नई दिल्ली: सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (पूर्व में ट्विटर) पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें विपक्षी 'इंडिया' (INDIA) गठबंधन के तेवर काफी सख्त नजर आ रहे हैं। इस वायरल वीडियो में पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के तत्काल इस्तीफे की मांग कर रही हैं। उनका यह बयान ऐसे समय में सामने आया है जब विपक्षी गठबंधन चुनाव प्रक्रिया और संवैधानिक संस्थाओं को लेकर लगातार आक्रामक रुख अपनाए हुए है।
वीडियो में ममता बनर्जी को यह कहते हुए सुना जा सकता है कि, "उन्हें (मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार) तुरंत इस्तीफा देना चाहिए। आइए लोकतंत्र को बचाएं और लोगों की सुरक्षा तथा उनके मतदान के अधिकारों को सुरक्षित करें..." वीडियो में उनके साथ गठबंधन के अन्य वरिष्ठ नेता भी मौजूद हैं, जो चुनावी प्रणाली और लोकतंत्र की रक्षा के मुद्दों पर सरकार को घेरने की रणनीति पर चर्चा कर रहे हैं।
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पृष्ठभूमि और राजनीतिक सरगर्मी
हाल ही में संपन्न हुई 'इंडिया' गठबंधन की बैठकों में चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और चुनावी शुचिता को लेकर कई गंभीर सवाल उठाए गए हैं। गठबंधन के नेताओं ने देश भर में पांच बड़ी रैलियां करने की घोषणा भी की है, जिसमें कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने लोकतांत्रिक संस्थाओं को कथित तौर पर कमजोर करने वालों के खिलाफ मुखर विरोध दर्ज कराया है। विपक्षी दलों का आरोप है कि संवैधानिक संस्थाओं की स्वायत्तता खतरे में है, जिसके खिलाफ वे राष्ट्रपति से मिलने और ज्ञापन सौंपने की तैयारी भी कर रहे हैं। हालांकि, इन तमाम राजनीतिक घटनाक्रमों के बीच देश के अन्य हिस्सों में राजनीतिक गतिविधियां भी जारी हैं, जैसे कि हाल ही में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का पंजाब दौरा और धार्मिक स्थलों पर उनकी उपस्थिति, जो राजनीतिक गलियारों में खासी चर्चा का विषय बनी रही।
सार्वजनिक प्रतिक्रिया और आगे की राह
सोशल मीडिया पर इस वीडियो के आने के बाद यूजर्स और राजनीतिक विश्लेषकों के बीच तीखी बहस छिड़ गई है। जहां एक ओर विपक्षी समर्थक ममता बनर्जी की इस मांग का समर्थन कर रहे हैं और चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर सत्ता पक्ष का मानना है कि संवैधानिक पदों पर बैठे अधिकारियों पर इस तरह के दबाव बनाना लोकतांत्रिक परंपराओं के अनुकूल नहीं है। बहरहाल, इस वीडियो ने देश की सियासत में एक बार फिर से उबाल ला दिया है और आने वाले दिनों में विपक्ष की रणनीति का मुख्य केंद्र चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दे रहने की पूरी संभावना है।






