होम/देश/सावधान! वायरल और डेंगू के प्रकोप से तेजी से गिर रहा है प्लेटलेट्स काउंट, ये 4 घरेलू नुस्खे देंगे मजबूती
देशपढ़ने में समय: 9 मिनट

सावधान! वायरल और डेंगू के प्रकोप से तेजी से गिर रहा है प्लेटलेट्स काउंट, ये 4 घरेलू नुस्खे देंगे मजबूती

मौसम बदलते ही अस्पतालों में वायरल बुखार और डेंगू के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। इस खतरनाक बीमारी में खून में प्लेटलेट्स का गिरना सबसे बड़ी चुनौती बन जाता है। आइए जानते हैं ऐसे चार प्राकृतिक और असरदार उपाय जो तेजी से रिकवरी में मदद कर सकते हैं।
✍️
नेशनल डेस्क, द फ्रीलांस
राष्ट्रीय संपादकीय ब्यूरो•28 सितंबर 2026 • अपडेटेड
🌐Read in English →
शेयर करें:
सावधान! वायरल और डेंगू के प्रकोप से तेजी से गिर रहा है प्लेटलेट्स काउंट, ये 4 घरेलू नुस्खे देंगे मजबूती
📷 सावधान! वायरल और डेंगू के प्रकोप से तेजी से गिर रहा है प्लेटलेट्स काउंट, ये 4 घरेलू नुस्खे देंगे मजबूती — मुख्य घटनाक्रमफोटो साभार: रॉयटर्स / एजेंसीज़ / सोशल मीडिया

खबर की बड़ी बातें (Key Highlights)

  • मौसम बदलने के साथ ही वायरल संक्रमण और डेंगू का खतरा तेजी से मंडराने लगा है।
  • रक्त में घटते प्लेटलेट्स को रिकवर करने के लिए प्राकृतिक आहार बेहद असरदार माने जाते हैं।
  • पपीते के पत्तों का रस और बकरी का दूध शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाते हैं।
  • विशेषज्ञों के अनुसार घरेलू उपाय सिर्फ रिकवरी में मदद करते हैं, यह पूर्ण इलाज नहीं हैं।

मौसम बदलते ही बढ़ जाती है वायरल और डेंगू जैसी बीमारियों की चुनौती

हर साल जब भी मौसम करवट बदलता है, हमारे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता यानी इम्युनिटी पर सीधा असर पड़ता है। वर्तमान समय में देश के तमाम अस्पतालों में वायरल बुखार से पीड़ित मरीजों की लंबी कतारें देखी जा रही हैं। हालांकि इनमें से हर मरीज डेंगू का शिकार नहीं होता, लेकिन एक आम समस्या जो लगभग हर वायरल मरीज में देखने को मिल रही है, वह है खून में प्लेटलेट्स की संख्या का तेजी से कम होना। शरीर में प्लेटलेट्स गिरते ही अत्यधिक कमजोरी और थकान महसूस होने लगती है, जिससे सामान्य दैनिक कार्य करना भी मुश्किल हो जाता है।

दूसरी ओर, मौसम के इस उतार-चढ़ाव के बीच मच्छरों का प्रकोप भी खतरनाक रूप से बढ़ चुका है, जो डेंगू जैसी जानलेवा बीमारी को न्योता देता है। डेंगू एक ऐसा बुखार है जो एडीज नाम की संक्रमित मादा मच्छर के काटने से फैलता है। इस बीमारी में मरीज के शरीर का तापमान अचानक आसमान छूने लगता है और कुछ ही घंटों में प्लेटलेट्स का स्तर खतरनाक रूप से नीचे लुढ़क जाता है। यदि शुरुआती दौर में ही इस पर ध्यान न दिया जाए, तो स्थिति बेहद गंभीर और जानलेवा तक साबित हो सकती है।

विशेषज्ञ चिकित्सकों का मानना है कि वायरल और डेंगू के संक्रमण के दौरान सही खान-पान और खान-पान का अनुशासन ही मरीज को जीवनदान दे सकता है। चूंकि इस बीमारी का कोई सटीक और निश्चित एंटीवायरल इलाज उपलब्ध नहीं है, इसलिए डॉक्टर हमेशा लक्षणों के आधार पर ही दवाएं और उपचार तय करते हैं। ऐसे नाजुक वक्त में सही पोषण और प्राकृतिक आहार शरीर को अंदर से मजबूत बनाने में सबसे बड़ा हथियार साबित होता है, जो रिकवरी की रफ्तार को कई गुना बढ़ा देता है।

