गुवाहाटी में युवा छात्रा की मौत से सनसनी
असम की राजधानी गुवाहाटी से एक अत्यंत चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जिसने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है। गुवाहाटी यूनिवर्सिटी में समाजशास्त्र यानी सोशियोलॉजी विषय की पढ़ाई कर रही एक होनहार छात्रा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। यह मामला सामने आने के बाद से ही इलाके में भारी रोष और तनाव का माहौल बना हुआ है। मृतका की पहचान धारापुर इलाके की रहने वाली निमिषा ठाकुरिया के रूप में हुई है, जो अपने उज्ज्वल भविष्य के सपने देख रही थी। लेकिन एक शनिवार की सुबह उसके जीवन की ऐसी दुखद और डरावनी दास्तान लेकर आई, जिसने उसके परिवार को जिंदगीभर का दर्द दे दिया है। पुलिस और प्रशासन इस पूरे मामले की कड़ियों को जोड़ने में जुटे हैं ताकि यह साफ हो सके कि यह आत्महत्या का मामला है या फिर इसके पीछे किसी गहरी साजिश का काला साया छिपा है।
घटना की शुरुआत तब हुई जब निमिषा शनिवार की सुबह गुवाहाटी के ही अजारा क्षेत्र में स्थित एक निजी होमस्टे में बेहोशी की हालत में पाई गई। होमस्टे के कमरे में उसके अचेत मिलने के बाद हड़कंप मच गया। आनन-फानन में उसे गंभीर हालत में नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसकी जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। अस्पताल से मौत की खबर बाहर आते ही मृतका के परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा और स्थानीय लोग भी सकते में आ गए। आनन-फानन में हुई इस मौत ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिनका जवाब तलाशने के लिए अब पुलिस महकमा और स्थानीय नागरिक आमने-सामने आ चुके हैं।
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बॉयफ्रेंड के दावों पर उठे गंभीर सवाल
इस पूरे प्रकरण में सबसे बड़ा मोड़ तब आया जब मृतका के बॉयफ्रेंड आसिफ अली के बयान सामने आए। पुलिस पूछताछ के दौरान आसिफ ने दावा किया कि निमिषा ने मानसिक तनाव या किसी अन्य कारण से खुदकुशी की है। उसने पुलिस को बताया कि छात्रा ने कमरे के छत के पंखे से लटककर अपनी जान दे दी। हालांकि, इस दावे को लेकर शुरुआती दौर से ही कई तरह की शंकाएं जताई जा रही हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि किसी भी व्यक्ति के बयानों को यूं ही अंतिम सत्य नहीं माना जा सकता, इसलिए हर एक एंगल से बेहद बारीकी से तफ्तीश की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आखिर उस होमस्टे के कमरे के भीतर उस रात या सुबह क्या कुछ घटा था, जिसके चलते इतनी बड़ी अनहोनी हो गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पश्चिम गुवाहाटी के डीसीपी बोलिन देओरी ने मीडिया और जनता को जानकारी दी है कि पुलिस ने आरोपी बॉयफ्रेंड आसिफ अली को फौरन हिरासत में ले लिया है। उससे लगातार पूछताछ की जा रही है ताकि बयानों की सच्चाई का पता लगाया जा सके। पुलिस का मुख्य फोकस इस बात पर है कि क्या आसिफ के बयानों और मौके पर मिले सबूतों में कोई मेल है या नहीं। इसके साथ ही फोरेंसिक टीम को भी सक्रिय कर दिया गया है ताकि कमरे से हर संभव वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए जा सकें। पुलिस का मानना है कि इस गुत्थी को सुलझाने के लिए घटनाओं के सटीक क्रम को समझना सबसे ज्यादा जरूरी है।
सड़क पर उतरा जनसैलाब, एनएच-17 पर हंगामा
