अजय देवगन की ब्लॉकबस्टर फ्रैंचाइजी 'दृश्यम 3' का अनोखा सफर
बॉलीवुड के जाने-माने अभिनेता अजय देवगन की बहुप्रतीक्षित फिल्म 'दृश्यम 3' (जिसका आधिकारिक नाम 'दृश्यम: द कन्क्लूजन' है) इन दिनों सिनेमाघरों में तहलका मचा रही है। इस सस्पेंस थ्रिलर फिल्म को लेकर दर्शकों के बीच दीवानगी का आलम यह है कि टिकट खिड़की पर आंकड़े लगातार नए रिकॉर्ड बना रहे हैं। फिल्म के निर्देशक अभिषेक पाठक हैं और इसमें अजय देवगन एक बार फिर अपने आइकोनिक किरदार विजय सलगांवकर के रूप में पर्दे पर लौटे हैं। फिल्म की कहानी और इसके जबरदस्त मोड़ दर्शकों को सीट से बांधे रखने में पूरी तरह कामयाब साबित हो रहे हैं।
हालांकि, परदे पर दिखने वाले इस रोमांचक सस्पेंस को गढ़ने के पीछे मेकर्स और राइटर्स की महीनों की कड़ी मेहनत छिपी है। फिल्म की पटकथा को लेकर हाल ही में कई दिलचस्प खुलासे सामने आए हैं, जिन्होंने यह साबित कर दिया है कि एक बेहतरीन थ्रिलर फिल्म बनाना कितना जटिल और चुनौतीपूर्ण काम होता है। दर्शकों के दिलों पर राज करने वाली इस कहानी को सही अंजाम तक पहुंचाने के लिए टीम को अनगिनत पड़ावों से गुजरना पड़ा था, जिसकी गवाही खुद फिल्म के मुख्य लेखक ने दी है।
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क्लाइमेक्स तक पहुंचने के लिए लिखने पड़े 100 से ज्यादा ड्राफ्ट
फिल्म के स्क्रीनराइटर आमिल कियान खान ने एक हालिया इंटरव्यू में इस बात से पर्दा उठाया कि 'दृश्यम 3' की एंडिंग यानी क्लाइमेक्स तय करना उनके करियर के सबसे कठिन कामों में से एक था। उन्होंने बताया कि फाइनल वर्शन तक पहुंचने से पहले उन्हें और उनकी पूरी टीम को 100 से ज्यादा अलग-अलग ड्राफ्ट तैयार करने पड़े। लिखने की इस पूरी प्रक्रिया को बयां करते हुए उन्होंने इसे किसी ऊंचे पहाड़ पर चढ़ने जैसा कठिन अनुभव बताया, जहां हर कदम पर फिसलने का खतरा बना रहता है।
आमिल ने मजाकिया अंदाज में बताया कि उनके कंप्यूटर सिस्टम में अनगिनत फोल्डर और फाइलें बन चुकी थीं, जिनके नाम 'FINAL', 'FINAL 2', 'FINAL FINAL' और यहाँ तक कि 'FINAL PLEASE GOD' रखे गए थे। उन्होंने स्वीकार किया कि उन्होंने सचमुच में गिनती ही भुला दी थी कि आखिरकार उन्होंने कितनी बार स्क्रिप्ट में बदलाव किए। एक ऐसी कहानी जिसके किरदारों से दर्शक पहले ही गहराई से जुड़ चुके हों, उसे तीसरी बार पर्दे पर उतारना और हर बार दर्शकों को हैरान कर देना किसी तलवार की धार पर चलने जैसा ही था।
"यह एक बहुत ऊंचे पहाड़ पर चढ़ने जैसा था। आपके पास एक पसंदीदा फ़्रैंचाइजी है, एक ऐसा परिवार जिसके साथ दर्शक सालों से जुड़े रहे हैं, और दो बहुत पसंद की गई फिल्मों की विरासत का बोझ आपके कंधों पर है। और सबसे जरूरी बात, आप तीसरी बार दर्शकों को कैसे चौंकाएंगे?" — आमिल कियान खान, स्क्रीनराइटर
मलयालम रीमेक से हटकर बनाई गई एक मौलिक कहानी
हिंदी सिनेमा के इतिहास में 'दृश्यम 3' एक बड़ा बदलाव लेकर आई है। आपको बता दें कि इस फ्रैंचाइजी की पहली दो फिल्में यानी 'दृश्यम' और 'दृश्यम 2' मोहनलाल की लोकप्रिय मलयालम फिल्मों की सीधी रीमेक थीं। लेकिन तीसरी किस्त के मामले में मेकर्स ने एक बिल्कुल अलग और साहसी रास्ता चुना। 'दृश्यम: द कन्क्लूजन' किसी अन्य भाषा की फिल्म की नकल नहीं है, बल्कि यह विजय सलगांवकर और उनके परिवार को एक बिलकुल नई दिशा और अनकही कहानी के साथ आगे बढ़ाती है।
लेखक के सामने सबसे बड़ी चुनौती यही थी कि वे मूल फिल्म यानी 'दृश्यम' के डीएनए और उसकी मूल आत्मा को बरकरार रखते हुए एक ओरिजिनल स्क्रीनप्ले तैयार करें। इस पटकथा में परिवार का प्यार, मानवीय भावनाएं, हल्का-फुल्का ह्यूमर, ड्रामा और रोमांच का ऐसा बेहतरीन संतुलन बिठाना था कि कोई भी एक पहलू दूसरे पर भारी न पड़ जाए। इस जटिल संतुलन को साधने के लिए टीम ने बिना निराश हुए लगातार मेहनत जारी रखी और आखिरकार एक ऐसी पटकथा तैयार की जिसने सिनेमाघरों में आते ही धमाल मचा दिया।
गोवा पुलिस के खिलाफ जंग और बॉक्स ऑफिस पर ताबड़तोड़ कमाई
फिल्म की कहानी वहीं से परवान चढ़ती है जहाँ विजय सलगांवकर की भिड़ंत गोवा पुलिस के साथ अपने परिवार को बचाने के लिए होती है। पुलिस लगातार यह साबित करने की फिराक में रहती है कि विजय ने उस लड़के की लाश को ठिकाना लगाया है जो पूर्व आईजीपी मीरा देशमुख का बेटा था। इस चूहे-बिल्ली के खेल को पर्दे पर देखना दर्शकों के लिए एक अलग ही अनुभव रहा है। फिल्म में अजय देवगन के अलावा तब्बू, श्रिया सरन, रजत कपूर, और जयदीप अहलावत जैसे दिग्गज कलाकार अपनी दमदार एक्टिंग से जान फूंकते नजर आए हैं।
बात करें बॉक्स ऑफिस प्रदर्शन की, तो 'दृश्यम 3' ने रिलीज के साथ ही बॉक्स ऑफिस पर शानदार पकड़ बना ली है। शुरुआती तीन दिनों के भीतर ही इस फिल्म ने भारत में लगभग डेढ़ सौ करोड़ रुपये से ज्यादा का नेट कलेक्शन कर लिया है, जबकि दुनिया भर में इसकी ग्रॉस कमाई भी बहुत तेजी से नए मील के पत्थर छू रही है। समीक्षकों द्वारा सराहे जाने और जनता से मिल रहे पॉजिटिव वर्ड ऑफ माउथ के दम पर यह फिल्म इस साल की सबसे बड़ी हिट फिल्मों की सूची में मजबूती से अपनी जगह बना चुकी है।







