होम/देश/सोशल मीडिया पर फैला बड़ा झूठ: भारत में मस्जिद गिराने के नाम पर शेयर हो रहा पड़ोसी देश का पुराना वीडियो
देशपढ़ने में समय: 6 मिनट

सोशल मीडिया पर फैला बड़ा झूठ: भारत में मस्जिद गिराने के नाम पर शेयर हो रहा पड़ोसी देश का पुराना वीडियो

इंटरनेट पर एक नीली इमारत में तोड़फोड़ का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि इसे कोलकाता एयरपोर्ट के पास तोड़ा गया है। 'द फ्रीलांस' की पड़ताल में यह दावा पूरी तरह फर्जी निकला है, क्योंकि यह वीडियो असल में पड़ोसी देश बांग्लादेश का है।
The Freelance ब्यूरो
TheFreelance ब्यूरो
25 सितंबर 2026 • अपडेटेड
🌐Read in English →
शेयर करें:
सोशल मीडिया पर फैला बड़ा झूठ: भारत में मस्जिद गिराने के नाम पर शेयर हो रहा पड़ोसी देश का पुराना वीडियो
📷 सोशल मीडिया पर फैला बड़ा झूठ: भारत में मस्जिद गिराने के नाम पर शेयर हो रहा पड़ोसी देश का पुराना वीडियो — मुख्य घटनाक्रमफोटो साभार: रॉयटर्स / एजेंसीज़ / सोशल मीडिया

खबर की बड़ी बातें (Key Highlights)

  • वायरल वीडियो में कोलकाता एयरपोर्ट के पास स्थित एक पुरानी मस्जिद को तोड़े जाने का झूठा दावा किया जा रहा है।
  • जांच में सामने आया कि यह वीडियो भारत का नहीं बल्कि बांग्लादेश के पाबना जिले का है।
  • वहां एक नाबालिग बच्ची से दुष्कर्म और हत्या के आरोपी के घर पर गुस्साई भीड़ ने तोड़फोड़ की थी।

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ गुमराह करने वाला वीडियो

डिजिटल युग में सोशल मीडिया की ताकत जितनी बड़ी है, इसका गलत इस्तेमाल समाज में जहर घोलने के लिए उतनी ही तेजी से किया जा रहा है। इन दिनों इंटरनेट के विभिन्न प्लेटफॉर्म्स पर एक वीडियो धड़ल्ले से शेयर किया जा रहा है। इस वीडियो में कुछ लोगों की भीड़ एक नीले रंग की बहुमंजिला इमारत को बेरहमी से तोड़ती हुई नजर आ रही है। इस क्लिप को शेयर करते हुए दावा किया जा रहा है कि यह भारत के पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता का है। पोस्ट में यह सनसनीखेज कहानी गढ़ी गई है कि एयरपोर्ट परिसर के नजदीक स्थित एक सदी पुरानी धार्मिक इमारत को प्रशासन या उपद्रवियों द्वारा निशाना बनाया गया है।

इस तरह के वीडियो जब सोशल मीडिया पर अपलोड किए जाते हैं, तो लोग बिना सोचे-समझे इन्हें शेयर करने लगते हैं। इससे न केवल आम जनता के बीच गलत संदेश जाता है, बल्कि दो समुदायों के बीच तनाव पैदा होने का गंभीर खतरा भी मंडराने लगता है। 'द फ्रीलांस' की फैक्ट चेक टीम ने जब इस वायरल दावे की तह तक जाने की ठानी, तो जो सच्चाई सामने आई, उसने इस प्रोपेगैंडा की पोल खोलकर रख दी। आइए जानते हैं कि इस पूरे मामले की असलियत क्या है और यह वीडियो कहां से आया है।

सोशल मीडिया पर फैला बड़ा झूठ: भारत में मस्जिद गिराने के नाम पर शेयर हो रहा पड़ोसी देश का पुराना वीडियो
📷 वायरल वीडियो के दावों की पड़ताल करती द फ्रीलांस फैक्ट चेक रिपोर्ट
विज्ञापन • ADVERTISEMENT

संबंधित खबरें

शिक्षकों की भर्ती में बड़ी खामी: टुकड़ों में चयन प्रक्रिया से स्कूलों में क्यों पैदा हो रहा है गंभीर संकट

शिक्षकों की भर्ती में बड़ी खामी: टुकड़ों में चयन प्रक्रिया से स्कूलों में क्यों पैदा हो रहा है गंभीर संकट

