लालकृष्ण आडवाणी को स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों के चलते कराया गया भर्ती
भारतीय राजनीति के पुरोधा और देश के पूर्व उपप्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी की सेहत अचानक नासाज होने के बाद उन्हें राजधानी दिल्ली के प्रतिष्ठित अपोलो अस्पताल में एडमिट कराया गया है। अस्पताल के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, उन्हें रूटीन चेकअप और विशेष चिकित्सा देखरेख के लिए अस्पताल लाया गया था, जहां डॉक्टरों की एक उच्च स्तरीय टीम लगातार उनके स्वास्थ्य पर नजर बनाए हुए है।
राजनीतिक गलियारों में उनके अस्वस्थ होने की खबर मिलते ही चिंता की लहर दौड़ गई है। देश के विभिन्न हिस्सों से उनके समर्थक और पार्टी कार्यकर्ता उनके जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना कर रहे हैं। हालांकि, अस्पताल प्रशासन या परिवार की ओर से अभी तक उनकी मौजूदा मेडिकल कंडीशन को लेकर कोई विस्तृत आधिकारिक बुलेटिन जारी नहीं किया गया है, लेकिन स्थिति डॉक्टरों की देखरेख में स्थिर बताई जा रही है।
अस्पताल में डॉक्टरों की विशेष टीम रख रही है पैनी नजर
अपोलो अस्पताल के कार्डियोलॉजी और जेरिएट्रिक मेडिसिन के वरिष्ठ विशेषज्ञों की एक विशेष टीम लालकृष्ण आडवाणी के स्वास्थ्य की नियमित जांच कर रही है। बढ़ती उम्र से जुड़ी स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतों को ध्यान में रखते हुए डॉक्टरों द्वारा हर जरूरी एहतियात बरती जा रही है। अस्पताल के कमरा नंबर और फ्लोर पर सुरक्षा के भी कड़े इंतजाम किए गए हैं ताकि किसी प्रकार की असुविधा न हो।
चिकित्सकों का कहना है कि उनकी उम्र और पिछली स्वास्थ्य रिपोर्ट्स को ध्यान में रखते हुए हर कदम बेहद सावधानी से उठाया जा रहा है। परिवार के करीबी सदस्य भी अस्पताल में मौजूद हैं और डॉक्टरों के संपर्क में लगातार बने हुए हैं। विशेषज्ञ डॉक्टरों की यह टीम उनकी हर विटल पैरामीटर की मॉनिटरिंग कर रही है ताकि किसी भी तरह की आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।
देशभर से मिल रही हैं शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की शुभकामनाएं
लालकृष्ण आडवाणी के अस्पताल में भर्ती होने की खबर सार्वजनिक होते ही देश के प्रधानमंत्री समेत कई दिग्गज नेताओं और केंद्रीय मंत्रियों ने उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली है। राजनीतिक सीमाओं से परे उठकर तमाम नेता उनके जल्द स्वस्थ होने और दीर्घायु की कामना कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर भी उनके समर्थकों द्वारा लगातार प्रार्थना संदेश साझा किए जा रहे हैं।
आडवाणी भारतीय जनता पार्टी के संस्थापकों में से एक हैं और उन्होंने देश की राजनीति में एक लंबी व अमिट छाप छोड़ी है। उनके योगदान को देश हमेशा याद रखता है। यही कारण है कि उनके अस्वस्थ होने की खबर ने हर किसी को चिंतित कर दिया है। हर कोई यही उम्मीद कर रहा है कि वे जल्द ही पूरी तरह स्वस्थ होकर अपने घर वापस लौटेंगे।
"लालकृष्ण आडवाणी जी भारतीय राजनीति के स्तंभ हैं। उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ और उत्तम स्वास्थ्य के लिए हम ईश्वर से प्रार्थना करते हैं। देश को उनका मार्गदर्शन हमेशा मिलता रहे यही हमारी कामना है।" — राजनीतिक शुभचिंतक
राजनीतिक और सामाजिक जीवन का एक लंबा सफर
लालकृष्ण आडवाणी का जन्म 8 नवंबर 1927 को कराची (अब पाकिस्तान में) हुआ था। उन्होंने भारत के स्वतंत्रता संग्राम के बाद देश के पुनर्निर्माण और लोकतांत्रिक ढांचे को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई। वे देश के गृह मंत्री और उपप्रधानमंत्री जैसे महत्वपूर्ण पदों पर रहे। उनकी रैलियों और जनसंपर्क अभियानों ने भारतीय राजनीति की दिशा और दशा बदलने में बहुत बड़ा योगदान दिया था।
सार्वजनिक जीवन से पिछले कुछ वर्षों से सक्रिय रूप से दूर रहने के बावजूद, उनका कद भारतीय राजनीति में बेहद सम्मानित रहा है। देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'भारत रत्न' से सम्मानित होने के बाद उनके घर पर कई गणमान्य व्यक्तियों ने पहुंचकर उन्हें बधाई दी थी। आज जब उनकी सेहत से जुड़ी यह खबर सामने आई है, तो पूरा देश उनके बेहतर स्वास्थ्य की दुआ कर रहा है।










