सोने और चांदी के बाजार में लगातार जारी है हलचल
भारतीय सर्राफा बाजार और कमोडिटी मार्केट में इन दिनों बहुमूल्य धातुओं की कीमतों को लेकर निवेशकों में भारी उत्सुकता बनी हुई है। सोने और चांदी के भाव लगातार नए रिकॉर्ड बना रहे हैं या फिर उनके आसपास बने हुए हैं। आम निवेशकों से लेकर बड़े पैमाने पर निवेश करने वाले लोगों की निगाहें हर दिन बदल रहे इन दामों पर टिकी हुई हैं। वैश्विक स्तर पर हो रहे आर्थिक बदलावों और भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के कारण निवेशकों का रुझान एक बार फिर सुरक्षित निवेश माने जाने वाले सोने और चांदी की तरफ तेजी से बढ़ा है। यही वजह है कि कीमतों में मामूली गिरावट आने के तुरंत बाद ही इसमें फिर से जोरदार रिकवरी देखने को मिल रही है।
कारोबारियों और बाजार के जानकारों का मानना है कि मौजूदा समय में सोने-चांदी की चाल इस बात का संकेत दे रही है कि आने वाले दिनों में बाजार का रुख सकारात्मक रहने वाला है। हालांकि, ग्राहकों को यह भी सलाह दी जाती है कि वे किसी भी तरह के बड़े निवेश से पहले बाजार के उतार-चढ़ाव और विशेषज्ञ की सलाह को अच्छी तरह से समझ लें। घरेलू मांग और वैश्विक संकेतों के बीच कीमतों में यह उठापटक आगे भी जारी रहने की पूरी संभावना है।
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घरेलू बाजार में एमसीएक्स पर क्या है मौजूदा हाल?
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी एमसीएक्स पर सोने और चांदी के कारोबार में लगातार तेजी का रुझान देखा जा रहा है। अक्टूबर डिलीवरी वाला सोना शुरुआती कारोबार के दौरान ही बढ़त के साथ ट्रेड करता नजर आया, जिससे इसकी कीमत रिकॉर्ड स्तरों के आसपास बनी हुई है। बाजार के आंकड़ों के अनुसार, एमसीएक्स पर सोने का भाव डेढ़ लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के पार ट्रेड करता दिखा। वहीं दूसरी ओर, चांदी की कीमतों में भी भारी उछाल दर्ज किया गया और यह करीब ढाई लाख रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर के आसपास कारोबार करती नजर आई।
सर्राफा बाजारों में भी इन बढ़ी हुई कीमतों का सीधा असर देखने को मिल रहा है। देश के विभिन्न बाजारों में 24 कैरेट सोने से लेकर 22 कैरेट और 18 कैरेट सोने के दाम ऊंचे बने हुए हैं। आभूषण खरीदारों के लिए यह कीमतें भले ही थोड़ी भारी पड़ रही हों, लेकिन निवेशकों के लिए यह मुनाफा कमाने का एक बड़ा मौका साबित हो रहा है। त्योहारी सीजन और शादियों के इस दौर में सोने-चांदी के इन बढ़े हुए दामों के बावजूद ग्राहकों में खरीदारी को लेकर उत्साह कम नहीं हुआ है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार कॉमेक्स पर कैसी रही चाल?
