बाजार की सुस्ती के बीच धमाकेदार एंट्री
भारतीय शेयर बाजार के इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ गया है। देश के सबसे बड़े और प्रमुख स्टॉक एक्सचेंज यानी नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के आईपीओ की आखिरकार शेयर बाजार में एंट्री हो गई। जब सुबह के समय इस शेयर की लिस्टिंग हुई, तो शुरुआती आंकड़े उम्मीद के मुताबिक तेज नहीं थे। बाजार में चारों तरफ बिकवाली का माहौल होने और सेंसेक्स-निफ्टी के टूटने के बीच एनएसई का शेयर अपने तय प्राइस बैंड के मुकाबले बेहद मामूली यानी महज एक फीसदी के प्रीमियम पर खुला। निवेशकों के मन में इस सुस्त शुरुआत को लेकर थोड़ी मायूसी जरूर छाई, लेकिन यह तस्वीर ज्यादा देर तक कायम नहीं रही।
बाजार विशेषज्ञों का मानना था कि व्यापक बाजार के हालात और सुस्त ग्रे मार्केट संकेतों की वजह से निवेशकों को बहुत ज्यादा उम्मीदें नहीं रखनी चाहिए थीं। इसके बावजूद, जैसे ही शुरुआती घंटे का कारोबार आगे बढ़ा, इस काउंटर पर खरीदारों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। बिकवाली के दबाव को चीरते हुए इस शेयर ने रफ्तार पकड़ी और देखते ही देखते यह पांच फीसदी से ज्यादा की छलांग लगाते हुए ऊपर चढ़ गया। इस अचानक आए उछाल ने उन तमाम निवेशकों को राहत की सांस दी, जिन्होंने इस मेगा इश्यू में अपनी गाढ़ी कमाई लगाई थी।
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लगातार चर्चा में रहा 22 हजार करोड़ से ज्यादा का मेगा इश्यू
इस बड़े आईपीओ के खुलने का सफर पिछले महीने काफी चर्चा में रहा था। आम निवेशकों के लिए यह बोली प्रक्रिया सितंबर के मध्य में शुरू हुई थी और कुछ दिनों तक खुली रही थी। इस दौरान बाजार के जानकारों और खुदरा निवेशकों ने इसमें बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इस विशालकाय इश्यू का कुल आकार 22 हजार करोड़ रुपये से भी अधिक था, जिसे निवेशकों की तरफ से शानदार समर्थन मिला और यह निर्धारित कोटे से कई गुना भरकर बंद हुआ।
कम्पनी द्वारा तय किया गया इश्यू प्राइस एक तय दायरे में रखा गया था, ताकि छोटे और बड़े दोनों तरह के निवेशकों के लिए इसमें भाग लेना सुगम हो सके। हालांकि, ग्रे मार्केट के जानकारों का पहले से ही अनुमान था कि बाजार के मौजूदा हालातों को देखते हुए लिस्टिंग बहुत ज्यादा आतिशबाजी भरी नहीं होगी। ग्रे मार्केट में प्रीमियम का स्तर काफी सीमित चल रहा था, जो इस बात का संकेत दे रहा था कि शेयर की शुरुआत सुस्त रह सकती है। इसके बावजूद, मजबूत बुनियादी फंडामेंटल के दम पर निवेशकों का भरोसा इस पर अडिग बना रहा।
देश के सबसे बड़े आईपीओ की सूची में शामिल
यह सार्वजनिक निर्गम भारतीय पूंजी बाजार के इतिहास के सबसे बड़े आईपीओ में से एक के रूप में दर्ज हो चुका है। इससे पहले हुंडई मोटर इंडिया का विशाल आईपीओ इस फेहरिस्त में सबसे ऊपर अपनी जगह बना चुका है, जबकि सरकारी बीमा कंपनी एलआईसी का ऐतिहासिक निर्गम भी इस सूची में बहुत आगे है। इन दिग्गज कंपनियों की कतार में एनएसई का यह कदम रखना इस बात का प्रमाण है कि भारतीय वित्तीय बाजार अब वैश्विक स्तर पर कितनी बड़ी ताकत बन चुका है।
