विज्ञापन • ADVERTISEMENT
होम/देश/जंतर मंतर पर प्रदर्शन अब पड़ेगा भारी, सख्त नियमों और कानूनी पचड़े में फंसे प्रदर्शनकारी
देशपढ़ने में समय: 5 मिनट

जंतर मंतर पर प्रदर्शन अब पड़ेगा भारी, सख्त नियमों और कानूनी पचड़े में फंसे प्रदर्शनकारी

दिल्ली के जंतर मंतर पर विरोध प्रदर्शन करने वालों के खिलाफ नियमों को और कड़ा कर दिया गया है। अब प्रदर्शन के नाम पर कानून तोड़ने वालों को आसानी से जमानत नहीं मिलेगी और उन्हें लंबे कानूनी चक्करों का सामना करना पड़ेगा।
✍️
नेशनल डेस्क, द फ्रीलांस
राष्ट्रीय संपादकीय ब्यूरो•14 अक्टूबर 2026 • अपडेटेड•35
🌐Read in English →
शेयर करें:
जंतर मंतर पर प्रदर्शन अब पड़ेगा भारी, सख्त नियमों और कानूनी पचड़े में फंसे प्रदर्शनकारी
📷 जंतर मंतर पर प्रदर्शन अब पड़ेगा भारी, सख्त नियमों और कानूनी पचड़े में फंसे प्रदर्शनकारी — मुख्य घटनाक्रमफोटो साभार: रॉयटर्स / एजेंसीज़ / सोशल मीडिया

खबर की बड़ी बातें (Key Highlights)

  • दिल्ली के जंतर मंतर पर विरोध प्रदर्शन करने वालों के खिलाफ नियमों को और कड़ा कर दिया गया है। अब प्रदर्शन के नाम पर कानून तोड़ने वालों को आसानी से जमानत नहीं मिलेगी और उन्हें लंबे कानूनी चक्करों का सामना करना पड़ेगा।
  • इस खबर से जुड़े सभी पहलुओं की जांच और निगरानी संबंधित विभागों द्वारा की जा रही है।
  • विशेषज्ञों के अनुसार इस घटनाक्रम का आम जनता पर सीधा असर पड़ सकता है।

नई दिल्ली के जंतर मंतर पर अपनी मांगों को लेकर धरना देना अब आम लोगों और संगठनों के लिए बहुत महंगा पड़ने वाला है। राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ बेहद सख्त रुख अपना लिया है। पुलिस और जांच एजेंसियों को निर्देश दिए गए हैं कि विरोध प्रदर्शन की आड़ में कानून व्यवस्था बिगाड़ने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा न जाए। ताजा दिशा-निर्देशों के मुताबिक अब नियमों का उल्लंघन करने वालों पर तुरंत मुकदमे दर्ज किए जाएंगे और उन्हें अदालत से आसानी से जमानत भी नहीं मिलेगी।

इस पूरे मामले की जमीनी पड़ताल से यह बात सामने आई है कि खुफिया विभाग और दिल्ली पुलिस पिछले कुछ समय से जंतर मंतर पर होने वाले आयोजनों पर कड़ी नजर रख रही थी। अधिकारियों का मानना है कि कई बार शांतिपूर्ण प्रदर्शनों की आड़ में कुछ लोग माहौल खराब करने की कोशिश करते हैं। इतना ही नहीं सुरक्षा एजेंसियों के राडार पर कुछ ऐसे सोशल मीडिया हैंडल्स भी आ गए हैं जो बाहर से बैठकर माहौल भड़काने का काम कर रहे हैं। प्रशासन का साफ कहना है कि अभिव्यक्ति की आजादी के नाम पर किसी को भी देश की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