घरेलू बाजार के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय बाजारों यानी कॉमेक्स (Comex) पर भी सोने और चांदी की कीमतों में लगातार फेरबदल हो रहा है। वैश्विक स्तर पर निवेशकों की गतिविधियों के कारण कभी सोने में मामूली गिरावट दर्ज की जाती है तो कभी चांदी तेजी से ऊपर भागती है। कॉमेक्स पर हालिया आंकड़ों के मुताबिक, सोने की कीमतों में आंशिक नरमी देखी गई, जबकि चांदी के दाम में मजबूती का रुख बना रहा और यह शानदार बढ़त के साथ ट्रेड करती हुई दिखाई दी।
अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में डॉलर के सूचकांक, अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों से जुड़ी नीतियों और दुनिया भर के शेयर बाजारों के प्रदर्शन का सीधा असर बहुमूल्य धातुओं पर पड़ता है। जब भी वैश्विक अर्थव्यवस्था में किसी तरह का दबाव बनता है, निवेशक सोने और चांदी को सबसे सुरक्षित ठिकाना मानते हैं। यही कारण है कि वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच कॉमेक्स पर इन धातुओं की चमक लगातार बनी हुई है और दुनिया भर के बड़े निवेशक इस पर कड़ी नजर रखे हुए हैं।
ग्लोबल ब्रोकरेज फर्मों का बड़ा अनुमान: क्या 2027 तक दोगुना हो जाएंगे दाम?
सोने की कीमतों में जारी इस तेजी के बीच दुनिया की दिग्गज वित्तीय और ब्रोकरेज फर्मों ने भविष्य को लेकर बेहद चौंकाने वाले और बड़े अनुमान जारी किए हैं। प्रसिद्ध ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म जेपी मॉर्गन ने अपनी एक रिपोर्ट में अनुमान जताया है कि साल 2026 के अंत तक सोना 4,500 डॉलर और 2027 के मध्य तक 5,000 डॉलर प्रति औंस के ऐतिहासिक और अभूतपूर्व स्तर को छू सकता है।
मामले को लेकर अमेरिकी बैंक जेफरीज ने तो इससे भी बड़ा और साहसिक अनुमान लगाया है। जेफरीज के जानकारों का मानना है कि आने वाले कुछ सालों में यानी साल 2027 तक सोना वैश्विक स्तर पर 10,000 डॉलर के आंकड़े को भी पार कर सकता है। यदि यह अनुमान सच साबित होते हैं, तो निवेशकों को आने वाले समय में अपने निवेश पर बंपर रिटर्न मिल सकता है और सोने की चमक पूरी दुनिया में और अधिक बढ़ जाएगी।
"वैश्विक बाजारों में लगातार बढ़ रही अनिश्चितताओं और केंद्रीय बैंकों द्वारा सोने की भारी खरीदारी के कारण बहुमूल्य धातुओं का यह सुपरसाइकिल अभी लंबे समय तक चलने की उम्मीद है। निवेशकों के लिए यह लंबी अवधि में बेहद फायदेमंद साबित हो सकता है।" — बाजार विशेषज्ञ, कमोडिटी रिसर्च
आम निवेशक और खरीदार के लिए क्या है समझने योग्य बात?
सोने और चांदी के दामों में आ रही इस ऐतिहासिक तेजी ने छोटे और बड़े दोनों तरह के निवेशकों के सामने नए अवसर खड़े कर दिए हैं। जहां एक ओर आम ग्राहकों के लिए आभूषण खरीदना महंगा हो गया है, वहीं दूसरी ओर डिजिटल गोल्ड, गोल्ड ईटीएफ और सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड जैसी योजनाओं में निवेश करने वालों के लिए यह शानदार मुनाफा कमाने का समय है। बाजार विश्लेषकों का सुझाव है कि निवेशकों को अपने पोर्टफोलियो का एक निश्चित हिस्सा ही सोने और चांदी में लगाना चाहिए ताकि जोखिम को कम किया जा सके।
अंततः, यह स्पष्ट है कि सोने और चांदी की चमक आने वाले दिनों में फीकी पड़ने वाली नहीं है। घरेलू और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मिल रहे मजबूत संकेतों के बीच बहुमूल्य धातुएं निवेशकों की पहली पसंद बनी रहेंगी। बाजार के जानकारों की सलाह है कि हर निवेशक को अपनी वित्तीय स्थिति और लक्ष्यों को ध्यान में रखते हुए ही बाजार में कदम रखना चाहिए ताकि वे इस तेजी का पूरा लाभ उठा सकें।






