होम/देश/बुजुर्गों के कानूनी अधिकारों पर बड़ा अभियान: गांवों तक पहुंच रही मुफ्त न्याय की सुविधा, जानिए क्या है नालसा की खास योजना
देशपढ़ने में समय: 5 मिनट

बुजुर्गों के कानूनी अधिकारों पर बड़ा अभियान: गांवों तक पहुंच रही मुफ्त न्याय की सुविधा, जानिए क्या है नालसा की खास योजना

देशभर के ग्रामीण इलाकों में वरिष्ठ नागरिकों को उनके कानूनी अधिकारों और कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देने के लिए विशेष विधिक जागरूकता शिविर चलाए जा रहे हैं। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा आयोजित इन अभियानों का उद्देश्य बुजुर्गों को मुफ्त कानूनी सहायता और उनकी रुकी हुई पेंशन जैसी समस्याओं से राहत दिलाना है।
✍️
नेशनल डेस्क, द फ्रीलांस
राष्ट्रीय संपादकीय ब्यूरो•28 सितंबर 2026 • अपडेटेड
🌐Read in English →
शेयर करें:
बुजुर्गों के कानूनी अधिकारों पर बड़ा अभियान: गांवों तक पहुंच रही मुफ्त न्याय की सुविधा, जानिए क्या है नालसा की खास योजना
📷 बुजुर्गों के कानूनी अधिकारों पर बड़ा अभियान: गांवों तक पहुंच रही मुफ्त न्याय की सुविधा, जानिए क्या है नालसा की खास योजना — मुख्य घटनाक्रमफोटो साभार: रॉयटर्स / एजेंसीज़ / सोशल मीडिया

खबर की बड़ी बातें (Key Highlights)

  • सुदूर ग्रामीण इलाकों में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डालसा) द्वारा चलाए जा रहे हैं विशेष विधिक जागरूकता शिविर।
  • नालसा योजना 2016 के तहत बुजुर्गों को मुफ्त कानूनी सहायता और वकीलों की उपलब्धता कराई जा रही है सुनिश्चित।
  • पैरा-लीगल वॉलंटियर्स बुजुर्गों और विधवाओं की रुकी हुई पेंशन शुरू कराने तथा जरूरी दस्तावेज बनवाने में कर रहे हैं मदद।

भारतीय समाज में बुजुर्गों को हमेशा से मार्गदर्शक और परिवार का स्तंभ माना गया है, लेकिन उम्र के इस पड़ाव पर कई बार उन्हें उपेक्षा और कानूनी अधिकारों की जानकारी के अभाव में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इसी सच्चाई को ध्यान में रखते हुए देश के विभिन्न जिलों में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डालसा) ने एक व्यापक और जमीनी स्तर पर विधिक जागरूकता अभियान की शुरुआत की है। इस मुहिम का मुख्य उद्देश्य सुदूर गांवों में रहने वाले वरिष्ठ नागरिकों तक उनके कानूनी अधिकारों की जानकारी पहुंचाना और उन्हें न्याय दिलाना है ताकि वे आत्मनिर्भर और सुरक्षित जीवन जी सकें।

प्राधिकरण के वरिष्ठ अधिकारियों और न्यायपालिका के निर्देशों के तहत ग्रामीण अंचलों में विशेष लीगल एड क्लिनिक और जागरूकता शिविर लगाए जा रहे हैं। इन शिविरों के माध्यम से टीम के सदस्य घर-घर जाकर बुजुर्गों को राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण यानी नालसा द्वारा वरिष्ठ नागरिकों के लिए बनाई गई विशेष योजनाओं के बारे में विस्तार से बता रहे हैं। गांवों के चौपालों और सामुदायिक केंद्रों पर आयोजित होने वाले इन कार्यक्रमों में लोगों को यह समझाया जा रहा है कि कानून बुजुर्गों की सुरक्षा और सम्मान के लिए क्या-क्या प्रावधान करता है।

