महेश भट्ट और बेटे राहुल के रिश्तों की कड़वी-मीठी यादें
बॉलीवुड गलियारों में अपने बेबाक बयानों और अनूठे निर्देशन के लिए मशहूर फिल्ममेकर महेश भट्ट की पर्सनल लाइफ हमेशा से चर्चा का विषय रही है। हाल ही में उनके बेटे राहुल भट्ट ने अपने पिता के साथ अपने समीकरणों और पारिवारिक इतिहास पर खुलकर बात की है। एक इंटरव्यू के दौरान राहुल ने अपने जीवन के कई अनछुए पहलुओं से पर्दा उठाया, जिसने हर किसी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। राहुल ने बताया कि कैसे उनके बचपन और जवानी के दिनों में पिता के साथ उनके रिश्ते काफी जटिल और टूटे हुए थे।
राहुल भट्ट ने मशहूर यूट्यूबर और इंटरव्यूअर सिद्धार्थ कनन के साथ बातचीत करते हुए माना किशोरावस्था और शुरुआती दौर में उन्हें अपने पिता का पूरा साथ उस तरह से नहीं मिला, जैसा एक बच्चे को सामान्य तौर पर मिलता है। उन्होंने कहा कि उन्हें अपना पिता खुद बनना पड़ा क्योंकि परिस्थितियां ही कुछ ऐसी थीं। हालांकि, इन तमाम गिले-शिकवे और दूरियों के बावजूद राहुल के मन में अपने पिता के प्रति गहरा सम्मान और प्यार आज भी बरकरार है।
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44 की उम्र और पिता के पैसों पर गुजर-बसर
बातचीत के दौरान राहुल भट्ट ने बेहद चौंकाने वाला और पारदर्शी सच सबके सामने रखा। उन्होंने बिना किसी झिझक के यह मान लिया कि वह आज भी अपने पिता के पैसों पर एक शानदार और आरामदायक जीवन जी रहे हैं। राहुल ने कहा कि वह खुद कोई कमाई नहीं करते हैं और उनके घर का रोजाना का सारा खर्च उनके पिता महेश भट्ट ही संभालते हैं।
राहुल ने इस बात को लेकर कोई छिपाव नहीं रखा कि उनकी जीवनशैली काफी हद तक उनके पिता के वित्तीय सहयोग पर टिकी हुई है। उनके इस बयान ने सोशल मीडिया पर एक नई बहस छेड़ दी है, जहां लोग इस बात पर अपनी-अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं कि इतनी उम्र के होने के बाद भी एक बेटा अपने पिता पर पूरी तरह निर्भर होने की बात कितनी बेबाकी से कह रहा है।
"मुझे अपना पिता खुद बनना पड़ा। मेरे पिता साथ थे, लेकिन वो वैसे साथ नहीं भी थे। वो मेरे साथ थोड़े अलग रहे हैं... मैं एक लक्ज़री लाइफ जी सकता हूं। मैं कमाता नहीं हूं, मेरे पिता ही घर का खर्च उठाते हैं।" — राहुल भट्ट, अभिनेता एवं फिटनेस कोच
माता-पिता के अलग होने का पड़ा था गहरा असर
राहुल भट्ट ने अपने माता-पिता के अलगाव के दौर को याद करते हुए बताया कि उस घटना का उनके मानसिक स्वास्थ्य और पारिवारिक माहौल पर बहुत गहरा प्रभाव पड़ा था। महेश भट्ट ने अपनी पहली पत्नी किरन (शादी से पहले लौरेन ब्राइट) से 1970 में शादी की थी, जिनसे राहुल और उनकी बहन पूजा भट्ट का जन्म हुआ था। लेकिन 70 के दशक के अंत तक इस रिश्ते में दरार आनी शुरू हो गई थी, जिसकी मुख्य वजह कथित तौर पर परवीन बाबी के साथ महेश भट्ट का रिश्ता बताया जाता है।
माता-पिता के अलग होने के बाद घर का माहौल काफी नकारात्मक हो गया था। राहुल ने बताया कि उनकी मां हमेशा दुखी रहती थीं और घर में संवाद लगभग बंद सा हो गया था। उस दौर में समाज और आसपास के लोगों का रवैया भी उनके प्रति बहुत सहयोगात्मक नहीं था, जिससे राहुल को बहुत कम उम्र में ही परिपक्व होना पड़ा और वे खुद को घर का जिम्मेदार सदस्य मानने लगे थे।
मुश्किल समय में भी पिता ने नहीं छोड़ा साथ
भले ही राहुल और महेश भट्ट के बीच शुरुआती वर्षों में भावनात्मक दूरियां रही हों, लेकिन राहुल इस बात से इनकार नहीं करते कि संकट के वक्त उनके पिता हमेशा चट्टान की तरह साथ खड़े रहे। राहुल ने सराहना करते हुए कहा कि जब भी आर्थिक मोर्चे पर कोई गंभीर समस्या आई, महेश भट्ट ने आगे बढ़कर परिवार की मदद की और उनकी मां का भी पूरा ख्याल रखा।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वक्त के साथ उनके और महेश भट्ट के बीच की दूरियां कम हुई हैं और अब दोनों की बॉन्डिंग पहले से काफी बेहतर हो चुकी है। राहुल का मानना है कि उनके पिता एक महान इंसान हैं और उन्होंने अपनी जिम्मेदारियों को अपने तरीके से बखूबी निभाया है, जिसका वह आज भी पूरा सम्मान करते हैं।
भट्ट परिवार का जटिल और चर्चित इतिहास
महेश भट्ट की पर्सनल लाइफ हमेशा से बॉलीवुड के गलियारों में चर्चा का केंद्र रही है। किरन भट्ट से अलग होने के बाद महेश भट्ट ने साल 1986 में अभिनेत्री सोनी राजदान से दूसरी शादी की, जिनसे उन्हें शाहीन भट्ट और आलिया भट्ट जैसी बेटियां हुईं। परिवार के इस विस्तृत और थोड़े जटिल ताने-बाने के बावजूद महेश भट्ट ने अपने सभी बच्चों के साथ अपने संबंधों को संतुलित रखने की कोशिश की है।
राहुल भट्ट का यह इंटरव्यू इस बात का प्रमाण है कि बॉलीवुड के चमक-धमक भरे पर्दे के पीछे भी आम परिवारों की तरह ही पारिवारिक उलझनें, भावनात्मक संघर्ष और रिश्तों के उतार-चढ़ाव छिपे होते हैं। राहुल की यह बेबाकी और पारदर्शिता उनके प्रशंसकों के बीच खासी चर्चा का विषय बनी हुई है, जहां लोग उनके इस अंदाज की सराहना भी कर रहे हैं और हैरान भी हैं।








