नई दिल्ली/तेल अवीव — दुनिया भर में जंग के हालात एक बार फिर से बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंच चुके हैं। पश्चिम एशिया से मिल रही ताजा और डरावनी खबरों के मुताबिक, ईरान ने इजराइल की धरती पर सीधे बड़े पैमाने पर मिसाइलें दागी हैं। इस भयानक हमले की चपेट में इजराइल का मशहूर बंदरगाह शहर हाइफा आ गया है। हाइफा शहर पर हुए इन ताबड़तोड़ हमलों से वहां अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया है। स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा बलों ने लोगों को तुरंत सुरक्षित बंकरों में जाने के निर्देश दिए हैं।
सिर्फ हाइफा ही नहीं, बल्कि इजराइल का दूसरा अहम शहर बीट शेमेश भी इस बर्बर मिसाइल हमले का शिकार बना है। शुरुआती रिपोर्ट्स और वीडियो फुटेज में यह साफ दिख रहा है कि हमलों के बाद बीट शेमेश शहर में भारी तबाही मची है। कई इमारतों को भारी नुकसान पहुंचा है और आसमान में हर तरफ धुएं का गुबार साफ देखा जा सकता है। इजराइल की डिफेंस फोर्स यानी आईडीएफ इस हमले के बाद पूरी तरह से अलर्ट मोड पर आ गई है। जवाबी कार्रवाई के लिए देश की हवाई सुरक्षा प्रणालियों को पूरी ताकत से एक्टिव कर दिया गया है।
मिसाइल हमलों के बीच भारत की समंदर में बड़ी ताकत
एक तरफ जहां पश्चिम एशिया में मिसाइलें आसमान चीर रही हैं, वहीं दूसरी तरफ भारत ने भी अपनी सैन्य ताकत का लोहा मनवाया है। भारतीय नौसेना ने अपनी मारक क्षमता को परखते हुए एक और बड़ा मील का पत्थर हासिल किया है। भारत ने युद्धपोत आईएनएस कोलकाता से ब्रह्मोस सुपरसोनिंक क्रूज मिसाइल का सफल परीक्षण किया है। यह टेस्ट पूरी तरह कामयाब रहा है और इसने अपने तय लक्ष्य पर सटीक निशाना साधा है। इस सफल परीक्षण से भारत की समुद्री सीमाएं और अधिक सुरक्षित हो गई हैं।
ब्रह्मोस मिसाइल की गिनती दुनिया की सबसे तेज और खतरनाक क्रूज मिसाइलों में होती है। इसे भारत और रूस ने मिलकर तैयार किया है। आईएनएस कोलकाता से इसका सफल प्रक्षेपण होना यह बताता है कि भारतीय नौसेना किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। मौजूदा वैश्विक हालातों को देखते हुए भारत का यह कदम सामरिक रूप से बेहद अहम माना जा रहा है। दुनिया के तमाम देश इस वक्त अपनी रक्षा तैयारियों को मजबूत करने में जुटे हुए हैं।
इजराइल और ईरान के बीच गहराता जा रहा है संकट
इजराइल और ईरान के बीच पिछले कुछ महीनों से जारी तनातनी अब पूर्ण युद्ध का रूप लेती दिख रही है। ईरान लगातार इजराइल के अलग-अलग शहरों को अपने मिसाइल और ड्रोन हमलों से दहला रहा है। दूसरी ओर, इजराइल भी इन हमलों का मुंहतोड़ जवाब देने की बात कह रहा है। दोनों देशों के बीच छिड़ी इस जंग ने पूरी दुनिया की नींद उड़ा दी है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस पूरे घटनाक्रम पर अपनी कड़ी नजर बनाए हुए है और शांति की अपील कर रहा है।
इस जंग का असर अब आम लोगों की जिंदगी पर सीधे तौर पर पड़ने लगा है। हाइफा और बीट शेमेश जैसे रिहायशी इलाकों में मिसाइलें गिरने से आम नागरिकों की सुरक्षा पर बड़ा खतरा मंडरा रहा है। लोग अपने घरों को छोड़कर बंकरों और सेफ रूम में रहने को मजबूर हैं। अंतरराष्ट्रीय एजेंसियां वहां फंसे विदेशी नागरिकों को निकालने के उपायों पर विचार कर रही हैं। आने वाले दिनों में यह संघर्ष और भी ज्यादा विकराल रूप धारण कर सकता है।
वैश्विक रक्षा प्रणालियों और बाजार पर मंडराता खतरा
इन तमाम सैन्य गतिविधियों और मिसाइल हमलों का असर ग्लोबल मार्केट और रक्षा नीतियों पर भी साफ पड़ रहा है। युद्ध के इन हालातों की वजह से कच्चे तेल की कीमतें और अंतरराष्ट्रीय बाजार में अस्थिरता बढ़ने का खतरा पैदा हो गया है। हर देश अपनी सुरक्षा व्यवस्था को अपग्रेड करने के लिए नए रक्षा सौदे कर रहा है। भारत जैसे देश अपनी स्वदेशी तकनीक और मजबूत हथियारों के दम पर खुद को हर मोर्चे पर सुरक्षित रखने की कोशिश कर रहे हैं।
द फ्रीलान्स की ग्राउंड रिपोर्ट के मुताबिक, आने वाला समय पश्चिम एशिया के लिए बेहद संवेदनशील रहने वाला है। कूटनीतिक स्तर पर बातचीत के रास्ते फिलहाल बंद होते नजर आ रहे हैं और हथियारों की गड़गड़ाहट तेज हो गई है। आम जनता इस संघर्ष की सबसे बड़ी कीमत चुका रही है। दुनियाभर के नेताओं की कोशिश इस जंग को और फैलने से रोकने की है, लेकिन मैदानी हालात लगातार बिगड़ते ही जा रहे हैं।