नालसा वरिष्ठ नागरिक योजना 2016 और इसके मूल उद्देश्य

साल 2016 में लाई गई नालसा (वरिष्ठ नागरिकों के लिए कानूनी सेवाएं) योजना इस दिशा में एक मील का पत्थर साबित हो रही है। इस योजना के तहत देश के राष्ट्रीय, राज्य, जिला और तालुका यानी तहसील स्तर पर बुजुर्गों के लिए मुफ्त कानूनी सहायता और वकीलों की आसान उपलब्धता सुनिश्चित की जाती है। यदि किसी वरिष्ठ नागरिक को उसके ही परिवार द्वारा प्रताड़ित किया जाता है या संपत्ति से बेदखल कर दिया जाता है, तो उसे कानूनी मदद देने का प्रावधान इस योजना के अंतर्गत प्रमुखता से किया गया है।

अधिकार मित्रों और विधिक विशेषज्ञों का मानना है कि बुजुर्गों को उनके बुनियादी अधिकार दिलाना समाज के हर वर्ग की नैतिक जिम्मेदारी है। इस व्यवस्था के जरिए वरिष्ठ नागरिकों को केंद्र और राज्य सरकारों की ओर से चलाई जाने वाली तमाम कल्याणकारी योजनाओं जैसे कि वृद्धावस्था पेंशन, विशेष स्वास्थ्य सुविधाएं और रियायती यात्राओं के बारे में जागरूक किया जाता है। इसके अलावा, वरिष्ठ नागरिक ट्रिब्यूनल और अपीलीय ट्रिब्यूनल के कामकाज की जानकारी भी इन शिविरों में दी जाती है ताकि बुजुर्गों को अदालतों के लंबे चक्कर न काटने पड़ें।

संबंधित खबरें

ज्यादा मीठा खाने की आदत सेहत के लिए खतरनाक: वजन बढ़ने से लेकर लिवर तक पर असर, जानिए किसे करनी चाहिए तौबा

ज्यादा मीठा खाने की आदत सेहत के लिए खतरनाक: वजन बढ़ने से लेकर लिवर तक पर असर, जानिए किसे करनी चाहिए तौबा

वायरल वीडियो कांड में शिकंजा: युवती से मारपीट मामले में एसआईटी ने चौथे आरोपी को भी दबोचा

वायरल वीडियो कांड में शिकंजा: युवती से मारपीट मामले में एसआईटी ने चौथे आरोपी को भी दबोचा

पर्यटन की बदली परिभाषा: अब किलों की फोटो नहीं, स्थानीय संस्कृति और ग्रामीण अनुभव चाहते हैं सैलानी

पर्यटन की बदली परिभाषा: अब किलों की फोटो नहीं, स्थानीय संस्कृति और ग्रामीण अनुभव चाहते हैं सैलानी

मुंबई पुलिस का बड़ा फैसला: 2 अक्टूबर को इस अनोखे राजनीतिक दल को नहीं मिली प्रदर्शन की अनुमति, जानें क्या है पूरा मामला

मुंबई पुलिस का बड़ा फैसला: 2 अक्टूबर को इस अनोखे राजनीतिक दल को नहीं मिली प्रदर्शन की अनुमति, जानें क्या है पूरा मामला

बिना ट्रेलर रिलीज के सिनेमाघरों में छाई साउथ सुपरस्टार नानी की फिल्म, तीन दिनों में आंकड़े हैरान करने वाले

बिना ट्रेलर रिलीज के सिनेमाघरों में छाई साउथ सुपरस्टार नानी की फिल्म, तीन दिनों में आंकड़े हैरान करने वाले

बाजार में खूनी संघर्ष: ऑटो की टक्कर से फटी तिरपाल तो सड़क पर भिड़े दो पक्ष, ईंटें चलने से मची भगदड़

बाजार में खूनी संघर्ष: ऑटो की टक्कर से फटी तिरपाल तो सड़क पर भिड़े दो पक्ष, ईंटें चलने से मची भगदड़

विराट कोहली और शुभमन गिल का तूफान: वेस्टइंडीज के खिलाफ भारत की शानदार जीत से सीरीज पर कब्जा

विराट कोहली और शुभमन गिल का तूफान: वेस्टइंडीज के खिलाफ भारत की शानदार जीत से सीरीज पर कब्जा

