नई दिल्ली और न्यूयार्क से हमारे विशेष फील्ड ब्यूरो की रिपोर्ट। बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस इन दिनों विदेश दौरे पर हैं। न्यूयार्क एयरपोर्ट पर पहुंचते ही उन्हें तीखे विरोध का सामना करना पड़ा। वहां मौजूद नाराज बांग्लादेशी प्रवासियों ने उन्हें घेर लिया। प्रदर्शनकारियों ने मोहम्मद यूनुस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
नाराज लोगों ने सीधे तौर पर मोहम्मद यूनुस को आतंकवादी करार दिया। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि कैसे लोग उनके खिलाफ गुस्सा निकाल रहे हैं। सुरक्षा कर्मियों ने तुरंत बीच बचाव किया और उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला।
बांग्लादेश सरकार ने अवामी लीग को ठहराया जिम्मेदार
इस पूरी घटना के बाद बांग्लादेश की अंतरिम सरकार की तरफ से बयान सामने आया है। सरकार ने इस विरोध प्रदर्शन को अवामी लीग का प्रायोजित नाटक बताया है। उनका कहना है कि यह सब विरोधी पार्टी की साजिश है। बांग्लादेश सरकार का दावा है कि विदेश में देश की छवि खराब करने की कोशिश की जा रही है।
प्रवासी समूहों का गुस्सा इस बात से है कि देश में हालात ठीक नहीं हैं। लोगों का आरोप है कि अंतरिम सरकार के आने के बाद हिंसा बढ़ी है। आम नागरिकों और अल्पसंख्यकों पर हमले लगातार हो रहे हैं। इसी बात से नाराज होकर अमेरिका में रह रहे लोगों ने यह प्रदर्शन किया।
खेल के मैदान में भी बांग्लादेश को बड़ा झटका
राजनीतिक उथल-पुथल के बीच खेल के मैदान से भी बड़ी खबर सामने आई है। बांग्लादेश और अफगानिस्तान के बीच खेले गए टेस्ट मैच में रोमांचक मोड़ आया। एक समय ऐसा लग रहा था कि बांग्लादेश यह मैच आसानी से जीत जाएगा। लेकिन अफगान बल्लेबाजों ने मैदान पर गजब का जज्बा दिखाया।
अफगानिस्तान के बल्लेबाज सेदीकुल्लाह अटल ने शानदार बल्लेबाजी की। उन्होंने बेहतरीन शतक लगाते हुए 111 रनों की पारी खेली। इसके अलावा निचले क्रम के बल्लेबाजों ने भी क्रीज पर टिककर मुकाबला किया। काइस अहमद और अन्य पुछल्ले बल्लेबाजों ने बांग्लादेशी गेंदबाजों को जमकर परेशान किया।
अफगानिस्तान की जुझारू पारी से मैच हुआ ड्रॉ
मैच के आखिरी दिन अफगान खिलाड़ियों ने हार नहीं मानी। लड़े और डटे रहे की नीति अपनाते हुए उन्होंने बांग्लादेश के जबड़े से जीत छीन ली। मैच अंत में बराबरी पर यानी ड्रॉ पर समाप्त हुआ। बांग्लादेशी टीम जीत के बेहद करीब आकर चूक गई।
इस नतीजे से बांग्लादेशी खेमे में निराशा साफ देखी जा सकती है। एक तरफ देश के नेता विदेश में विरोध का सामना कर रहे हैं। दूसरी तरफ खेल के मैदान में भी टीम की रणनीति फेल होती दिख रही है। द फ्रीलान्स की टीम इस पूरे मामले पर अपनी पैनी नजर बनाए रखेगी।