पाकिस्तानी टूलकिट और सोशल मीडिया पर पुलिस की पैनी नजर

जांच के दौरान पुलिस के हाथ कुछ ऐसे डिजिटल सबूत लगे हैं जो इशारा करते हैं कि स्थानीय प्रदर्शनों के पीछे बाहरी ताकतें भी सक्रिय हो सकती हैं। कई सोशल मीडिया अकाउंट्स की पहचान की गई है जो लगातार भड़काऊ सामग्रियां साझा कर रहे थे। इन अकाउंट्स के जरिए युवाओं को उकसाने और गलत जानकारियां फैलाने का काम किया जा रहा था। पुलिस की साइबर सेल अब इन सभी डिजिटल सबूतों को खंगालने में जुटी है ताकि मुख्य साजिशकर्ताओं तक पहुंचा जा सके। विदेशी ताकतों और तथाकथित टूलकिट का इस्तेमाल कर देश की शांति भंग करने की साजिशों को नाकाम करने के लिए अब तकनीकी निगरानी और बढ़ा दी गई है।

खुफिया रिपोर्टों के अनुसार इन ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स के जरिए लोगों को विशेष तारीखों पर जंतर मंतर पर जुटने के लिए प्रेरित किया जा रहा था। इसके पीछे का मकसद सिर्फ स्थानीय मुद्दों को उठाना नहीं बल्कि प्रशासनिक मशीनरी पर अनावश्यक दबाव बनाना और देश की छवि को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर धूमिल करना था। पुलिस अब ऐसे सभी संदिग्ध प्रोफाइलों को ब्लॉक करने और उनके संचालकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की तैयारी कर रही है। आने वाले दिनों में सोशल मीडिया पर नजर रखने के लिए विशेष टीमों को तैनात किया गया है जो हर भड़काऊ पोस्ट पर तुरंत एक्शन लेंगी।

विज्ञापन • ADVERTISEMENT

जमानत मिलने में होगी भारी मुश्किल और बढ़ेगा कानूनी शिकंजा

नए नियमों के तहत अब जंतर मंतर या अन्य संवेदनशील इलाकों में बिना अनुमति के प्रदर्शन करने वालों पर गैर-जमानती धाराओं के तहत कार्रवाई की जा सकती है। वकीलों और कानूनी जानकारों का मानना है कि इस तरह के मामलों में अदालतों से राहत पाना अब आसान नहीं होगा। पुलिस मजबूत सबूतों के साथ चार्जशीट पेश करेगी ताकि आरोपियों को लंबी कानूनी प्रक्रिया से गुजरना पड़े। यह कदम उन लोगों के लिए एक बड़ी चेतावनी है जो कानून को अपने हाथ में लेने की कोशिश करते हैं और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाते हैं।

मैदान पर तैनात पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वे नागरिकों के लोकतांत्रिक अधिकारों के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन नियमों का पालन करना सबकी जिम्मेदारी है। जो लोग तयशुदा सीमाओं को पार करेंगे और हिंसा या उपद्रव का रास्ता चुनेंगे, उन्हें कानून के कठोर दायरे में लाया जाएगा। इस सख्ती के बाद जंतर मंतर पर जुटने वाले संगठनों और राजनीतिक दलों की कार्यशैली में भी बदलाव देखने को मिल सकता है। हर प्रदर्शनकारी को अब यह अच्छी तरह समझ लेना होगा कि नियमों का उल्लंघन करने पर जेल की सलाखों के पीछे पहुंचना तय है।

प्रशासन की दो टूक चेतावनी और आगे की रणनीति

दिल्ली प्रशासन ने साफ कर दिया है कि राजधानी में कानून और व्यवस्था बनाए रखना उनकी सबसे बड़ी प्राथमिकता है। जंतर मंतर पर आने वाले हर छोटे-बड़े समूह को अब पहले से अनुमति लेनी होगी और तय नियमों का कड़ाई से पालन करना होगा। बिना अनुमति के धरना प्रदर्शन करने वालों को पुलिस तुरंत हिरासत में लेगी और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर देगी। प्रशासन की इस सख्ती से एक बात तो साफ है कि आने वाले दिनों में दिल्ली में प्रदर्शन करना उतना आसान नहीं रह जाएगा जितना पहले हुआ करता था।