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर केंद्रीय मंत्री सावित्री ठाकुर का बड़ा खुलासा: बताई अंदर की ये बड़ी वजह

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर केंद्रीय मंत्री सावित्री ठाकुर का बड़ा खुलासा: बताई अंदर की ये बड़ी वजह

वृद्धाश्रमों और ट्रिब्यूनल परिसरों में विशेष लीगल सर्विसेज क्लीनिक

बुजुर्गों की सुगमता को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने अब वृद्धाश्रमों और विशेष ट्रिब्यूनल परिसरों के भीतर ही लीगल सर्विसेज क्लीनिक स्थापित करने की पहल की है। इसका फायदा यह मिल रहा है कि जिन बुजुर्गों के पास चलने-फिरने की क्षमता कम है या जो कचहरी तक नहीं पहुंच सकते, उन्हें उनके अपने आवासीय परिसर में ही कानूनी परामर्श और मदद मिल जाती है। इन क्लीनिकों में प्रशिक्षित वकीलों और पैनल काउंसलर्स की नियुक्ति की जाती है जो मौके पर ही मामलों की सुनवाई और सलाह का रास्ता निकालते हैं।

इस अनूठी पहल से न केवल कानूनी प्रक्रिया सरल हुई है बल्कि बुजुर्गों में एक नया आत्मविश्वास भी जगा है। कई मामलों में देखा गया है कि कानूनी सलाह मिलने के बाद बुजुर्गों और उनके परिजनों के बीच के आपसी विवाद बातचीत के जरिए ही सुलझ जाते हैं, जिससे अदालती मुकदमों का बोझ भी कम होता है।

"समाज का मार्गदर्शक होने के नाते हर बुजुर्ग को सम्मानजनक जीवन जीने का अधिकार है। नालसा की इस योजना के माध्यम से हमारा प्रयास यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी वरिष्ठ नागरिक कानूनी मदद से वंचित न रहे और उसे उसके बुनियादी हक मिल सकें।" — जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अधिकारी

पैरा-लीगल वॉलंटियर्स की भूमिका और जमीनी स्तर पर राहत

इस पूरे अभियान की रीढ़ साबित हो रहे हैं पैरा-लीगल वॉलंटियर्स यानी पीएलवी, जो सीधे गांवों के भीतर जाकर जरूरतमंदों की पहचान करते हैं। ये स्वयंसेवक बुजुर्गों, असहाय महिलाओं और विधवाओं को उनकी रुकी हुई पेंशन को दोबारा शुरू कराने में मदद करते हैं। इसके अलावा आधार कार्ड बनवाने, उसमें सुधार कराने, निवास प्रमाण पत्र या आयु प्रमाण पत्र जैसे आवश्यक दस्तावेज तैयार कराने में भी ये वॉलंटियर्स ग्रामीणों की कागजी बाधाओं को दूर करते हैं।

ग्रामीण क्षेत्रों में देखा गया है कि कई बार जानकारी के अभाव में बुजुर्ग सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित रह जाते हैं। पीएलवी ऐसे मामलों को चिन्हित कर सीधे संबंधित सरकारी विभागों तक पहुंचाते हैं और पात्र लाभार्थियों को उनका हक दिलाकर ही दम लेते हैं।

सुदूर प्रखंडों तक फैला अभियान का दायरा

यह जागरूकता अभियान केवल जिला मुख्यालयों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे दूर-दराज के आदिवासी और पहाड़ी प्रखंडों के अंतिम छोर तक पहुंचाया जा रहा है। अलग-अलग गांवों और टोलों में टीमों द्वारा शिविर लगाकर न केवल कानूनी जानकारियां दी जा रही हैं बल्कि पम्पलेट और नुक्कड़ नाटक के माध्यम से भी लोगों को जागरूक किया जा रहा है। स्थानीय प्रशासन का कहना है कि आने वाले दिनों में इस अभियान को और अधिक व्यापक बनाया जाएगा ताकि समाज के हर वरिष्ठ नागरिक तक न्याय और सहायता की पहुंच सुनिश्चित की जा सके।