इतने बड़े आकार का आईपीओ होने के बावजूद जिस तरह से निवेशकों ने इस पर भरोसा जताया, वह भारतीय अर्थव्यवस्था की गहराई को बयां करता है। हालांकि शुरुआती घंटों में बाजार का मूड थोड़ा खराब था क्योंकि मुख्य सूचकांक लाल निशान में कारोबार कर रहे थे, लेकिन इस विशिष्ट शेयर ने अपनी अलग ताकत दिखाई और जल्द ही घाटे को मुनाफे में बदलते हुए निवेशकों को मुस्कुराने का मौका दे दिया।
दिग्गज ब्रोकरेज हाउस की बड़ी उम्मीदें और टारगेट
भले ही लिस्टिंग के दिन शुरुआती आंकड़े बहुत ज्यादा चौंकाने वाले न रहे हों, लेकिन देश-विदेश के दिग्गज ब्रोकरेज हाउस इस स्टॉक को लेकर बेहद सकारात्मक रुख अपना रहे हैं। जानी-मानी वित्तीय संस्था मैक्वेरी ने इस शेयर पर अपनी कवरेज शुरू करते हुए 'आउटपरफॉर्म' रेटिंग दी है। ब्रोकरेज फर्म का अनुमान है कि आने वाले समय में यह शेयर अपनी मौजूदा कीमतों से काफी ऊपर का सफर तय कर सकता है और इसके 1,965 रुपये के स्तर तक पहुंचने की पूरी संभावना है।
"बाजार की मौजूदा परिस्थितियों और उतार-चढ़ाव के बावजूद एनएसई के व्यावसायिक मॉडल की ताकत अद्वितीय है। लंबी अवधि के निवेशकों के लिए यह शेयर अपने क्षेत्र में एक मजबूत विकल्प साबित होगा और इसके फंडामेंटल इसे बाजार के औसत से बेहतर प्रदर्शन करने में मदद करेंगे।" — बाजार विशेषज्ञ, वित्तीय विश्लेषण
इस तरह की मजबूत रिपोर्ट्स और विश्लेषकों की सकारात्मक टिप्पणियों ने आम निवेशकों का हौसला बढ़ाया है। विशेषज्ञों का मानना है कि जैसे-जैसे बाजार की व्यापक स्थितियां सामान्य होंगी, इस शेयर में और अधिक खरीदारी देखने को मिल सकती है, जिससे लंबी अवधि के निवेशकों को तगड़ा फायदा मिलने की उम्मीद है।
देश की 10 सबसे मूल्यवान कंपनियों में धमाकेदार एंट्री
शेयर बाजार में कदम रखते ही इस एक्सचेंज ने एक और बड़ा मुवक्किल रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है। लिस्टिंग के तुरंत बाद एनएसई का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन (MCap) बढ़कर साढ़े चार लाख करोड़ रुपये के आंकड़े को पार कर गया। इस भारी-भरकम वैल्युएशन के साथ ही नेशनल स्टॉक एक्सचेंज देश की टॉप 10 सबसे मूल्यवान कंपनियों के प्रतिष्ठित क्लब में शामिल हो गया है।
इस शानदार उपलब्धि के बाद यह संस्थान देश के कई जाने-माने कॉरपोरेट दिग्गजों जैसे कि हिंदुस्तान यूनिलीवर, आईटी सेक्टर की दिग्गज इंफोसिस, दवा क्षेत्र की नामी कंपनी सन फार्मा, टाइटन और कोटक महिंद्रा बैंक जैसी स्थापित कंपनियों को पीछे छोड़ने में कामयाब रहा है। बाजार के जानकारों का मानना है कि एक्सचेंज का यह मुकाम इस बात का सबूत है कि देश में वित्तीय सेवाओं और शेयर बाजार से जुड़ी गतिविधियों का दायरा कितनी तेजी से फैल रहा है।