आम जनता और स्थानीय दुकानदारों ने भी प्रशासन के इस कदम का मिला-जुला स्वागत किया है। कई लोगों का मानना है कि बार-बार होने वाले आयोजनों से आम जनजीवन प्रभावित होता है और ट्रैफिक जाम की समस्या पैदा होती है। वहीं कुछ सामाजिक संगठन इस कार्रवाई को लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बता रहे हैं। हालांकि सुरक्षा एजेंसियां अपनी जगह पूरी तरह मुस्तैद हैं और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पूरी तैयारी कर चुकी हैं। द फ्रीलान्स की इस ग्राउंड रिपोर्ट से यह स्पष्ट है कि राजधानी में कानून का राज कायम रखने के लिए प्रशासन अब किसी भी तरह की ढील देने के मूड में नहीं है।

प्रायोजित • SPONSORED
❤️
100% पाठक समर्थित मीडिया

निष्पक्ष व निडर पत्रकारिता को आपका साथ चाहिए

द फ्रीलांस बिना किसी कॉर्पोरेट या राजनीतिक दबाव के जनसरोकार की खबरें आप तक पहुँचाता है। आपका छोटा सा योगदान भी हमारी स्वतंत्रता की ताकत है।

संबंधित खबरें

सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान छीना माइक, वकील ने जंतर-मंतर केस से खुद को अलग किया

सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान छीना माइक, वकील ने जंतर-मंतर केस से खुद को अलग किया

CJP प्रदर्शन पर SC की टिप्पणी, कोई आंदोलन करना चाहता है, कोई मूंगफली बेचना…

CJP प्रदर्शन पर SC की टिप्पणी, कोई आंदोलन करना चाहता है, कोई मूंगफली बेचना…

सुप्रीम कोर्ट में बहस के दौरान वकील से छीना गया माइक, जंतर-मंतर केस से खुद को किया अलग

सुप्रीम कोर्ट में बहस के दौरान वकील से छीना गया माइक, जंतर-मंतर केस से खुद को किया अलग

IIT स्टूडेंट ने बनाया 'जंतर मंतर चलो' गेम: प्रोटेस्‍ट का वर्चुअल फील मिलेगा; पुलिस के डंडे, डिटेन होने से स...

IIT स्टूडेंट ने बनाया 'जंतर मंतर चलो' गेम: प्रोटेस्‍ट का वर्चुअल फील मिलेगा; पुलिस के डंडे, डिटेन होने से स...

प्रेस कॉन्फ्रेंस में हंगामा और 'दफा हो जाओ' के नारे, नेहा बोरा के आंदोलन पर गरमाई राजनीति

प्रेस कॉन्फ्रेंस में हंगामा और 'दफा हो जाओ' के नारे, नेहा बोरा के आंदोलन पर गरमाई राजनीति

तमिलनाडु से दिल्ली तक सरकार को लेकर क्या चल रहा है

तमिलनाडु से दिल्ली तक सरकार को लेकर क्या चल रहा है

तिरंगा मार्च से पहले भारी गहमागहमी, राहुल गांधी के बयान पर हाईकोर्ट का फैसला सुरक्षित और खेल जगत से जुड़ी बड़ी खबरें

तिरंगा मार्च से पहले भारी गहमागहमी, राहुल गांधी के बयान पर हाईकोर्ट का फैसला सुरक्षित और खेल जगत से जुड़ी बड़ी खबरें

तमिलनाडु में गरीब परिवारों को बड़ी राहत, चार लाख तक के कर्ज बिना गारंटी के मिलेंगे

तमिलनाडु में गरीब परिवारों को बड़ी राहत, चार लाख तक के कर्ज बिना गारंटी के मिलेंगे