निमिषा की संदिग्ध मौत की खबर जैसे ही उसके घर और आसपास के इलाकों में फैली, स्थानीय लोग आक्रोशित हो गए। न्याय की मांग को लेकर भारी संख्या में स्थानीय नागरिक और यूनिवर्सिटी के छात्र गुवाहाटी इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास धारापुर इलाके में सड़क पर उतर आए। गुस्साए लोगों ने राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-17 (NH-17) को पूरी तरह से जाम कर दिया। इस विरोध प्रदर्शन के कारण गुवाहाटी को एयरपोर्ट से जोड़ने वाली मुख्य लाइफलाइन सड़क पर यातायात घंटों ठप रहा। वाहन चालकों और दूर-दराज से आने वाले यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। प्रदर्शनकारियों का साफ कहना था कि जब तक इस मामले की उच्चस्तरीय और पारदर्शी जांच नहीं होती, तब तक उनका यह आंदोलन शांत नहीं होने वाला है।
प्रदर्शन की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और भारी पुलिस बल मौके पर पहुंच गया। अधिकारियों ने आक्रोशित भीड़ को समझाने-बुझाने का काफी प्रयास किया, लेकिन लोग अपनी मांगों पर अड़े रहे। लोगों का गुस्सा इस बात को लेकर भी था कि युवा पीढ़ी के साथ इस तरह के हादसे लगातार क्यों हो रहे हैं और इसके असली गुनहगार कौन हैं। पुलिस प्रशासन ने किसी तरह भीड़ को नियंत्रित किया और यातायात को सुचारू बनाने के लिए वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल कराया। प्रशासनिक अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को आश्वासन दिया है कि इस मामले में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और कानून के मुताबिक कड़ी से कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
मजिस्ट्रियल जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुलेगा राज
इस सनसनीखेज मामले में एक नया और बेहद गंभीर तथ्य तब सामने आया जब प्रारंभिक मजिस्ट्रियल जांच के दौरान मृतका के शरीर पर कुछ चोट के निशान पाए जाने की बात सामने आई। इन चोटों के निशानों ने आत्महत्या के थ्योरी पर बहुत बड़ा सवालिया निशान खड़ा कर दिया है। परिवार और स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह आत्महत्या नहीं बल्कि सुनियोजित हत्या है, जिसे छिपाने के लिए सुसाइड का रूप दिया जा रहा है। शरीर पर चोट के निशान मिलने के बाद पुलिस भी अब इस मामले को केवल एक साधारण खुदकुशी मानकर नहीं चल रही है, बल्कि मर्डर के एंगल पर भी बेहद गंभीरता से अपनी जांच को आगे बढ़ा रही है।
"हम इस मामले के हर एक पहलू की वैज्ञानिक और तकनीकी जांच कर रहे हैं। मृतका के शरीर पर मिले निशानों और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर ही आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी। आरोपी से पूछताछ जारी है।" — बोलिन देओरी, डीसीपी वेस्ट, गुवाहाटी
फिलहाल निमिषा के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और पुलिस डॉक्टर पैनल की फाइनल रिपोर्ट का बेसब्री से इंतजार कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि मौत की असली वजह दम घुटना थी या शरीर पर लगी चोटें थीं। इसके अलावा होमस्टे के सीसीटीवी फुटेज, दोनों के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल्स और चैट इतिहास की भी गहन छानबीन की जा रही है।
निष्कर्ष और आगे की राह
एक उभरती हुई छात्रा की इस प्रकार संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो जाना समाज के लिए एक चिंता का विषय है। गुवाहाटी यूनिवर्सिटी की इस छात्रा के परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है और वे अपनी बेटी के लिए इंसाफ की गुहार लगा रहे हैं। स्थानीय लोगों का सड़कों पर उतरना इस बात का गवाह है कि जनता अब पुलिस और प्रशासन से त्वरित और पारदर्शी न्याय चाहती है। अब सबकी निगाहें पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस की फाइनल इन्वेस्टिगेशन पर टिकी हैं, जिससे यह पर्दा उठ सके कि निमिषा की मौत एक साजिश थी या कोई हादसा।

