होम/देश/बेंगलुरु में सियासी संग्राम: चुनाव आयोग के दफ्तर के बाहर धरने पर बैठे डीके शिवकुमार
देशपढ़ने में समय: 3 मिनट

बेंगलुरु में सियासी संग्राम: चुनाव आयोग के दफ्तर के बाहर धरने पर बैठे डीके शिवकुमार

कर्नाटक में फॉर्म-7 और एसआईआर (SIR) विवाद को लेकर मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार अपने विधायकों के साथ मुख्य निर्वाचन अधिकारी के दफ्तर के बाहर धरने पर बैठ गए हैं। उन्होंने चुनावी धोखाधड़ी के गंभीर आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज करने की मांग की है।
✍️
नेशनल डेस्क, द फ्रीलांस
राष्ट्रीय संपादकीय ब्यूरो•3 अक्टूबर 2026 • अपडेटेड•45
🌐Read in English →
शेयर करें:
बेंगलुरु में सियासी संग्राम: चुनाव आयोग के दफ्तर के बाहर धरने पर बैठे डीके शिवकुमार
📷 बेंगलुरु में सियासी संग्राम: चुनाव आयोग के दफ्तर के बाहर धरने पर बैठे डीके शिवकुमार — मुख्य घटनाक्रमफोटो साभार: रॉयटर्स / एजेंसीज़ / सोशल मीडिया

खबर की बड़ी बातें (Key Highlights)

  • कर्नाटक में फॉर्म-7 और एसआईआर (SIR) विवाद को लेकर मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार अपने विधायकों के साथ मुख्य निर्वाचन अधिकारी के दफ्तर के बाहर धरने पर बैठ गए हैं। उन्होंने चुनावी धोखाधड़ी के गंभीर आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज करने की मांग की है।
  • इस खबर से जुड़े सभी पहलुओं की जांच और निगरानी संबंधित विभागों द्वारा की जा रही है।
  • विशेषज्ञों के अनुसार इस घटनाक्रम का आम जनता पर सीधा असर पड़ सकता है।

बेंगलुरु: कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में इन दिनों सियासी पारा सातवें आसमान पर है। 'द फ्रीलान्स' की ऑन-द-ग्राउंड इन्वेस्टिगेशन टीम को मिली जानकारी के मुताबिक, राज्य में चल रहे SIR (विशेष गहन पुनरीक्षण) और फॉर्म-7 से जुड़े कथित चुनावी फर्जीवाड़े के विरोध में मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने आक्रामक रुख अख्तियार कर लिया है। वे अपने समर्थक विधायकों और मंत्रियों के साथ मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) के कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए हैं, जिससे राज्य की प्रशासनिक और राजनीतिक हलचल तेज हो गई है।

फार्म-7 और SIR पर घमासान: क्या है पूरा मामला?

यह पूरा विवाद मतदाता सूची में नाम जुड़वाने, हटवाने और फॉर्म-7 के दुरुपयोग के आरोपों से जुड़ा है। डीके शिवकुमार और उनकी पार्टी का आरोप है कि एसआईआर प्रक्रिया के दौरान बड़े पैमाने पर चुनावी धोखाधड़ी को अंजाम दिया गया है। कांग्रेस पार्टी का दावा है कि विपक्षी ताकतों द्वारा सोची-समझी साजिश के तहत वैध मतदाताओं के नाम सूची से हटाए जा रहे हैं, जो सीधे तौर पर लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर एक बड़ा हमला है। यही वजह है कि मुख्यमंत्री ने सीधे तौर पर मुख्य निर्वाचन अधिकारी के प्रशासनिक तंत्र के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।

संबंधित खबरें

पौराणिक कथाओं से आगे बढ़कर अब आध्यात्मिक धारा की ओर सोनी टीवी, नीम करोली बाबा पर नया दांव

पौराणिक कथाओं से आगे बढ़कर अब आध्यात्मिक धारा की ओर सोनी टीवी, नीम करोली बाबा पर नया दांव

एशियन गेम्स का महामुकाबला: गोल्ड मेडल के लिए आज भिड़ेंगे भारत और पाकिस्तान

एशियन गेम्स का महामुकाबला: गोल्ड मेडल के लिए आज भिड़ेंगे भारत और पाकिस्तान

भारत बनाम पाकिस्तान क्रिकेट स्कोरकार्ड की गूंज: मैदान से लेकर डिजिटल ट्रेंड्स तक का विश्लेषण