✍️

नेशनल डेस्क, द फ्रीलांस

सत्यापित संपादकीय डेस्क

राजनीतिक, नीतिगत एवं राष्ट्रीय सरोकार रिपोर्टिंग टीम

द फ्रीलांस की राष्ट्रीय संपादकीय डेस्क देश की राजनीति, संसद, नीतिगत फैसलों, केंद्रीय योजनाओं और जनसरोकार से जुड़े बड़े मुद्दों पर 24/7 निष्पक्ष, तथ्यपरक और खोजी रिपोर्टिंग करती है। यह टीम दोहरे तथ्य-सत्यापन के कठोर सिद्धांतों का पालन करती है। हम निष्पक्ष, सटीक और तथ्यात्मक पत्रकारिता के लिए प्रतिबद्ध हैं। यह समाचार रिपोर्ट विभिन्न प्रमाणित समाचार एजेंसियों, आधिकारिक बयानों और स्थानीय संवाददाताओं से प्राप्त इनपुट के आधार पर तैयार की जाती है।

विज्ञापन • ADVERTISEMENT

संबंधित विजुअल स्टोरीज (Web Stories)

TAP TO VIEW

‘जंतर मंतर’ व देश से जुड़ी अन्य बड़ी खबरें

सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान छीना माइक, वकील ने जंतर-मंतर केस से खुद को अलग कियाNATIONAL

सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान छीना माइक, वकील ने जंतर-मंतर केस से खुद को अलग किया

16 अक्टू॰46
CJP प्रदर्शन पर SC की टिप्पणी, कोई आंदोलन करना चाहता है, कोई मूंगफली बेचना…NATIONAL

CJP प्रदर्शन पर SC की टिप्पणी, कोई आंदोलन करना चाहता है, कोई मूंगफली बेचना…

16 अक्टू॰33
सुप्रीम कोर्ट में बहस के दौरान वकील से छीना गया माइक, जंतर-मंतर केस से खुद को किया अलगNATIONAL

सुप्रीम कोर्ट में बहस के दौरान वकील से छीना गया माइक, जंतर-मंतर केस से खुद को किया अलग

16 अक्टू॰37
IIT स्टूडेंट ने बनाया 'जंतर मंतर चलो' गेम: प्रोटेस्‍ट का वर्चुअल फील मिलेगा; पुलिस के डंडे, डिटेन होने से स...NATIONAL

IIT स्टूडेंट ने बनाया 'जंतर मंतर चलो' गेम: प्रोटेस्‍ट का वर्चुअल फील मिलेगा; पुलिस के डंडे, डिटेन होने से स...

16 अक्टू॰30
प्रेस कॉन्फ्रेंस में हंगामा और 'दफा हो जाओ' के नारे, नेहा बोरा के आंदोलन पर गरमाई राजनीतिNATIONAL

प्रेस कॉन्फ्रेंस में हंगामा और 'दफा हो जाओ' के नारे, नेहा बोरा के आंदोलन पर गरमाई राजनीति

16 अक्टू॰42
तमिलनाडु से दिल्ली तक सरकार को लेकर क्या चल रहा हैPOLITICS

तमिलनाडु से दिल्ली तक सरकार को लेकर क्या चल रहा है

15 अक्टू॰44
तिरंगा मार्च से पहले भारी गहमागहमी, राहुल गांधी के बयान पर हाईकोर्ट का फैसला सुरक्षित और खेल जगत से जुड़ी बड़ी खबरेंNATIONAL

तिरंगा मार्च से पहले भारी गहमागहमी, राहुल गांधी के बयान पर हाईकोर्ट का फैसला सुरक्षित और खेल जगत से जुड़ी बड़ी खबरें

16 अक्टू॰49
तमिलनाडु में गरीब परिवारों को बड़ी राहत, चार लाख तक के कर्ज बिना गारंटी के मिलेंगेNATIONAL

तमिलनाडु में गरीब परिवारों को बड़ी राहत, चार लाख तक के कर्ज बिना गारंटी के मिलेंगे

16 अक्टू॰29
विज्ञापन • ADVERTISEMENT