भारतीय ऑटो बाजार में इलेक्ट्रिक गाड़ियों का तूफान: महिंद्रा की बिक्री में जबरदस्त उछाल, जानिए क्या है सफलता की वजह

भारतीय ऑटो बाजार में इलेक्ट्रिक गाड़ियों का तूफान: महिंद्रा की बिक्री में जबरदस्त उछाल, जानिए क्या है सफलता की वजह

सड़क पर उतरी निसान की नई 7-सीटर एसयूवी: महिंद्रा स्कॉर्पियो को टक्कर देने की तैयारी, जानिए क्या है खास

सड़क पर उतरी निसान की नई 7-सीटर एसयूवी: महिंद्रा स्कॉर्पियो को टक्कर देने की तैयारी, जानिए क्या है खास

घर में घुसकर युवकों की पिटाई: वायरल वीडियो ने बढ़ाई सुरक्षा पर चिंता, पुलिस जांच में जुटी

घर में घुसकर युवकों की पिटाई: वायरल वीडियो ने बढ़ाई सुरक्षा पर चिंता, पुलिस जांच में जुटी

न्याय के मंदिर में तमाशा: कचहरी परिसर में भिड़े पति-पत्नी, सरेआम हाथापाई का वीडियो हुआ वायरल

न्याय के मंदिर में तमाशा: कचहरी परिसर में भिड़े पति-पत्नी, सरेआम हाथापाई का वीडियो हुआ वायरल

यूपी एमएलसी चुनाव के लिए बीजेपी का मास्टरप्लान: लोकसभा और विधानसभा की तर्ज पर उतरेगी पार्टी, कार्यकर्ताओं को मिले कड़े निर्देश

यूपी एमएलसी चुनाव के लिए बीजेपी का मास्टरप्लान: लोकसभा और विधानसभा की तर्ज पर उतरेगी पार्टी, कार्यकर्ताओं को मिले कड़े निर्देश

सफेदपोश दुनिया का काला सच: क्या वाकई आसानी से मिल जाता है भरोसा या ग्लैमर इंडस्ट्री में हर तरफ है शक का पहरा?

सफेदपोश दुनिया का काला सच: क्या वाकई आसानी से मिल जाता है भरोसा या ग्लैमर इंडस्ट्री में हर तरफ है शक का पहरा?

प्रकृति का अजब करिश्मा: जिस सांप से कांपता है मेंढक, उसी की पीठ पर बैठकर की सवारी, वीडियो वायरल

प्रकृति का अजब करिश्मा: जिस सांप से कांपता है मेंढक, उसी की पीठ पर बैठकर की सवारी, वीडियो वायरल

पड़ताल में खुला सच: वीडियो का भारत से दूर-दूर तक नाता नहीं

जब हमारी टीम ने वायरल हो रहे इस वीडियो की बारीकी से जांच की, तो सबसे पहले इसके दृश्यों के कीफ्रेम्स निकालकर डिजिटल टूल्स की मदद से रिवर्स इमेज सर्च किया गया। इस प्रक्रिया के दौरान हमें कई ऐसे लिंक और वीडियो मिले, जिन्होंने इस दावे की धज्जियां उड़ा दीं। यह वीडियो भारत के किसी भी राज्य, शहर या कस्बे का नहीं है, बल्कि यह अंतरराष्ट्रीय सीमा के उस पार यानी हमारे पड़ोसी देश बांग्लादेश की एक घटना से जुड़ा हुआ है।

बांग्लादेश के मीडिया संस्थानों और वहां के स्थानीय पत्रकारों द्वारा साझा की गई रिपोर्ट्स से यह पूरी तरह स्पष्ट हो गया कि इस फुटेज का कोलकाता या भारत के किसी भी हिस्से की किसी मस्जिद से कोई संबंध नहीं है। सोशल मीडिया यूजर्स ने व्यूज और लाइक्स पाने के लिए या फिर जानबूझकर सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने के मकसद से इस विदेशी वीडियो को एक स्थानीय भारतीय घटना के रूप में पेश किया है। ऐसी हरकतें डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर नफरत फैलाने का एक पुराना और खतरनाक तरीका बन चुकी हैं, जिस पर लगाम लगाना बेहद जरूरी है।

आखिर क्या है बांग्लादेश के पाबना में हुई उस घटना की असली कहानी?