द फ्रीलांस पत्रकारिता नीति (Editorial Commitment):हम निष्पक्ष, सटीक और तथ्यात्मक पत्रकारिता के लिए प्रतिबद्ध हैं। यह समाचार रिपोर्ट विभिन्न प्रमाणित समाचार एजेंसियों, आधिकारिक बयानों और स्थानीय संवाददाताओं से प्राप्त इनपुट के आधार पर तैयार की गई है।
✍️

नेशनल डेस्क, द फ्रीलांस

सत्यापित संपादकीय डेस्क

राजनीतिक, नीतिगत एवं राष्ट्रीय सरोकार रिपोर्टिंग टीम

द फ्रीलांस की राष्ट्रीय संपादकीय डेस्क देश की राजनीति, संसद, नीतिगत फैसलों, केंद्रीय योजनाओं और जनसरोकार से जुड़े बड़े मुद्दों पर 24/7 निष्पक्ष, तथ्यपरक और खोजी रिपोर्टिंग करती है। यह टीम दोहरे तथ्य-सत्यापन के कठोर सिद्धांतों का पालन करती है।

संबंधित खबरें (Related Articles)

ज्यादा मीठा खाने की आदत सेहत के लिए खतरनाक: वजन बढ़ने से लेकर लिवर तक पर असर, जानिए किसे करनी चाहिए तौबाNATIONAL

ज्यादा मीठा खाने की आदत सेहत के लिए खतरनाक: वजन बढ़ने से लेकर लिवर तक पर असर, जानिए किसे करनी चाहिए तौबा

28 सित॰
वायरल वीडियो कांड में शिकंजा: युवती से मारपीट मामले में एसआईटी ने चौथे आरोपी को भी दबोचाNATIONAL

वायरल वीडियो कांड में शिकंजा: युवती से मारपीट मामले में एसआईटी ने चौथे आरोपी को भी दबोचा

28 सित॰
पर्यटन की बदली परिभाषा: अब किलों की फोटो नहीं, स्थानीय संस्कृति और ग्रामीण अनुभव चाहते हैं सैलानीNATIONAL

पर्यटन की बदली परिभाषा: अब किलों की फोटो नहीं, स्थानीय संस्कृति और ग्रामीण अनुभव चाहते हैं सैलानी

28 सित॰
मुंबई पुलिस का बड़ा फैसला: 2 अक्टूबर को इस अनोखे राजनीतिक दल को नहीं मिली प्रदर्शन की अनुमति, जानें क्या है पूरा मामलाNATIONAL

मुंबई पुलिस का बड़ा फैसला: 2 अक्टूबर को इस अनोखे राजनीतिक दल को नहीं मिली प्रदर्शन की अनुमति, जानें क्या है पूरा मामला

28 सित॰
बिना ट्रेलर रिलीज के सिनेमाघरों में छाई साउथ सुपरस्टार नानी की फिल्म, तीन दिनों में आंकड़े हैरान करने वालेNATIONAL

बिना ट्रेलर रिलीज के सिनेमाघरों में छाई साउथ सुपरस्टार नानी की फिल्म, तीन दिनों में आंकड़े हैरान करने वाले

28 सित॰
बाजार में खूनी संघर्ष: ऑटो की टक्कर से फटी तिरपाल तो सड़क पर भिड़े दो पक्ष, ईंटें चलने से मची भगदड़NATIONAL

बाजार में खूनी संघर्ष: ऑटो की टक्कर से फटी तिरपाल तो सड़क पर भिड़े दो पक्ष, ईंटें चलने से मची भगदड़

28 सित॰
विराट कोहली और शुभमन गिल का तूफान: वेस्टइंडीज के खिलाफ भारत की शानदार जीत से सीरीज पर कब्जाNATIONAL

विराट कोहली और शुभमन गिल का तूफान: वेस्टइंडीज के खिलाफ भारत की शानदार जीत से सीरीज पर कब्जा

28 सित॰
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर केंद्रीय मंत्री सावित्री ठाकुर का बड़ा खुलासा: बताई अंदर की ये बड़ी वजहNATIONAL

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर केंद्रीय मंत्री सावित्री ठाकुर का बड़ा खुलासा: बताई अंदर की ये बड़ी वजह

28 सित॰