नई दिल्ली/ग्राउंड ब्यूरो — वीडियो गेम की दुनिया में सबसे बड़ा नाम माने जाने वाले 'ग्रैंड थेफ्ट ऑटो' यानी जी टी ए सिक्स का इंतजार पूरी दुनिया के युवा कर रहे हैं। पिछले कई सालों से इस गेम के आने की खबरें आ रही हैं। हाल ही में रॉकस्टार कंपनी ने इस बात से पर्दा उठाया है कि इस नए गेम को बनाने में तेरह साल का लंबा वक्त क्यों लग गया। गेम बनाने वाली कंपनी का कहना है कि वे इस गेम को बहुत ही शानदार और बेहतरीन बनाना चाहते थे ताकि खेलने वाले हर इंसान का अनुभव यादगार बन जाए।
इतने लंबे इंतजार के बाद जब इस गेम का ट्रेलर सामने आया तो इंटरनेट पर भूचाल आ गया। गेम के दीवाने इस बात से खुश थे कि उनका पसंदीदा गेम अब जल्द ही बाजार में आने वाला है। लेकिन इसी बीच कुछ शरारती लोगों ने इस गेम की कुछ अधूरी क्लिप और फाइलें इंटरनेट पर लीक कर दीं। हैकर्स ने पूरी कंपनी को धमकी भी दी कि वे इस गेम को बिना पूरा हुए ही दुनिया के सामने ला देंगे। कंपनी के लिए यह समय बहुत मुश्किल भरा था क्योंकि उनकी सालों की मेहनत और सीक्रेट प्लान सबके सामने आ गए थे।
कंप्यूटर चलाने वाले गेमर्स के लिए क्या है नया अपडेट
जो लोग अपने कंप्यूटर पर बड़े-बड़े गेम खेलना पसंद करते हैं, उनके मन में एक ही सवाल है कि क्या यह गेम उनके सिस्टम पर चलेगा। ताजा रिपोर्ट्स के मुताबिक, कंप्यूटर यानी पी सी के यूजर को इस गेम के लिए थोड़ा और इंतजार करना पड़ सकता है। प्लेस्टेशन और एक्सबॉक्स जैसे गेमिंग कंसोल पर यह गेम पहले आ सकता है, जबकि कंप्यूटर पर इसके साल दो हजार सत्ताईस की शुरुआत तक आने की उम्मीद जताई जा रही है। हालांकि रॉकस्टार कंपनी ने अभी तक कंप्यूटर वर्जन की तारीख को लेकर कोई पक्की मुहर नहीं लगाई है।
गेमिंग बाजार में चल रही इन चर्चाओं के बीच कंपनी ने अपने फैंस को यह भी भरोसा दिलाया है कि उनका अगला बड़ा प्रोजेक्ट बहुत जल्द सही समय पर सामने आएगा। तेरह साल का यह लंबा गैप इस बात का सबूत है कि कंपनी किसी भी तरह की जल्दबाजी में नहीं थी। वे गेम के ग्राफिक्स, कहानी और खेलने के तरीके पर बहुत बारीकी से काम कर रहे हैं। गेमिंग की दुनिया में इतनी बड़ी तकनीक और खुली दुनिया को संभालना कोई आसान काम नहीं होता है।
लीक और सुरक्षा की बड़ी चुनौतियां
किसी भी बड़े प्रोजेक्ट को बनाने के दौरान सुरक्षा एक बहुत बड़ा मुद्दा बन जाती है। जी टी ए सिक्स के मामले में सुरक्षा में सेंध लगना कंपनी के लिए एक बड़ा झटका था। डेटा चोरी होने की वजह से कई ऐसी चीजें बाहर आ गईं जिन्हें कंपनी अपने फैंस के सामने एक सरप्राइज के रूप में रखना चाहती थी। पुलिस और साइबर सेल की मदद से इस मामले की जांच भी की गई ताकि अपराधियों को पकड़ा जा सके। इन सब रुकावटों के बावजूद गेम बनाने वाली टीम ने अपना काम नहीं रोका और पूरी ताकत के साथ गेम को पूरा करने में जुट गए।
भारत समेत पूरी दुनिया के गेम प्रेमी इस बात को लेकर उत्साहित हैं कि आने वाले दिनों में गेमिंग का अनुभव पूरी तरह बदलने वाला है। जैसे-जैसे लॉन्च की तारीख नजदीक आ रही है, वैसे-वैसे लोगों की धड़कनें बढ़ती जा रही हैं। आने वाले हफ्तों में कंपनी की तरफ से कुछ और नई जानकारियां सामने आ सकती हैं, जो इस बात पर मुहर लगाएंगी कि कंप्यूटर यूजर को यह गेम असल में कब मिलने वाला है।
अगला पड़ाव और फैंस की उम्मीदें
द फ्रीलान्स की पड़ताल बताती है कि गेमिंग इंडस्ट्री में इस समय सिर्फ और सिर्फ इसी एक नाम की चर्चा हो रही है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से लेकर यूट्यूब तक हर जगह इसके कयास लगाए जा रहे हैं। कंपनी की तरफ से आधिकारिक बयानों का दौर भी जारी है ताकि फैल रही अफवाहों पर रोक लगाई जा सके। अब देखना यह होगा कि जब यह गेम असल में बाजार में उतरता है, तो यह लोगों की उम्मीदों पर कितना खरा उतर पाता है।