अब सवाल यह उठता है कि अगर यह वीडियो बांग्लादेश का है, तो वहां असल में क्या हुआ था और इमारत क्यों तोड़ी जा रही थी? मिली जानकारी के अनुसार, यह घटना बांग्लादेश के पाबना उपजिला के अंतर्गत आने वाले कुलुनिया गांव की है। कुछ समय पहले वहां एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई थी, जहां दस साल की एक मासूम बच्ची के साथ क्रूरता की सारी हदें पार करते हुए दुष्कर्म किया गया और फिर उसकी बेरहमी से हत्या कर दी गई। बच्ची का शव मिलने के बाद पूरे इलाके में कोहराम मच गया था और आम जनता का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया था।

स्थानीय पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी मुस्तफा प्रमाणिक और उसके एक अन्य सहयोगी को धर दबोचा। जब ग्रामीणों को इस जघन्य अपराध के बारे में पता चला, तो उनका गुस्सा फूट पड़ा। आरोपी के घिनौने कृत्य से आक्रोशित भीड़ ने कानून को अपने हाथ में लेते हुए मुस्तफा के तीन मंजिला मकान पर धावा बोल दिया। वायरल वीडियो उसी मकान में हो रही तोड़फोड़ का है, जहां लोग गुस्से में आकर दरवाजे, खिड़कियां और फर्नीचर को तहस-नहस कर रहे थे। इस आपराधिक घटना का धर्म या भारत में किसी धार्मिक स्थल से दूर-दूर तक कोई लेना-देना नहीं है।

"वायरल वीडियो पूरी तरह से बांग्लादेश के पाबना जिले का है। वहां एक नाबालिग बच्ची के साथ हुए जघन्य अपराध से गुस्साए ग्रामीणों ने आरोपी के घर पर हमला किया था। इस घटना का भारत या कोलकाता की किसी भी मस्जिद से कोई संबंध नहीं है, यह पूरी तरह से एक अफवाह है।" — मोहम्मद राफ्त, स्थानीय पत्रकार, बांग्लादेश

कोलकाता एयरपोर्ट और बांकरा मस्जिद का सच क्या है?

इस फर्जी दावे को फैलाने वालों ने अपनी कहानी में कोलकाता एयरपोर्ट के पास स्थित 136 साल पुरानी बांकरा मस्जिद का भी जिक्र किया है। सच जानने के लिए जब इस एंगल की पड़ताल की गई, तो एक अलग ही प्रशासनिक प्रक्रिया सामने आई। एयरपोर्ट के रनवे के विस्तार और सुरक्षा मानकों को बेहतर बनाने के लिए नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतरराष्ट्रीय (NSCBI) एयरपोर्ट प्राधिकरण द्वारा कुछ क्षेत्रों में बदलाव और शिफ्टिंग का काम किया जा रहा है। इसी सिलसिले में कुछ समय पहले उस पुरानी मस्जिद परिसर में आम लोगों के प्रवेश और वहां नमाज अदा करने पर अस्थायी रूप से रोक लगाई गई थी।

यह पूरी तरह से प्रशासनिक और तकनीकी कारणों से उठाया गया कदम था, जिसके तहत एयरपोर्ट की जमीन पर मौजूद बुनियादी ढांचे को व्यवस्थित किया जा रहा था। हालांकि, किसी भी विश्वसनीय समाचार माध्यम या स्थानीय प्रशासन की रिपोर्ट में इस बात की पुष्टि नहीं हुई कि उस मस्जिद को तोड़ा गया हो या उस पर बुलडोजर चलाया गया हो। शरारती तत्वों ने इसी प्रशासनिक रोक और बांग्लादेश में हुई एक आपराधिक घटना के वीडियो को आपस में जोड़कर एक बेहद खतरनाक और झूठी कहानी गढ़ दी, ताकि देश का माहौल खराब किया जा सके।