भारत बनाम पाकिस्तान क्रिकेट स्कोरकार्ड की गूंज: मैदान से लेकर डिजिटल ट्रेंड्स तक का विश्लेषण

राजस्थान से मानसून की विदाई और अक्टूबर का नया ताप: मैदानों में बदलेगी मौसम की चाल

राजस्थान से मानसून की विदाई और अक्टूबर का नया ताप: मैदानों में बदलेगी मौसम की चाल

नीतीश के कुनबे में आंतरिक कलह या सियासी चाल? बाहुबली के जुटान ने बढ़ाई जेडीयू की टेंशन

नीतीश के कुनबे में आंतरिक कलह या सियासी चाल? बाहुबली के जुटान ने बढ़ाई जेडीयू की टेंशन

राहत बनी आफत: बिहार में हेलीकॉप्टर से गिरे राहत पैकेट की चपेट में आने से 58 वर्षीय बाढ़ पीड़ित की मौत

राहत बनी आफत: बिहार में हेलीकॉप्टर से गिरे राहत पैकेट की चपेट में आने से 58 वर्षीय बाढ़ पीड़ित की मौत

राजस्थान पंचायत चुनाव: गांव की चौखट पर सियासी सरगर्मी, 4 चरणों में मतदान की तैयारी और आचार संहिता की आहट

राजस्थान पंचायत चुनाव: गांव की चौखट पर सियासी सरगर्मी, 4 चरणों में मतदान की तैयारी और आचार संहिता की आहट

गुवाहाटी के लाउंज बार में महिला से बर्बरता: सुरक्षा व्यवस्था और नाइटलाइफ़ पर उठे गंभीर सवाल

गुवाहाटी के लाउंज बार में महिला से बर्बरता: सुरक्षा व्यवस्था और नाइटलाइफ़ पर उठे गंभीर सवाल

मुख्य निर्वाचन अधिकारी के खिलाफ एफआईआर की मांग

धरना स्थल पर मौजूद मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने बेहद कड़े तेवर दिखाते हुए मुख्य निर्वाचन अधिकारी और इस कथित धांधली में शामिल अन्य अधिकारियों के खिलाफ तत्काल प्रभाव से एफआईआर (FIR) दर्ज करने की मांग की है। शिवकुमार का कहना है कि जब तक इस पूरे मामले में स्वतंत्र और निष्पक्ष आपराधिक जांच शुरू नहीं होती और दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई का लिखित आश्वासन नहीं मिलता, तब तक उनका यह शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा।

"लोकतंत्र की हत्या करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। एसआईआर और फॉर्म-7 के नाम पर जो खेल खेला गया है, उसके दस्तावेज हमारे पास हैं। हम चुनाव आयोग से पारदर्शी कार्रवाई की मांग करते हैं।" - डीके शिवकुमार, मुख्यमंत्री, कर्नाटक

विधायकों का समर्थन और राजनीतिक लामबंदी

इस धरने में सिर्फ डीके शिवकुमार अकेले नहीं हैं, बल्कि उनके साथ बड़ी संख्या में कर्नाटक के विधायक, विधान परिषद सदस्य और पार्टी के वरिष्ठ नेता भी जमीन पर बैठे नजर आए। बेंगलुरु स्थित मुख्य चुनाव अधिकारी के दफ्तर के बाहर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। पुलिस और अर्धसैनिक बलों के जवानों को तैनात किया गया है ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस प्रदर्शन के जरिए कांग्रेस पार्टी ने आने वाले दिनों के लिए एक मजबूत राजनीतिक संदेश देने की कोशिश की है।

चुनाव आयोग की प्रतिक्रिया और आगे की राह

सूत्रों के मुताबिक, इस हाई-वोल्टेज ड्रामे के बाद निर्वाचन आयोग के उच्च अधिकारियों ने मामले का संज्ञान लिया है और शिकायतों की आंतरिक जांच तथा उचित कार्रवाई का भरोसा दिलाया है। हालांकि, मुख्यमंत्री और उनके विधायक इस बात पर अड़े हैं कि केवल मौखिक आश्वासनों से काम नहीं चलेगा, बल्कि ठोस और कानूनी कार्रवाई धरातल पर दिखनी चाहिए। 'द फ्रीलान्स' इस पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर बनाए हुए है और चुनाव आयोग की आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार कर रहा है।

