बॉम्बे हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला: दोबारा नए सिरे से होगी जांच
बॉलीवुड अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर दिशा सालियान की संदिग्ध मौत के मामले में एक नया मोड़ आ गया है। बॉम्बे हाईकोर्ट के हालिया आदेश और सख्त टिप्पणियों के बाद केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने नई एफआईआर (FIR) दर्ज कर ली है। जांच एजेंसी उन सभी पहलुओं, सबूतों और कॉल रिकॉर्ड्स की दोबारा गहनता से पड़ताल करेगी, जिन्हें पहले दरकिनार कर दिया गया था।
"दिशा सालियान की मौत और उसके महज 6 दिन बाद सुशांत सिंह राजपूत का इस दुनिया से जाना कोई सामान्य इत्तेफाक नहीं हो सकता। परिवार और लाखों प्रशंसकों को न्याय दिलाने के लिए निष्पक्ष जांच जरूरी है।" — बॉम्बे हाईकोर्ट की विशेष पीठ
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मुंबई पुलिस की पुरानी क्लोजर रिपोर्ट पर उठे गंभीर सवाल
मुंबई पुलिस की शुरुआती जांच में इस मामले को आत्महत्या करार देकर फाइल बंद कर दी गई थी। हालांकि परिजनों और याचिकाकर्ताओं ने आरोप लगाया था कि उस रात के सीसीटीवी फुटेज (CCTV), पार्टी में मौजूद संदिग्धों के कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और फ्लैट की चाबियों से जुड़ी रिपोर्ट में गंभीर खामियां थीं। अब सीबीआई इन सभी पंचनामों, फॉरेंसिक सबूतों और चश्मदीदों के बयानों को दोबारा री-कॉल करके नए बयान दर्ज करने जा रही है।
सुशांत सिंह राजपूत केस से क्या है सीधा कनेक्शन?
दिशा सालियान की मौत 8 जून 2020 को मुंबई के मलाड स्थित एक इमारत की 14वीं मंजिल से गिरकर हुई थी। इसके ठीक 6 दिन बाद 14 जून 2020 को बांद्रा स्थित अपने फ्लैट में सुशांत सिंह राजपूत मृत पाए गए थे। सुशांत के कई करीबियों ने दावा किया था कि दिशा की मौत की खबर से सुशांत बेहद बेचैन हो गए थे और उन्होंने अपने दोस्तों से कहा था कि 'वे लोग मुझे भी नहीं छोड़ेंगे'। इस नए कदम से उम्मीद जगी है कि दोनों घटनाओं की कड़ियों को जोड़कर दूध का दूध और पानी का पानी हो सकेगा।