निष्कर्ष: अफवाहों से सावधान रहें, सच जानना आपका अधिकार

आज के समय में सोशल मीडिया पर किसी भी वीडियो या फोटो को देखकर तुरंत किसी नतीजे पर पहुंचना खतरनाक हो सकता है। बिना सोचे-समझे फॉरवर्ड किए गए संदेश देश की शांति और सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बन जाते हैं। कोलकाता एयरपोर्ट के नाम पर बांग्लादेश की एक आपराधिक घटना का वीडियो शेयर करना इसी सोची-समझी साजिश का हिस्सा है। 'द फ्रीलांस' की इस विस्तृत जांच से यह साबित हो गया है कि वायरल दावा सौ फीसदी झूठा और मनगढ़ंत है। पाठकों से अपील है कि ऐसी किसी भी भ्रामक सामग्री को आगे बढ़ाने से बचें और हमेशा आधिकारिक व प्रामाणिक स्रोतों पर ही भरोसा करें। सतर्क रहें, सुरक्षित रहें।

द फ्रीलांस पत्रकारिता नीति (Editorial Commitment):हम निष्पक्ष, सटीक और तथ्यात्मक पत्रकारिता के लिए प्रतिबद्ध हैं। यह समाचार रिपोर्ट विभिन्न प्रमाणित समाचार एजेंसियों, आधिकारिक बयानों और स्थानीय संवाददाताओं से प्राप्त इनपुट के आधार पर तैयार की गई है।
विज्ञापन एवं अनुशंसित सामग्री • RECOMMENDED

संबंधित खबरें (Related Articles)

शिक्षकों की भर्ती में बड़ी खामी: टुकड़ों में चयन प्रक्रिया से स्कूलों में क्यों पैदा हो रहा है गंभीर संकटNATIONAL

शिक्षकों की भर्ती में बड़ी खामी: टुकड़ों में चयन प्रक्रिया से स्कूलों में क्यों पैदा हो रहा है गंभीर संकट

25 सित॰
भारतीय ऑटो बाजार में इलेक्ट्रिक गाड़ियों का तूफान: महिंद्रा की बिक्री में जबरदस्त उछाल, जानिए क्या है सफलता की वजहNATIONAL

भारतीय ऑटो बाजार में इलेक्ट्रिक गाड़ियों का तूफान: महिंद्रा की बिक्री में जबरदस्त उछाल, जानिए क्या है सफलता की वजह

25 सित॰
सड़क पर उतरी निसान की नई 7-सीटर एसयूवी: महिंद्रा स्कॉर्पियो को टक्कर देने की तैयारी, जानिए क्या है खासNATIONAL

सड़क पर उतरी निसान की नई 7-सीटर एसयूवी: महिंद्रा स्कॉर्पियो को टक्कर देने की तैयारी, जानिए क्या है खास

25 सित॰
घर में घुसकर युवकों की पिटाई: वायरल वीडियो ने बढ़ाई सुरक्षा पर चिंता, पुलिस जांच में जुटीNATIONAL

घर में घुसकर युवकों की पिटाई: वायरल वीडियो ने बढ़ाई सुरक्षा पर चिंता, पुलिस जांच में जुटी

25 सित॰
न्याय के मंदिर में तमाशा: कचहरी परिसर में भिड़े पति-पत्नी, सरेआम हाथापाई का वीडियो हुआ वायरलNATIONAL

न्याय के मंदिर में तमाशा: कचहरी परिसर में भिड़े पति-पत्नी, सरेआम हाथापाई का वीडियो हुआ वायरल

25 सित॰
यूपी एमएलसी चुनाव के लिए बीजेपी का मास्टरप्लान: लोकसभा और विधानसभा की तर्ज पर उतरेगी पार्टी, कार्यकर्ताओं को मिले कड़े निर्देशNATIONAL

यूपी एमएलसी चुनाव के लिए बीजेपी का मास्टरप्लान: लोकसभा और विधानसभा की तर्ज पर उतरेगी पार्टी, कार्यकर्ताओं को मिले कड़े निर्देश

25 सित॰
सफेदपोश दुनिया का काला सच: क्या वाकई आसानी से मिल जाता है भरोसा या ग्लैमर इंडस्ट्री में हर तरफ है शक का पहरा?NATIONAL

सफेदपोश दुनिया का काला सच: क्या वाकई आसानी से मिल जाता है भरोसा या ग्लैमर इंडस्ट्री में हर तरफ है शक का पहरा?

25 सित॰
प्रकृति का अजब करिश्मा: जिस सांप से कांपता है मेंढक, उसी की पीठ पर बैठकर की सवारी, वीडियो वायरलNATIONAL

प्रकृति का अजब करिश्मा: जिस सांप से कांपता है मेंढक, उसी की पीठ पर बैठकर की सवारी, वीडियो वायरल

25 सित॰