सावधान! वायरल और डेंगू के प्रकोप से तेजी से गिर रहा है प्लेटलेट्स काउंट, ये 4 घरेलू नुस्खे देंगे मजबूती
📷 डेंगू और वायरल से बचाव के लिए प्राकृतिक आहार और फलों का सेवन बेहद जरूरी है।

संबंधित खबरें

ज्यादा मीठा खाने की आदत सेहत के लिए खतरनाक: वजन बढ़ने से लेकर लिवर तक पर असर, जानिए किसे करनी चाहिए तौबा

ज्यादा मीठा खाने की आदत सेहत के लिए खतरनाक: वजन बढ़ने से लेकर लिवर तक पर असर, जानिए किसे करनी चाहिए तौबा

बदलते मौसम का खतरनाक असर: एक ही स्वास्थ्य शिविर में पहुंचे बड़ी संख्या में मरीज, हैरान करने वाली रिपोर्ट आई सामने

बदलते मौसम का खतरनाक असर: एक ही स्वास्थ्य शिविर में पहुंचे बड़ी संख्या में मरीज, हैरान करने वाली रिपोर्ट आई सामने

इंसानी दिमाग में कब आते हैं दो बड़े बदलाव? उम्र के इन पड़ावों पर पूरी तरह बदल जाती है बुद्धि की चाल

इंसानी दिमाग में कब आते हैं दो बड़े बदलाव? उम्र के इन पड़ावों पर पूरी तरह बदल जाती है बुद्धि की चाल

गोदरेज प्रॉपर्टीज का बड़ा दांव: मुंबई के मरीन लाइंस में 6,000 करोड़ का लग्जरी हाउसिंग प्रोजेक्ट

गोदरेज प्रॉपर्टीज का बड़ा दांव: मुंबई के मरीन लाइंस में 6,000 करोड़ का लग्जरी हाउसिंग प्रोजेक्ट

सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी: दिल्ली-NCR के रेप मामलों में 2012 के निर्भया कांड की यादें ताजा

सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी: दिल्ली-NCR के रेप मामलों में 2012 के निर्भया कांड की यादें ताजा

महज 5 किलो मुरब्बे से बदली तकदीर: यूपी की इन दो सहेलियों के कमाल से रोशन हुए 11 परिवारों के घर

महज 5 किलो मुरब्बे से बदली तकदीर: यूपी की इन दो सहेलियों के कमाल से रोशन हुए 11 परिवारों के घर

Renault Triber Turbo: मात्र 5.81 लाख की शुरुआती कीमत वाली इस दमदार 7-सीटर कार का नया टर्बो वेरिएंट आज होगा लॉन्च

Renault Triber Turbo: मात्र 5.81 लाख की शुरुआती कीमत वाली इस दमदार 7-सीटर कार का नया टर्बो वेरिएंट आज होगा लॉन्च

OnePlus 16 की लॉन्चिंग का ऐलान: 200MP कैमरा और 9000mAh बैटरी के साथ इस दिन देगा दस्तक

OnePlus 16 की लॉन्चिंग का ऐलान: 200MP कैमरा और 9000mAh बैटरी के साथ इस दिन देगा दस्तक

डेंगू बुखार के शुरुआती लक्षण और शरीर पर इसके घातक प्रभाव

रोग की शुरुआत को समय रहते पहचानना ही सबसे बड़ी समझदारी है। डेंगू के शुरुआती लक्षणों में अचानक तेज बुखार का आना, सिर में भयंकर दर्द होना, आंखों के पिछले हिस्से में भारीपन या दर्द महसूस होना और शरीर के जोड़ों व मांसपेशियों में खिंचाव शामिल हैं। मरीज खुद को पूरी तरह ऊर्जाहीन महसूस करता है और उसके शरीर में पानी की गंभीर कमी होने लगती है। यदि समय पर ब्लड टेस्ट और प्लेटलेट्स की निगरानी न की जाए, तो प्लेटलेट्स का गिरना आंतरिक रक्तस्राव का कारण बन सकता है।

अक्सर लोग बुखार उतरने के बाद खुद को स्वस्थ मान लेते हैं, जबकि असली कमजोरी और प्लेटलेट्स का पतन बुखार के कम होने के बाद शुरू होता है। इस अवस्था में शरीर को आराम के साथ-साथ ऐसे पोषक तत्वों की आवश्यकता होती है जो रक्त कोशिकाओं के निर्माण को तेजी से बढ़ावा दें। बाजार में मिलने वाली तमाम चीजों की बजाय यदि प्राकृतिक और पारंपरिक आहार पर भरोसा किया जाए, तो शरीर बहुत कम समय में अपनी खोई हुई ऊर्जा वापस पा सकता है और खतरनाक जटिलताओं से बचा जा सकता है।

