मानसून की वापसी के लिए बने अनुकूल हालात
देशभर में मौसम का मिज़ाज अब तेजी से बदलने लगा है। गर्मियों और उमस के लंबे दौर के बाद आखिरकार मानसून की विदाई का समय आ गया है। मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा अपडेट के मुताबिक, दक्षिण-पश्चिम मानसून अब देश के कई हिस्सों से लौटने की तैयारी कर चुका है। अगले 48 घंटों के भीतर देश के बड़े भूभाग से मानसून पूरी तरह से विदा हो जाएगा। जिन राज्यों से मानसून की विदाई तय मानी जा रही है, उनमें उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा और मध्य प्रदेश जैसे प्रमुख राज्य शामिल हैं।
मौसम विभाग का कहना है कि मानसून की वापसी की रेखा लगातार आगे बढ़ रही है। इन इलाकों में पिछले कुछ दिनों से बारिश की गतिविधियां थम चुकी हैं और आसमान साफ होने लगा है। हालांकि, देश के कुछ हिस्सों में अभी भी छिटपुट बारिश या बादलों की आवाजाही बनी हुई है, लेकिन कुल मिलाकर माहौल अब ठंडक की ओर बढ़ने लगा है। रात के समय तापमान में हल्की गिरावट भी दर्ज की जाने लगी है, जो इस बात का संकेत है कि अब सर्दियों की आहट शुरू हो चुकी है।
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इस साल मानसून सीजन का लेखा-जोखा और बारिश की कमी
इस बार का मानसून सीजन कई मायनों में अलग रहा है। आधिकारिक आंकड़ों पर नजर डालें तो जून से सितंबर तक चलने वाले इस मुख्य मानसून सीजन में देश भर में लॉन्ग पीरियड एवरेज (LPA) का 87.4 प्रतिशत ही बारिश हुई। सामान्य तौर पर इस अवधि में देश में 868.6 मिलीमीटर बारिश होती है, लेकिन इस साल यह आंकड़ा गिरकर 759.4 मिलीमीटर पर ही सिमट गया।
विशेषज्ञों के अनुसार, साल 2001 के बाद से यह चौथी सबसे कम मानसूनी बारिश दर्ज की गई है। सीजन के दौरान कुल मिलाकर करीब 13 प्रतिशत की कमी आई है। हालांकि देश के कुछ राज्यों में बंपर बारिश से नदियां उफान पर रहीं, तो वहीं कई बड़े कृषि प्रधान राज्य सूखे जैसे हालात या कम पानी की समस्या से भी जूझते नजर आए। इसका असर खरीफ की फसलों पर भी आंशिक रूप से देखने को मिला है।
किन-किन राज्यों से अगले दो दिनों में लौटेगा मानसून?
आईएमडी की रिपोर्ट के अनुसार, अगले दो दिनों के भीतर जिन 13 प्रमुख राज्यों और क्षेत्रों से मानसून की पूरी तरह विदाई होने वाली है, उनमें पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश के शेष हिस्से, गुजरात और मध्य प्रदेश के अधिकांश इलाके शामिल हैं। इसके अलावा पूरे जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों से भी मानसून रुखसत हो रहा है।
इन क्षेत्रों में अब अगले कुछ दिनों तक मौसम पूरी तरह शुष्क और साफ रहने की संभावना है। सुबह और शाम के वक्त हल्की हवाएं चल सकती हैं, जिससे लोगों को चिपचिपाहट भरी गर्मी से बड़ी राहत मिलेगी। राजधानी दिल्ली में भी आने वाले दिनों में आसमान साफ रहने और तापमान सामान्य के आसपास बने रहने का अनुमान जताया गया है।
दक्षिण और पूर्वोत्तर भारत में अभी भी बरसेंगे बादल
एक तरफ जहां उत्तर और मध्य भारत से मानसून विदा हो रहा है, वहीं दूसरी तरफ दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत और पूर्वोत्तर के राज्यों में अभी भी बारिश का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों के दौरान अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।
इसके अलावा केरल, तमिलनाडु और कर्नाटक के कुछ तटीय इलाकों में भी झमाझम बारिश होने के आसार हैं। केरल के कई जिलों में तो मौसम विभाग ने ऑरेंज और येलो अलर्ट तक जारी किया है। दक्षिण भारत के इन हिस्सों में समुद्र की तरफ से आने वाली हवाओं और कम दबाव के क्षेत्र के कारण नमी बनी हुई है, जिससे बारिश की गतिविधियां अभी कुछ और दिनों तक सक्रिय रहेंगी।
मौसम विशेषज्ञों की चेतावनी और आगामी अनुमान
मौसम विज्ञानियों का मानना है कि मानसून की वापसी के बाद भी अक्टूबर के महीने में छिटपुट मौसमी हलचलें देखने को मिलती रहेंगी। पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के सक्रिय होने से पहाड़ी राज्यों जैसे कि हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में महीने के आखिरी हफ्तों में बारिश या बर्फबारी का दौर शुरू हो सकता है।
"देश के अधिकांश हिस्सों से मानसून की वापसी के लिए परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल बन चुकी हैं। अगले 48 घंटों में कई राज्यों से मानसून पूरी तरह लौट जाएगा, लेकिन दक्षिण भारत और पूर्वोत्तर के कुछ हिस्सों में अभी भी मौसमी प्रणालियों के सक्रिय रहने से बारिश जारी रहेगी।" — वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक, आईएमडी
कुल मिलाकर, अब देश के ज्यादातर इलाकों में मानसून की विदाई के साथ ही त्योहारों के इस सीजन में सुहाना और साफ मौसम देखने को मिलेगा। किसानों और आम जनता दोनों के लिए यह बदलाव राहत भरा हो सकता है, बशर्ते दक्षिण और पूर्वोत्तर राज्यों में होने वाली भारी बारिश से किसी तरह की आपदा की स्थिति न बने।








