नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर हाल ही में एआईएसए (AISA) के एक प्रदर्शन के कवरेज के दौरान तीन महिला पत्रकारों के साथ कथित तौर पर हुई बदसलूकी और यौन उत्पीड़न का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। सोशल मीडिया पर इस घटना से जुड़े वीडियो और बयान तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिसके बाद प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने इसकी जांच क्राइम ब्रांच को सौंप दी है।
प्रतिष्ठित समाचार एजेंसी 'PTI' द्वारा एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर साझा किए गए एक वीडियो में 'CJP' के सह-संयोजक सौरभ दास यह कहते हुए नजर आ रहे हैं कि पूरा पत्रकार समुदाय और अन्य प्रदर्शनकारी इस घटना के विरोध में कल सड़कों पर उतरेंगे और महिला पत्रकार के साथ कथित मारपीट व उत्पीड़न करने वाले पुलिसकर्मी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराए जाने की मांग करेंगे।
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इंटरनेट और मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह घटना तब घटी जब जंतर-मंतर पर एक छात्र संगठन के प्रदर्शन को कवर कर रही महिला पत्रकारों को पुलिसकर्मियों द्वारा कथित रूप से दुर्व्यवहार और उत्पीड़न का सामना करना पड़ा। इस घटना के सामने आने के बाद न केवल पत्रकार संगठनों में रोष व्याप्त है, बल्कि राजनीतिक गलियारों से भी तीखी प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। कांग्रेस नेता राहुल गांधी समेत कई प्रमुख नेताओं ने इस मामले पर कड़ा रुख अपनाते हुए गृह मंत्रालय और प्रशासन से जवाब तलब किया है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर आम नागरिकों, पत्रकारों और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं द्वारा इस घटना की कड़ी निंदा की जा रही है। उपयोगकर्ताओं का कहना है कि प्रेस की स्वतंत्रता और महिला पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए। वहीं, पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच के लिए क्राइम ब्रांच को कमान सौंप दी गई है और साक्ष्यों के आधार पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।






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