पारिवारिक जीवन और भागदौड़ भरी दिनचर्या के बीच लोग अक्सर अपनी सेहत को नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन वायरल और डेंगू के मामले में यह लापरवाही भारी पड़ सकती है। जैसे ही शरीर में अत्यधिक कमजोरी या त्वचा पर चकत्ते जैसे लक्षण दिखाई दें, तुरंत सतर्क हो जाना चाहिए। बिना डॉक्टर की सलाह के खुद से मेडिकल स्टोर से दवाइयां लेकर खाना इस स्थिति में और अधिक खतरनाक हो सकता है, क्योंकि कई पेनकिलर दवाएं प्लेटलेट्स को और ज्यादा गिरा सकती हैं।

पपीते के पत्तों का रस: प्लेटलेट्स बढ़ाने का सबसे अचूक प्राकृतिक हथियार

पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों और आधुनिक डाइट एक्सपर्ट्स दोनों ही इस बात को मानते हैं कि डेंगू के दौरान पपीते के पत्तों का रस किसी वरदान से कम नहीं है। इन हरी पत्तियों में पपेन और चाइमोपपेन जैसे शक्तिशाली एंजाइम पाए जाते हैं, जो शरीर में जाकर प्लेटलेट्स को तेजी से टूटने से रोकते हैं और उनके नए निर्माण की प्रक्रिया को कई गुना तेज कर देते हैं। इसके अलावा, पपीते के पत्तों का रस डेंगू के कारण होने वाले शरीर के दर्द और जोड़ों की जकड़न से भी बड़ी राहत दिलाता है।

पपीते के पत्तों का सेवन करने का सबसे सही तरीका यह है कि ताजे पत्तों को अच्छी तरह धोकर उनका रस निकाल लिया जाए। कड़वा होने के बावजूद यह रस प्लेटलेट्स काउंट को रातों-रात ऊपर उठाने की अद्भुत क्षमता रखता है। एंटी-ऑक्सीडेंट्स से भरपूर होने के कारण यह शरीर के अंदरूनी अंगों की सूजन को कम करता है और विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने में मदद करता है। यही कारण है कि डेंगू के हर मरीज को डॉक्टर भी पपीते के पत्तों का अर्क या जूस पीने की सलाह देते हैं।

हालांकि, रस निकालते समय इस बात का ध्यान रखना जरूरी है कि पत्तियां पूरी तरह साफ और ताजी हों। पुरानी या सूखी पत्तियों का इस्तेमाल करने से बचना चाहिए। यदि किसी को रस का स्वाद बहुत ज्यादा कड़वा लगे, तो थोड़ी सी मात्रा में शहद मिलाकर इसका सेवन किया जा सकता है। नियमित रूप से कुछ दिनों तक इसे पीने से खून में प्लेटलेट्स की संख्या तेजी से सुरक्षित स्तर पर वापस लौट आती है और मरीज खतरे से बाहर हो जाता है।

बकरी का दूध और नारियल पानी: कमजोरी मिटाकर शरीर में भरेंगे नई ऊर्जा

वायरल या डेंगू की चपेट में आने के बाद इंसान का पाचन तंत्र बेहद कमजोर हो जाता है। ऐसे में सामान्य गाय या भैंस का दूध पचाना पेट के लिए भारी पड़ सकता है, जिसके परिणामस्वरूप उल्टी या दस्त जैसी समस्याएं हो सकती हैं। यहीं पर बकरी का दूध एक बेहतरीन विकल्प के रूप में उभरता है। बकरी का दूध आसानी से पच जाता है और इसमें मौजूद उच्च मात्रा में सेलेनियम तथा अन्य मिनरल्स शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाते हैं, जिससे बीमारी से लड़ने में मदद मिलती है।

दूसरी तरफ, तेज बुखार और अत्यधिक पसीने के कारण शरीर में पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स की भारी कमी हो जाती है। नारियल पानी इस कमी को तुरंत पूरा करने का सबसे प्राकृतिक माध्यम है। नारियल पानी में मौजूद नेचुरल ग्लूकोज और इलेक्ट्रोलाइट्स शरीर को फौरन ऊर्जा प्रदान करते हैं और कमजोरी तथा चक्कर आने की समस्या को चुटकियों में दूर कर देते हैं। यह शरीर के तापमान को नियंत्रित रखने में भी मददगार साबित होता है और यूरिन के जरिए टॉक्सिन्स को बाहर निकालता है।