द फ्रीलांस पत्रकारिता नीति (Editorial Commitment):हम निष्पक्ष, सटीक और तथ्यात्मक पत्रकारिता के लिए प्रतिबद्ध हैं। यह समाचार रिपोर्ट विभिन्न प्रमाणित समाचार एजेंसियों, आधिकारिक बयानों और स्थानीय संवाददाताओं से प्राप्त इनपुट के आधार पर तैयार की गई है।
✍️

नेशनल डेस्क, द फ्रीलांस

सत्यापित संपादकीय डेस्क

राजनीतिक, नीतिगत एवं राष्ट्रीय सरोकार रिपोर्टिंग टीम

द फ्रीलांस की राष्ट्रीय संपादकीय डेस्क देश की राजनीति, संसद, नीतिगत फैसलों, केंद्रीय योजनाओं और जनसरोकार से जुड़े बड़े मुद्दों पर 24/7 निष्पक्ष, तथ्यपरक और खोजी रिपोर्टिंग करती है। यह टीम दोहरे तथ्य-सत्यापन के कठोर सिद्धांतों का पालन करती है।

संबंधित खबरें (Related Articles)

पौराणिक कथाओं से आगे बढ़कर अब आध्यात्मिक धारा की ओर सोनी टीवी, नीम करोली बाबा पर नया दांवENTERTAINMENT

पौराणिक कथाओं से आगे बढ़कर अब आध्यात्मिक धारा की ओर सोनी टीवी, नीम करोली बाबा पर नया दांव

3 अक्टू॰35
एशियन गेम्स का महामुकाबला: गोल्ड मेडल के लिए आज भिड़ेंगे भारत और पाकिस्तानTECH-AUTO

एशियन गेम्स का महामुकाबला: गोल्ड मेडल के लिए आज भिड़ेंगे भारत और पाकिस्तान

3 अक्टू॰28
भारत बनाम पाकिस्तान क्रिकेट स्कोरकार्ड की गूंज: मैदान से लेकर डिजिटल ट्रेंड्स तक का विश्लेषणNATIONAL

भारत बनाम पाकिस्तान क्रिकेट स्कोरकार्ड की गूंज: मैदान से लेकर डिजिटल ट्रेंड्स तक का विश्लेषण

3 अक्टू॰38
राजस्थान से मानसून की विदाई और अक्टूबर का नया ताप: मैदानों में बदलेगी मौसम की चालNATIONAL

राजस्थान से मानसून की विदाई और अक्टूबर का नया ताप: मैदानों में बदलेगी मौसम की चाल

3 अक्टू॰41
नीतीश के कुनबे में आंतरिक कलह या सियासी चाल? बाहुबली के जुटान ने बढ़ाई जेडीयू की टेंशनPOLITICS

नीतीश के कुनबे में आंतरिक कलह या सियासी चाल? बाहुबली के जुटान ने बढ़ाई जेडीयू की टेंशन

3 अक्टू॰29
राहत बनी आफत: बिहार में हेलीकॉप्टर से गिरे राहत पैकेट की चपेट में आने से 58 वर्षीय बाढ़ पीड़ित की मौतSTATES

राहत बनी आफत: बिहार में हेलीकॉप्टर से गिरे राहत पैकेट की चपेट में आने से 58 वर्षीय बाढ़ पीड़ित की मौत

3 अक्टू॰34
राजस्थान पंचायत चुनाव: गांव की चौखट पर सियासी सरगर्मी, 4 चरणों में मतदान की तैयारी और आचार संहिता की आहटNATIONAL

राजस्थान पंचायत चुनाव: गांव की चौखट पर सियासी सरगर्मी, 4 चरणों में मतदान की तैयारी और आचार संहिता की आहट

3 अक्टू॰40
गुवाहाटी के लाउंज बार में महिला से बर्बरता: सुरक्षा व्यवस्था और नाइटलाइफ़ पर उठे गंभीर सवालPOLITICS

गुवाहाटी के लाउंज बार में महिला से बर्बरता: सुरक्षा व्यवस्था और नाइटलाइफ़ पर उठे गंभीर सवाल

3 अक्टू॰41