नई दिल्ली/गांधीनगर: 'द फ्रीलान्स' की विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग डेस्क पर इस समय निवेशकों की निगाहें पूरी तरह से 'GIFT Nifty Live' के आंकड़ों पर टिकी हैं। हालिया कारोबारी सत्रों में जहां एक ओर बाजार में लगातार उतार-चढ़ाव और कमजोरी के संकेत मिल रहे हैं, वहीं दूसरी ओर गिफ्ट निफ्टी के लाइव इंडेक्स कभी तेजी तो कभी सुस्ती के बीच झूल रहे हैं। वित्तीय बाजारों के जानकारों का मानना है कि भारतीय बाजार की ओपनिंग अब पूरी तरह से गुजरात के गिफ्ट सिटी में ट्रेड हो रहे इस डेरिवेटिव्स इंडेक्स पर निर्भर हो गई है।
बाजार की सुस्ती और गिफ्ट निफ्टी के लाइव संकेत
दला स्ट्रीट पर पिछले कुछ दिनों से बिकवाली का दबाव साफ तौर पर देखा जा रहा है। देश के प्रमुख शेयर बाजारों (NSE और BSE) में ट्रेडिंग शुरू होने से पहले ही निवेशक गिफ्ट निफ्टी के लाइव रुझानों को खंगालना शुरू कर देते हैं। जहां कुछ सत्रों में गिफ्ट निफ्टी में 100 अंकों से अधिक की तेजी ने सकारात्मक शुरुआत के संकेत दिए, वहीं अन्य सत्रों में कमजोरी के चलते विप्रो, इंफोसिस और टेक महिंद्रा जैसे दिग्गज आईटी शेयरों के साथ-साथ चुनिंदा मेटल और रियल्टी शेयरों पर भी भारी दबाव देखा गया।
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एशियाई बाजारों और कमोडिटी बाजार का सीधा असर
हमारी फील्ड जांच में यह बात सामने आई है कि केवल घरेलू कारक ही नहीं, बल्कि वैश्विक उथल-पुथल भी भारतीय बाजार की चाल तय कर रही है। एक तरफ जहां एशियाई बाजारों से कभी पॉजिटिव तो कभी सुस्त संकेत मिल रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ कच्चे तेल (Brent Crude) की कीमतों में उतार-चढ़ाव ने बाजार की नब्ज थाम रखी है। ब्रेंट क्रूड के 100 डॉलर प्रति बैरल के आसपास या उससे नीचे रहने के बावजूद मुद्रास्फीति और ब्याज दरों को लेकर निवेशकों में एक अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है।
ट्रेडर्स डायरी: किन शेयरों पर है निवेशकों की पैनी नजर
कारोबारी गलियारों और 'Traders Diary' के समीकरणों के मुताबिक, इस वोलेटाइल बाजार में स्टॉक-स्पेसिफिक एक्शन जोरों पर है। टेक महिंद्रा (Tech Mahindra), सोलर इंडस्ट्रीज (Solar Ind), लोढ़ा डेवलपर्स (Lodha) और इंटरआर्च बिल्डिंग (Interarch Building) जैसे शेयरों में ऑर्डर बुक और तिमाही नतीजों के दम पर बड़े उतार-चढ़ाव की उम्मीद जताई जा रही है। विश्लेषकों का सुझाव है कि मौजूदा बाजार में बिना सोचे-समझे पोजीशन बनाने के बजाय मजबूत फंडामेंटल वाले शेयरों पर ही फोकस किया जाना चाहिए।
भविष्य का नजरिया और ग्राउंड एनालिसिस
"बाजार की मौजूदा स्थिति किसी एकतरफा ट्रेंड की ओर इशारा नहीं करती। गिफ्ट निफ्टी के लाइव इंडिकेटर और ग्लोबल मैक्रो इकोनॉमिक डेटा फिलहाल बाजार को एक सीमित दायरे (Range-bound) में रखने का काम कर रहे हैं। ऐसे में निवेशकों को जोखिम प्रबंधन पर सबसे ज्यादा जोर देना चाहिए।"
अंततः, जब तक कोई बड़ा घरेलू या अंतरराष्ट्रीय ट्रिगर सामने नहीं आता, तब तक 'GIFT Nifty Live' ही भारतीय बाजार के शुरुआती रुझानों का सबसे भरोसेमंद और तेज पैमाना बना रहेगा। 'द फ्रीलान्स' इस पूरे घटनाक्रम पर लगातार अपनी पैनी नजर बनाए रखेगा।