इन दोनों चीजों को अपनी डाइट में शामिल करके कोई भी मरीज बेहद कम समय में बिस्तर छोड़ सकता है। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक, हर उम्र के लोग इसे आसानी से पचा सकते हैं। डॉक्टरों का भी यही सुझाव होता है कि लिक्विड डाइट यानी तरल पदार्थों का सेवन डेंगू और वायरल के मरीजों के लिए सबसे बड़ा संजीवनी बूटी का काम करता है, जो डिहाइड्रेशन से बचाता है और रिकवरी को आसान बनाता है.

कीवी फल का कमाल: प्लेटलेट्स और इम्युनिटी दोनों को मजबूत रखने का साधन

विटामिन सी, विटामिन ई, पोटेशियम और भरपूर मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट्स से लैस कीवी फल डेंगू और वायरल से जंग लड़ रहे मरीजों के लिए किसी औषधि से कम नहीं है। कीवी न केवल शरीर के प्लेटलेट्स काउंट को सहारा देता है, बल्कि शरीर के अंदर इलेक्ट्रोलाइट्स का संतुलन भी बनाए रखता है। इसका खट्टा-मीठा स्वाद मुंह के बदले हुए जायके को ठीक करता है और भूख बढ़ाने में भी मदद करता है, जो बीमारी के दिनों में बहुत जरूरी होता है।

कीवी में पाए जाने वाले पोषक तत्व शरीर की व्हाइट ब्लड सेल्स को सक्रिय करते हैं, जिससे शरीर किसी भी बाहरी संक्रमण से बेहतर ढंग से मुकाबला कर पाता है। एक या दो कीवी का रोजाना सेवन खून की गुणवत्ता को सुधारने के साथ-साथ आंतरिक शक्ति प्रदान करता है। बाजार में आसानी से मिलने वाला यह फल अब हर डॉक्टर की रिकवरी डाइट चार्ट का एक अहम हिस्सा बन चुका है, खासकर जब मरीज खून की कमी या प्लेटलेट्स गिरने की समस्या से जूझ रहा हो।

विशेषज्ञों की राय के मुताबिक, प्राकृतिक खाद्य पदार्थ और घरेलू नुस्खे हमेशा रिकवरी की रफ्तार को तेज करने का काम करते हैं, लेकिन इन्हें किसी भी बीमारी का शत-प्रतिशत इलाज नहीं माना जाना चाहिए। शरीर में किसी भी प्रकार के लक्षण दिखते ही बिना देर किए योग्य चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए और डॉक्टर की निगरानी में ही खून की जांच यानी एलिसा टेस्ट आदि कराने चाहिए।

"ये खाद्य पदार्थ केवल पौष्टिक सहायता प्रदान करते हैं और रिकवरी को तेज करते हैं, लेकिन यह पूर्ण इलाज नहीं हैं। डेंगू के लक्षण दिखते ही तुरंत एलिसा टेस्ट कराएं और किसी भी स्थिति में खुद से हैवी पेनकिलर या एस्पिरिन लेने से बचें। मरीज को पूरी तरह डॉक्टर की देखरेख में रखें और समय-समय पर प्लेटलेट्स काउंट की जांच कराते रहें।" — हरिनारायण शर्मा, स्वास्थ्य विशेषज्ञ

निष्कर्ष और जरूरी सावधानियां

अंत में यही कहा जा सकता है कि वायरल और डेंगू जैसी मौसमी बीमारियां भले ही खतरनाक होती हैं, लेकिन थोड़ी सी जागरूकता, सही खान-पान और समय पर डॉक्टरी सलाह से इनसे आसानी से जीता जा सकता है। पपीते के पत्ते, बकरी का दूध, नारियल पानी और कीवी जैसे प्राकृतिक उपाय शरीर को अंदर से मजबूत बनाते हैं और गिरे हुए प्लेटलेट्स को तेजी से ऊपर लाने में मदद करते हैं।

सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि किसी भी प्रकार के स्व-उपचार (सेल्फ-मेडिकेशन) से बचें। डॉक्टर की सलाह के बिना कोई भी भारी पेनकिलर न लें, क्योंकि यह प्लेटलेट्स को और ज्यादा गिरा सकती है। अपने आसपास साफ-सफाई रखें, पानी जमा न होने दें और मच्छरों से बचाव के पूरे उपाय अपनाएं ताकि आप और आपका परिवार पूरी तरह सुरक्षित रह सके।

द फ्रीलांस पत्रकारिता नीति (Editorial Commitment):हम निष्पक्ष, सटीक और तथ्यात्मक पत्रकारिता के लिए प्रतिबद्ध हैं। यह समाचार रिपोर्ट विभिन्न प्रमाणित समाचार एजेंसियों, आधिकारिक बयानों और स्थानीय संवाददाताओं से प्राप्त इनपुट के आधार पर तैयार की गई है।
✍️

नेशनल डेस्क, द फ्रीलांस

सत्यापित संपादकीय डेस्क

राजनीतिक, नीतिगत एवं राष्ट्रीय सरोकार रिपोर्टिंग टीम

द फ्रीलांस की राष्ट्रीय संपादकीय डेस्क देश की राजनीति, संसद, नीतिगत फैसलों, केंद्रीय योजनाओं और जनसरोकार से जुड़े बड़े मुद्दों पर 24/7 निष्पक्ष, तथ्यपरक और खोजी रिपोर्टिंग करती है। यह टीम दोहरे तथ्य-सत्यापन के कठोर सिद्धांतों का पालन करती है।

संबंधित खबरें (Related Articles)

ज्यादा मीठा खाने की आदत सेहत के लिए खतरनाक: वजन बढ़ने से लेकर लिवर तक पर असर, जानिए किसे करनी चाहिए तौबाNATIONAL

ज्यादा मीठा खाने की आदत सेहत के लिए खतरनाक: वजन बढ़ने से लेकर लिवर तक पर असर, जानिए किसे करनी चाहिए तौबा

28 सित॰
बदलते मौसम का खतरनाक असर: एक ही स्वास्थ्य शिविर में पहुंचे बड़ी संख्या में मरीज, हैरान करने वाली रिपोर्ट आई सामनेNATIONAL

बदलते मौसम का खतरनाक असर: एक ही स्वास्थ्य शिविर में पहुंचे बड़ी संख्या में मरीज, हैरान करने वाली रिपोर्ट आई सामने

28 सित॰
इंसानी दिमाग में कब आते हैं दो बड़े बदलाव? उम्र के इन पड़ावों पर पूरी तरह बदल जाती है बुद्धि की चालNATIONAL

इंसानी दिमाग में कब आते हैं दो बड़े बदलाव? उम्र के इन पड़ावों पर पूरी तरह बदल जाती है बुद्धि की चाल

27 सित॰
गोदरेज प्रॉपर्टीज का बड़ा दांव: मुंबई के मरीन लाइंस में 6,000 करोड़ का लग्जरी हाउसिंग प्रोजेक्टNATIONAL

गोदरेज प्रॉपर्टीज का बड़ा दांव: मुंबई के मरीन लाइंस में 6,000 करोड़ का लग्जरी हाउसिंग प्रोजेक्ट

28 सित॰
सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी: दिल्ली-NCR के रेप मामलों में 2012 के निर्भया कांड की यादें ताजाNATIONAL

सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी: दिल्ली-NCR के रेप मामलों में 2012 के निर्भया कांड की यादें ताजा

28 सित॰
महज 5 किलो मुरब्बे से बदली तकदीर: यूपी की इन दो सहेलियों के कमाल से रोशन हुए 11 परिवारों के घरNATIONAL

महज 5 किलो मुरब्बे से बदली तकदीर: यूपी की इन दो सहेलियों के कमाल से रोशन हुए 11 परिवारों के घर

28 सित॰
Renault Triber Turbo: मात्र 5.81 लाख की शुरुआती कीमत वाली इस दमदार 7-सीटर कार का नया टर्बो वेरिएंट आज होगा लॉन्चNATIONAL

Renault Triber Turbo: मात्र 5.81 लाख की शुरुआती कीमत वाली इस दमदार 7-सीटर कार का नया टर्बो वेरिएंट आज होगा लॉन्च

28 सित॰
OnePlus 16 की लॉन्चिंग का ऐलान: 200MP कैमरा और 9000mAh बैटरी के साथ इस दिन देगा दस्तकNATIONAL

OnePlus 16 की लॉन्चिंग का ऐलान: 200MP कैमरा और 9000mAh बैटरी के साथ इस दिन देगा दस्तक

28 सित॰