परीक्षा प्रणाली में बड़ा बदलाव: NTA ने बदला ठिकाना और सुरक्षा का तरीका
देश की सबसे बड़ी प्रवेश परीक्षाओं का संचालन करने वाली नेशनल टेस्टिंग एजेंसी यानी NTA इन दिनों बड़े दौर से गुजर रही है। पिछले कुछ समय में परीक्षा व्यवस्था, पेपर लीक और प्रशासनिक चूकों को लेकर उठे सवालों के बाद अब एजेंसी ने अपनी कार्यप्रणाली में आमूल-चूल परिवर्तन करने का निर्णय लिया है। इसी कड़ी में NTA के मुख्यालय से लेकर गोपनीय परीक्षा संचालन इकाइयों तक को एक नए और सुरक्षित परिसर में स्थानांतरित कर दिया गया है।
सूत्रों के अनुसार, यह बदलाव न केवल प्रशासनिक स्तर पर किया गया है बल्कि इसकी सुरक्षा व्यवस्था को भी पूरी तरह से नए आयाम दिए गए हैं। देश के लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़ी इन परीक्षाओं की शुचिता को बनाए रखने के लिए अब केंद्रीय सुरक्षा बलों का पहरा बैठा दिया गया है, ताकि किसी भी तरह की सेंधमारी की गुंजाइश को पूरी तरह से खत्म किया जा सके।
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मिंटो रोड के नए भवन में शिफ्ट हुआ गोपनीय कामकाज
नीट यूजी और अन्य राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं के विवाद के बाद NTA ने अपने गोपनीय और संवेदनशील विभागों को दिल्ली के मिंटो रोड पर स्थित गवर्नमेंट ऑफ इंडिया प्रेस बिल्डिंग में शिफ्ट कर दिया है। इस नए परिसर में एजेंसी को करीब पचपन हजार वर्ग फुट से अधिक का विशाल क्षेत्र आवंटित किया गया है, जिसमें भवन की पांचवीं मंजिल के साथ-साथ चौथी और छठी मंजिल के कुछ हिस्से शामिल हैं।
नए कार्यालय में शिफ्ट होने के साथ ही कामकाज के तौर-तरीकों में भी बड़ा बदलाव किया गया है। पहले जहां कर्मचारी अलग-अलग परीक्षाओं के लिए अस्थाई इकाइयों में काम करते थे, वहीं अब डोमेन स्पेसिफिक विशेषज्ञता विकसित करने के लिए विशेष फंक्शनल वर्टिकल तैयार किए जा रहे हैं। इससे हर विभाग में काम करने वाले अधिकारियों की जिम्मेदारी और जवाबदेही तय होगी।
अब संवेदनशील क्षेत्रों पर रहेगा CISF का कड़ा पहरा
सुरक्षा के मोर्चे पर NTA ने ऐतिहासिक कदम उठाते हुए अपने नए परिसर की सुरक्षा व्यवस्था केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) को सौंप दी है। गृह मंत्रालय की मंजूरी के बाद मिंटो रोड स्थित इस नए कार्यालय में 39 CISF जवानों की तैनाती की गई है, जो चौबीसों घंटे प्रवेश और निकास द्वारों पर कड़ी नजर रखेंगे।
इस सुरक्षा घेरे के तहत परिसर में आने-जाने वाले हर व्यक्ति की सख्त जांच की जा रही है। इसके लिए आधुनिक उपकरणों जैसे एक्स-रे बैगेज स्कैनर और डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर (DFMD) का उपयोग अनिवार्य कर दिया गया है। बिना उचित प्राधिकार और बायोमेट्रिक या एक्सेस कंट्रोल के किसी भी बाहरी व्यक्ति का संवेदनशील क्षेत्रों में प्रवेश पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया गया है।
"परीक्षा व्यवस्था को पारदर्शी और फूल-प्रूफ बनाने के लिए बुनियादी ढांचे से लेकर सुरक्षा तक हर स्तर पर कड़े कदम उठाए जा रहे हैं। नए कार्यालय और सुरक्षा बलों की तैनाती इसी दिशा में एक अहम शुरुआत है।" — वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, NTA
विशेषज्ञों की नियुक्ति और प्रशासनिक कसावट
केवल सुरक्षा और भवन बदलने तक ही यह प्रक्रिया सीमित नहीं है, बल्कि NTA में उच्च स्तर पर अनुभवी अधिकारियों की नियुक्तियां भी की जा रही हैं। केंद्र सरकार की विभिन्न सेवाओं से जुड़े आईएएस, आईपीएस, आईआरएस और सांख्यिकी सेवा के अधिकारियों को एजेंसी में शामिल किया गया है। साथ ही सुरक्षा, मानव संसाधन, परीक्षा मूल्यांकन, सूचना सुरक्षा और सतर्कता जैसे अहम क्षेत्रों के लिए भी डोमेन एक्सपर्ट्स की भर्ती प्रक्रिया तेजी से चल रही है।
दूसरी ओर, परीक्षा सुधारों की दिशा में इंफोसिस के सह-संस्थापक नंदन नीलेकणी की अध्यक्षता में गठित उच्च स्तरीय समिति भी लगातार काम कर रही है। यह समिति स्टेकहोल्डर्स के साथ विचार-विमर्श कर रिपोर्ट तैयार कर रही है, जिसे सुप्रीम कोर्ट के समक्ष भी पेश किया गया है। अदालत की निगरानी में चल रहे इन सुधारों से उम्मीद की जा रही है कि आने वाले समय में परीक्षा प्रणाली पूरी तरह सुरक्षित होगी।
प्रश्न पत्र निर्माण से लेकर रिजल्ट तक कड़े प्रोटोकॉल
NTA ने परीक्षाओं की पूरी प्रक्रिया के लिए नए और कड़े सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू किए हैं। प्रश्न पत्र तैयार करने की प्रक्रिया से लेकर उसके अनुवाद, छपाई, पैकिंग और परीक्षा केंद्रों तक सुरक्षित परिवहन तक हर चरण पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। परीक्षा के दिन प्रश्नपत्र खोलने की प्रक्रिया से लेकर उत्तर पुस्तिकाओं की प्रोसेसिंग तक आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल किया जा रहा है।
उम्मीदवारों की पहचान पुख्ता करने के लिए आधार-आधारित बायोमेट्रिक और फेस ऑथेंटिकेशन तकनीकों को अनिवार्य किया गया है। इसके अलावा परीक्षा केंद्रों पर मोबाइल जैमर, हाई-डेफिनिशन सीसीटीवी कैमरे और एआई-आधारित टूल्स की मदद से किसी भी प्रकार की गड़बड़ी को रोकने के लिए पांच-स्तरीय ओवरसाइट व्यवस्था तैयार की गई है, जिससे हर स्तर पर जवाबदेही सुनिश्चित हो सके।








