कॉमेडी की दुनिया से उपजी चिंताजनक खबर, आईसीयू में भर्ती हैं मशहूर अभिनेता
टेलीविजन के पर्दे पर अपनी अनोखी अभिनय शैली और हास्य रस से लोगों के चेहरों पर मुस्कान बिखेरने वाले कलाकार इन दिनों खुद एक बेहद दर्दनाक दौर से गुजर रहे हैं। 'एफआईआर' और 'भाबीजी घर पर हैं' जैसे चर्चित कॉमेडी धारावाहिकों में अपने किरदारों से घर-घर में लोकप्रिय होने वाले ईश्वर ठाकुर की सेहत बेहद गंभीर स्थिति में पहुंच गई है। शारीरिक तकलीफों के बढ़ने के बाद उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उनकी नाजुक हालत को देखते हुए उन्हें सीधे आईसीयू यानी गहन चिकित्सा कक्ष में शिफ्ट कर दिया है।
इस दुखद परिस्थिति ने एक बार फिर मनोरंजन जगत के उन कलाकारों की असलियत को उजागर कर दिया है जो पर्दे पर भले ही हंसाते नजर आते हैं, लेकिन परदे के पीछे उन्हें कई बार भीषण संघर्षों का सामना करना पड़ता है। ईश्वर ठाकुर के इस तरह अचानक अस्पताल में भर्ती होने की खबर सामने आते ही उनके चाहने वालों और सहकर्मियों के बीच चिंता की लहर दौड़ गई है। सोशल मीडिया पर भी उनके फैंस लगातार उनके जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना कर रहे हैं और हरसंभव मदद की उम्मीद जता रहे हैं।
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महामारी के दौर से शुरू हुई थी स्वास्थ्य समस्याओं की लंबी दास्तान
अभिनेता के परिवार से जुड़े सूत्रों और उनकी बहन द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक, ईश्वर ठाकुर की इस गंभीर बीमारी की शुरुआत कुछ साल पहले हुई थी। कोविड-19 महामारी के कारण लगे राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन से कुछ ही महीने पहले उनके पैर में एक छोटा सा घाव हो गया था। चूंकि वे पहले से ही मधुमेह यानी डायबिटीज से पीड़ित थे, इसलिए उनके शरीर में घाव भरने की प्रक्रिया बेहद धीमी पड़ गई और वह समय पर ठीक नहीं हो सका।
मधुमेह की बीमारी और उचित देखरेख के अभाव में वह सामान्य सा दिखने वाला घाव धीरे-धीरे नासूर बन गया। समय के साथ यह संक्रमण उनके पूरे शरीर में फैलता चला गया, जिससे उनके अंदरूनी अंग भी प्रभावित होने लगे। हालांकि शुरुआती दौर में उन्होंने इस शारीरिक पीड़ा के साथ जीने की कोशिश की और छोटे-मोटे माध्यमों व सोशल मीडिया रील्स के जरिए काम जारी रखा, लेकिन वक्त के साथ बीमारी ने उनके शरीर को अंदर से पूरी तरह कमजोर कर दिया।
आर्थिक तंगी के दलदल में फंसा परिवार, इलाज के लिए बची नहीं एक भी पाई
किसी भी गंभीर बीमारी का सामना करने के लिए मजबूत आर्थिक स्थिति का होना बेहद जरूरी होता है, लेकिन मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए लंबी और महंगी मेडिकल थैरेपी किसी पहाड़ जैसी होती है। ईश्वर ठाकुर के मामले में भी पैसों की कमी सबसे बड़ा अभिशाप बनकर सामने आई है। उनकी बहन जयश्री ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि पिछले कुछ सालों में भाई के इलाज पर उनकी सारी जमापूंजी खर्च हो चुकी है।
परिवार के पास अब अस्पताल का भारी-भरकम बिल चुकाने या दवाइयों का खर्च उठाने के लिए एक भी रुपया नहीं बचा है। बीमारी के इस विकट मोड़ पर जब परिवार को सबसे ज्यादा वित्तीय सहारे की जरूरत है, तब उनके हाथ पूरी तरह खाली हो चुके हैं। बहन ने बेहद भावुक होते हुए यह स्वीकार किया कि उन्होंने अपनी तरफ से हर संभव प्रयास कर लिया, लेकिन अब बिना बाहरी मदद के इस जंग को जारी रखना नामुमकिन साबित हो रहा है।
सहकलाकारों और इंडस्ट्री के दोस्तों का मिला साथ, लेकिन जरूरतें अभी भी बड़ी
इस संकट की घड़ी में मनोरंजन जगत के कुछ संवेदनशील साथी अभिनेता और शो के निर्माता मदद के लिए आगे आए हैं। 'एफआईआर' शो में उनके साथ काम कर चुकीं मशहूर अभिनेत्री कविता कौशिक और कुछ अन्य सह-कलाकारों ने समय-समय पर वित्तीय सहायता प्रदान की है, जिसकी बदौलत अभी तक का इलाज किसी तरह संभव हो पाया है। शो के मेकर्स ने भी अपनी क्षमता के अनुसार आर्थिक सहयोग दिया है।
"मेरे बड़े भाई ईश्वर पिछले कई सालों से इस शारीरिक पीड़ा को झेल रहे हैं। कोविड से पहले पैर में हुए घाव ने धीरे-धीरे पूरे शरीर में जहर की तरह संक्रमण फैला दिया। हमारे पास जो कुछ भी था, वह सब उनके इलाज में लग चुका है। अब हमारे पास और पैसे नहीं बचे हैं, इसलिए हमें जनता और शुभचिंतकों की मदद की सख्त जरूरत है।" — जयश्री, ईश्वर ठाकुर की बहन
हालांकि, आईसीयू का खर्च और लंबे समय तक चलने वाली मेडिकल देखरेख का खर्च इतना अधिक है कि केवल कुछ ही लोगों के सहयोग से काम नहीं चल पा रहा है। परिवार को अब देश भर के उन तमाम दर्शकों से उम्मीद है जिन्होंने कभी टीवी पर ईश्वर ठाकुर के अभिनय का आनंद लिया था।
अकेलेपन और संघर्षों के बीच बीता जीवन का सफर
चावन साल की उम्र पार कर चुके ईश्वर ठाकुर ने अपने जीवन में कभी शादी नहीं की। उनका पूरा संसार उनकी बुजुर्ग मां और बहन के इर्द-गिर्द ही सिमटा हुआ है। घर की पूरी जिम्मेदारी और खासकर बीमार भाई की देखभाल का जिम्मा उनकी बहन और मां ने उठा रखा है। उन्होंने अपने अभिनय करियर में कई छोटे-बड़े और यादगार कॉमेडी किरदार निभाए, जिन्हें दर्शकों ने खूब सराहा।
छोटे पर्दे की दुनिया बाहर से जितनी चमकदार और रंगीन दिखाई देती है, कई बार कलाकारों की वास्तविक जिंदगी उतनी ही संघर्षपूर्ण और अभावों से भरी होती है। ईश्वर ठाकुर का मौजूदा संकट इस बात का एक और कड़वा सच है कि कैसे एक चमकता हुआ सितारा अचानक विपरीत परिस्थितियों के अंधेरे में गुम होने की कगार पर आ जाता है। फिलहाल पूरा देश और उनके चाहने वाले यही कामना कर रहे हैं कि वे इस मुश्किल दौर से सुरक्षित बाहर निकलकर आएं।







