुताबिक, चीन से इन हीरों का निर्यात तेजी से बढ़ा है, जिससे वैश्विक बाजार में इनकी बाढ़ सी आ गई है।
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि इस भारी-भरकम सप्लाई का सीधा असर मिड-रेंज के प्राकृतिक हीरों पर पड़ रहा है। जो ग्राहक पहले मध्यम श्रेणी के नेचुरल डायमंड खरीदते थे, वे अब कम कीमत में बेहतर क्वालिटी और बड़े आकार के लैब-डायमंड की तरफ शिफ्ट हो रहे हैं। इस वजह से पारंपरिक डायमंड कारोबारियों को ग्राहकों को बनाए रखने के लिए अपनी रणनीतियों में बदलाव करना पड़ रहा है।
क्या सभी तरह के हीरे हुए सस्ते? प्रीमियम क्वालिटी का हाल अलग
हालांकि यह बात सच है कि बाजार में हर तरफ डायमंड के सस्ते होने की चर्चा है, लेकिन इसका यह कतई मतलब नहीं है कि हर श्रेणी का हीरा कौड़ियों के भाव बिक रहा है। बाजार के जानकारों का स्पष्ट कहना है कि यह गिरावट मुख्य रूप से औसत गुणवत्ता, छोटे आकार और लैब-ग्रोन हीरों में ज्यादा देखने को मिल रही है।
"बाजार में भले ही औसत दर्जे के हीरों की कीमतें गिरी हों, लेकिन बेहतरीन रंग, दोषरहित स्पष्टता और बड़े आकार वाले प्रीमियम नेचुरल हीरों की मांग आज भी मजबूत है। उनकी दुर्लभता के कारण उनकी कीमतों पर कोई बड़ा नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ा है।"— राहुल वर्मा, आभूषण बाजार विशेषज्ञ
यदि आप निवेश के उद्देश्य से या फिर पीढ़ियों के लिए संभालने के वास्ते कोई बेहद दुर्लभ प्राकृतिक हीरा खरीद रहे हैं, तो उसकी कीमत में बहुत अधिक कमी की उम्मीद नहीं करनी चाहिए। प्रीमियम क्वालिटी के रेयर हीरों की चमक और कीमत आज भी बरकरार है, क्योंकि उनकी सप्लाई पर कड़ा नियंत्रण रहता है।
खरीदारों के लिए क्या है सही सलाह?
यदि आप केवल फैशन, शादी या रोजमर्रा के पहनने के लिए डायमंड ज्वेलरी खरीदने की सोच रहे हैं, तो मौजूदा बाजार की स्थिति आपके पूरी तरह पक्ष में है। आप कम कीमत में अपनी पसंद का सुंदर आभूषण चुन सकते हैं। वहीं, यदि आप लैब-ग्रोन और नेचुरल डायमंड के बीच असमंजस में हैं, तो अपनी जरूरत और बजट के अनुसार फैसला लेना सबसे समझदारी भरा कदम होगा। आने वाले समय में तकनीक और बेहतर होने की उम्मीद है, जिससे कीमतें और अधिक प्रतिस्पर्धी हो सकती हैं।





