भारतीय सिनेमा ने खोया अपना एक अनमोल सितारा
भारतीय सिनेमा के इतिहास में अपनी अनूठी शैली और प्रयोगधर्मिता के लिए हमेशा याद किए जाने वाले महान फिल्ममेकर सिंगीतम श्रीनिवास राव अब हमारे बीच नहीं रहे। शनिवार की रात चेन्नई के कावेरी अस्पताल में उन्होंने अपनी आखिरी सांस ली। पिछले कुछ समय से वह बढ़ती उम्र से जुड़ी स्वास्थ्य संबंधी जटिलताओं से परेशान थे और अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था। उनके निधन की खबर सामने आते ही दक्षिण भारतीय फिल्म जगत समेत पूरे देश में शोक की लहर दौड़ गई है। सिनेमा प्रेमियों और फिल्मी हस्तियों ने सोशल मीडिया के जरिए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की है।
सिंगीतम श्रीनिवास राव का जन्म 21 सितंबर 1931 को हुआ था। उन्होंने अपने छह दशक से भी लंबे सिनेमैटिक सफर में कला और व्यवसायिक सिनेमा के बीच एक शानदार संतुलन स्थापित किया। उनके निर्देशन में बनी फिल्मों ने न केवल बॉक्स ऑफिस पर सफलता हासिल की, बल्कि सिनेमाई प्रयोगों के नए मानक भी तय किए। उनके जाने से फिल्म जगत में एक ऐसा खालीपन आ गया है जिसे भरना आसान नहीं होगा।
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सहायक निर्देशक से शुरू हुआ थामा हुआ सफर
सिंगीतम श्रीनिवास राव का सिनेमाई सफर किसी प्रेरणा से कम नहीं है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत बतौर सहायक निर्देशक की थी। शुरुआती दौर में उन्होंने दिग्गज निर्देशक केवी रेड्डी के साथ काम किया और 'मायाबाजार' जैसी क्लासिक फिल्मों के निर्माण में अपना योगदान दिया। इसके बाद उन्होंने साल 1972 में तेलुगु फिल्म 'नीति-निजायती' के साथ एक स्वतंत्र निर्देशक के तौर पर अपनी पारी की शुरुआत की।
बतौर निर्देशक उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। उन्होंने तेलुगु, तमिल, कन्नड़, हिंदी और अंग्रेजी जैसी विभिन्न भाषाओं में करीब 60 फिल्मों का निर्देशन किया। उनकी फिल्मों की सबसे बड़ी खासियत यह थी कि वे लीक से हटकर कहानियां चुनते थे और उन्हें पर्दे पर बेहद सहजता के साथ उतारते थे। 'दिक्कत्रा पार्वती' और 'मयूरी' जैसी फिल्मों ने उनके निर्देशन के हुनर को दुनिया भर में पहुंचाया।
कमल हासन के साथ बनाई सिनेमाई इतिहास की बेहतरीन जोड़ी
सिंगीतम श्रीनिवास राव का नाम आते ही अभिनेता कमल हासन के साथ उनकी शानदार जुगलबंदी का जिक्र जरूर होता है। दोनों ने मिलकर भारतीय सिनेमा को ऐसी नायाब फिल्में दी हैं, जिन्हें आज भी कल्ट क्लासिक माना जाता है। बिना किसी संवाद के बनाई गई फिल्म 'पुष्पक विमान' इसका सबसे बड़ा उदाहरण है, जिसमें हास्य और व्यंग्य का अनूठा संगम देखने को मिला था।
इसके अलावा 'अपूर्व सगोदरगल' और 'माइकल मदना काम राजन' जैसी फिल्मों में उनके निर्देशन का जादू आज भी दर्शकों के सिर चढ़कर बोलता है। साइंस फिक्शन शैली में बनाई गई उनकी फिल्म 'आदित्य 369' और एनिमेटेड मास्टरपीस 'घटोत्कच' उनकी रचनात्मकता की गहराई को दर्शाती हैं। उन्होंने हर विधा में हाथ आजमाया और हर बार दर्शकों को कुछ नया परोसा।
"सिंगीतम कारू ने अपनी जिंदगी अपनी शर्तों पर जी और वे हमेशा जवां दिल रहे। उनका यह अंदाज और रचनात्मकता आने वाली पीढ़ियों को हमेशा प्रेरित करती रहेगी।" — कमल हासन, अभिनेता
94 की उम्र में भी कैमरे के पीछे सक्रिय रहे निर्देशक
उम्र सिर्फ एक संख्या है, इस बात को सिंगीतम श्रीनिवास राव ने अपने काम से साबित कर दिखाया था। बढ़ती उम्र और स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों के बावजूद सिनेमा के प्रति उनका प्रेम कम नहीं हुआ था। उन्होंने 94 वर्ष की उम्र में अपनी आखिरी फिल्म 'सिंग गीथम' का निर्देशन किया था, जो इसी साल 12 जून 2026 को रिलीज हुई थी। इस उम्र में भी एक फिल्म का सफल निर्देशन करना उनके अटूट समर्पण और काम के प्रति दीवानगी को बयां करता है।
सिनेमा जगत में उनके इस जज्बे की हर किसी ने खुले दिल से तारीफ की। उनका पूरा जीवन इस बात का प्रमाण है कि यदि आपके भीतर कुछ नया रचने की ललक है, तो उम्र कभी भी आड़े नहीं आती।
दिग्गज कलाकारों और हस्तियों ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि
सिंगीतम श्रीनिवास राव के निधन पर दक्षिण भारत से लेकर बॉलीवुड तक शोक की लहर दौड़ गई है। सुपरस्टार कमल हासन ने एक भावुक संदेश साझा करते हुए उनके साथ बिताए पलों को याद किया और कहा कि वे हमेशा उनके जैसी जीवन शैली जीने की प्रेरणा लेते रहेंगे। इसके अलावा जूनियर एनटीआर, महेश बाबू, श्रुति हासन और निर्देशक नाग अश्विन समेत कई नामचीन हस्तियों ने सोशल मीडिया के माध्यम से उन्हें श्रद्धांजलि दी।
तेलुगु फिल्ममेकर श्रीनू वैतला ने उनके निधन पर दुख जताते हुए कहा कि राव साहब की कल्पनाशीलता और कहानी कहने का अनूठा तरीका ही उनकी पहचान था। चेन्नई में उनके आवास पर पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए रखा गया है, जहां फिल्म जगत के तमाम लोग पहुंचकर उन्हें आखिरी विदाई दे रहे हैं। सिंगीतम श्रीनिवास राव शारीरिक रूप से भले ही अब हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनकी बनाई फिल्में और सिनेमा में उनका अमूल्य योगदान हमेशा अमर रहेगा।







