सर्राफा बाजार में बड़ी गिरावट: सोना और चांदी हुए सस्ते
भारतीय सर्राफा बाजार में पिछले कुछ दिनों से जारी उतार-चढ़ाव के बीच आम लोगों के लिए एक राहत भरी खबर सामने आई है। सोने और चांदी की कीमतों में आई भारी गिरावट ने निवेशकों और खरीदारों का ध्यान अपनी ओर खींचा है। विशेषकर उन परिवारों के लिए यह राहत का समय है जो आगामी त्योहारों या शादी के सीजन के लिए सोने-चांदी की खरीदारी करने की योजना बना रहे थे। पिछले कुछ सत्रों से लगातार कमजोर हो रहे इन कीमती धातुओं के भाव अब काफी नीचे आ चुके हैं, जिससे बाजार में हलचल तेज हो गई है।
आंकड़ों के मुताबिक, राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सोने के भावों में लगातार दूसरे दिन बड़ा गोता लगा है। जानकारों का कहना है कि वैश्विक बाजार के बदलते रुख और घरेलू स्तर पर मांग में आई सुस्ती के कारण कीमतों पर सीधा असर पड़ा है। बाजार के जानकारों का मानना है कि इस तरह के उतार-चढ़ाव अभी कुछ और दिन बने रह सकते हैं, जिससे निवेशकों को भी अपनी रणनीति बदलने पर मजबूर होना पड़ रहा है।
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दो महीने के बाद डेढ़ लाख के नीचे आया सोना
राजधानी दिल्ली के स्थानीय सर्राफा बाजार में 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने की कीमत में लगभग 1400 रुपये की और गिरावट दर्ज की गई। इसके साथ ही सोने का भाव फिसलकर 1,48,600 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच गया। पिछले सत्र में सोना 1.50 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास ट्रेड कर रहा था। इस गिरावट के साथ ही सोना दो महीने में पहली बार डेढ़ लाख रुपये के मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे आ गया है।
इससे पहले जुलाई के अंत में सोने की कीमतें इस स्तर के आसपास दर्ज की गई थीं। जानकारों का मानना है कि घरेलू स्तर पर खरीदारों की तरफ से सुस्त मांग और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में डॉलर की मजबूती ने सोने की चमक को कुछ फीका किया है। हालांकि, लंबे समय के नजरिए से निवेशकों के लिए यह एक अच्छा मौका साबित हो सकता है, क्योंकि वे कम कीमत पर खरीदारी कर सकते हैं।
चांदी के दामों में भी भारी कमी, निवेशकों में चर्चा
केवल सोने ही नहीं, बल्कि चांदी की कीमतों में भी भारी मंदी देखने को मिली है। पिछले कारोबारी सत्रों में चांदी के भाव में कई हजार रुपये की बड़ी गिरावट आ चुकी है। सर्राफा बाजार में चांदी की कीमत 2.32 लाख रुपये से लेकर 2.22 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के बीच आ गई है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी MCX पर भी चांदी के फ्यूचर ट्रेड में भारी बिकवाली देखी गई है, जिससे कीमतें नीचे आई हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, चांदी में औद्योगिक मांग और वैश्विक कमोडिटी बाजार के रुझानों का सीधा असर पड़ता है। पिछले कुछ हफ्तों में चांदी की कीमतों में रिकॉर्ड ऊंचाई देखने को मिली थी, जिसके बाद अब मुनाफावसूली और वैश्विक दबाव के कारण करेक्शन देखने को मिल रहा है। खुदरा खरीदार इस गिरावट का फायदा उठाकर खरीदारी करने के लिए दुकानों का रुख कर रहे हैं।
कीमतों में गिरावट की मुख्य वजहें और वैश्विक कारक
सोने और चांदी के भाव में अचानक आई इस गिरावट के पीछे कई बड़े वैश्विक और आर्थिक कारण जिम्मेदार हैं। सबसे बड़ा कारण अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में लगातार बना हुआ उछाल है। अमेरिका में 10 साल की ट्रेजरी बॉन्ड यील्ड ऊंचे स्तर पर बनी हुई है, जिससे निवेशकों का रुझान बांड बाजार की तरफ ज्यादा बढ़ गया है। इसके अलावा, अमेरिकी फेडरल बैंक की नीतियों और ब्याज दरों को लेकर आए संकेतों ने भी कमोडिटी मार्केट को प्रभावित किया है।
इसके साथ ही, पश्चिम एशिया के भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में आए उतार-चढ़ाव ने वैश्विक निवेशकों की प्राथमिकताओं को बदल दिया है। डॉलर इंडेक्स में मजबूती आने के कारण अन्य मुद्राओं में कारोबार करने वाले निवेशकों के लिए सोना महंगा पड़ रहा है, जिससे वैश्विक स्तर पर बिकवाली का दबाव देखा गया है।
"वैश्विक बाजारों में बॉन्ड रिटर्न के आकर्षक होने और अमेरिकी डॉलर में मजबूती के चलते निवेशकों ने सुरक्षित निवेश के रूप में अन्य विकल्पों का रुख किया है, जिसका असर सोने और चांदी के दामों पर साफ दिखाई दे रहा है।" — पिंकी यादव, जिंस विश्लेषक, चॉइस ब्रोकिंग
खरीदारों और निवेशकों के लिए आगे की क्या है राह
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा समय में सोने और चांदी के दामों में अस्थिरता बनी रह सकती है। जिन लोगों को शादियों या अन्य पारिवारिक आयोजनों के लिए गहने खरीदने हैं, उनके लिए यह समय अनुकूल हो सकता है। हालांकि, वित्तीय जानकारों की सलाह है कि किसी भी प्रकार के बड़े निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह जरूर लें, क्योंकि वैश्विक अर्थव्यवस्था के आंकड़े तेजी से बदल रहे हैं।
आने वाले दिनों में अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों और घरेलू मांग के आधार पर ही यह तय होगा कि सोने-चांदी की कीमतें किस दिशा में आगे बढ़ती हैं। फिलहाल, आम जनता और छोटे निवेशकों के लिए यह गिरावट राहत भरी जरूर साबित हुई है।








