होम/देश/गांव-गांव नुक्कड़ नाटक का कमाल: आम जनता तक ऐसे पहुंच रही सरकार की योजनाएं, विकसित भारत का संकल्प
देशपढ़ने में समय: 5 मिनट

गांव-गांव नुक्कड़ नाटक का कमाल: आम जनता तक ऐसे पहुंच रही सरकार की योजनाएं, विकसित भारत का संकल्प

देशभर में चलाए जा रहे सेवा संकल्प अभियान के तहत कला के माध्यम से सरकारी योजनाओं को आमजन तक पहुंचाया जा रहा है। नुक्कड़ नाटक के जरिए ग्रामीण इलाकों में स्वच्छ भारत, उज्ज्वला और आयुष्मान योजना जैसी कल्याणकारी नीतियों की जानकारी दी जा रही है।
The Freelance ब्यूरो
TheFreelance ब्यूरो
27 सितंबर 2026 • अपडेटेड
🌐Read in English →
शेयर करें:
गांव-गांव नुक्कड़ नाटक का कमाल: आम जनता तक ऐसे पहुंच रही सरकार की योजनाएं, विकसित भारत का संकल्प
📷 गांव-गांव नुक्कड़ नाटक का कमाल: आम जनता तक ऐसे पहुंच रही सरकार की योजनाएं, विकसित भारत का संकल्प — मुख्य घटनाक्रमफोटो साभार: रॉयटर्स / एजेंसीज़ / सोशल मीडिया

खबर की बड़ी बातें (Key Highlights)

  • प्रदेशभर में जारी 'सेवा संकल्प अभियान' के तहत कला और संस्कृति के माध्यम से हो रहा जन जागरूकता प्रसार
  • नुक्कड़ नाटक के जरिए ग्रामीण क्षेत्रों में उज्ज्वला, आयुष्मान और स्वच्छ भारत मिशन जैसी योजनाओं का प्रचार
  • विकसित भारत 2047 के बड़े संकल्प को स्थानीय स्तर पर रोचक और सरल अंदाज में समझाया जा रहा है
  • नाटक देखने के लिए उमड़ी भारी भीड़, महिलाओं और बुजुर्गों ने योजनाओं की जानकारी में दिखाई गहरी रुचि
प्रायोजित • SPONSOREDVoterAction Campaign Suite
VoterAction - कागज़ पर नहीं, ऐप पर लड़े जाते हैं चुनाव | अभियान की पूरी कमान

कला के मंच से ग्रामीण भारत में गूंज रही विकास की बातें

देश के सुदूर ग्रामीण अंचलों तक सरकारी नीतियों और जनकल्याणकारी योजनाओं का संदेश पहुंचाने के लिए अब पारंपरिक लोक कलाओं का सहारा लिया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल के सेवा और समर्पण के वर्षों पूरे होने के उपलक्ष್ಯ में पूरे प्रदेश में 'सेवा संकल्प अभियान' का विस्तार किया गया है। इसी अभियान की कड़ी के तहत हाल ही में एक कस्बे में विशेष सांस्कृतिक आयोजनों की श्रृंखला देखने को मिली, जहां कलाकारों ने अपने अभिनय के जरिए सरकार के हर संदेश को आम आदमी की भाषा में ढालकर पेश किया।

इस अनूठे सांस्कृतिक कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि जो योजनाएं कागजों या दफ्तरों तक सीमित रह जाती हैं, वे सीधे आम जनता की जुबान पर आएं। कलाकारों ने नुक्कड़ नाटक के माध्यम से यह साबित कर दिया कि कठिन से कठिन सरकारी प्रक्रियाओं और आंकड़ों को भी यदि कलात्मक ढंग से प्रस्तुत किया जाए, तो हर वर्ग का नागरिक उसे आसानी से समझ सकता है। ग्रामीण परिवेश में इस प्रकार के आयोजनों से न केवल मनोरंजन होता है, बल्कि लोगों में अपने अधिकारों और सरकारी मदद के प्रति जागरूकता भी बढ़ती है।

गांव-गांव नुक्कड़ नाटक का कमाल: आम जनता तक ऐसे पहुंच रही सरकार की योजनाएं, विकसित भारत का संकल्प
📷 ग्रामीण अंचल में नुक्कड़ नाटक के जरिए योजनाओं की जानकारी लेते स्थानीय लोग
विज्ञापन • ADVERTISEMENT

संबंधित खबरें

राशन कार्ड बनाने में लापरवाही पड़ी भारी: सुस्त अधिकारियों पर गिरेगी गाज, कटेगा वेतन और होगी सख्त कार्रवाई

राशन कार्ड बनाने में लापरवाही पड़ी भारी: सुस्त अधिकारियों पर गिरेगी गाज, कटेगा वेतन और होगी सख्त कार्रवाई

सड़क पर उतरीं कला पार्टियां: नुक्कड़ नाटकों के जरिए आम जनता को बांटी जा रही सरकारी योजनाओं की जानकारी

सड़क पर उतरीं कला पार्टियां: नुक्कड़ नाटकों के जरिए आम जनता को बांटी जा रही सरकारी योजनाओं की जानकारी

सपनों को पंख: पीएचडी के लिए हर महीने मिलेंगे 44,400 रुपये, इस सरकारी योजना ने बदली युवाओं की किस्मत

सपनों को पंख: पीएचडी के लिए हर महीने मिलेंगे 44,400 रुपये, इस सरकारी योजना ने बदली युवाओं की किस्मत

राजस्थान पर्यटन का बदलता ट्रेंड: महलों की सैर से आगे बढ़कर अब देसी परिवारों के साथ जिंदगी जी रहे विदेशी सैलानी

राजस्थान पर्यटन का बदलता ट्रेंड: महलों की सैर से आगे बढ़कर अब देसी परिवारों के साथ जिंदगी जी रहे विदेशी सैलानी

बिहार एमएलसी चुनाव से पहले सियासी पारा हाई: बाहुबली विधायक और सत्ताधारी दल के नेता आमने-सामने, छिड़ी जुबानी जंग

बिहार एमएलसी चुनाव से पहले सियासी पारा हाई: बाहुबली विधायक और सत्ताधारी दल के नेता आमने-सामने, छिड़ी जुबानी जंग

सिनेमा से सियासत तक: थलपति विजय का बड़ा कदम, बच्चों को सोने की अंगूठी पहनाकर जीतेंगे दिल

सिनेमा से सियासत तक: थलपति विजय का बड़ा कदम, बच्चों को सोने की अंगूठी पहनाकर जीतेंगे दिल

यूनिवर्सिटीज में सुलगती चिंगारी: क्या सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे झूठे संदेशों से बिगाड़ा जा रहा है अमन?

यूनिवर्सिटीज में सुलगती चिंगारी: क्या सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे झूठे संदेशों से बिगाड़ा जा रहा है अमन?

बिहार में बढ़ते अपराध पर सियासत तेज: जदयू नेता श्याम रजक बोले- दीया बुझने से पहले तेज होती है लौ

बिहार में बढ़ते अपराध पर सियासत तेज: जदयू नेता श्याम रजक बोले- दीया बुझने से पहले तेज होती है लौ

नुक्कड़ नाटकों में जीवंत हुई उज्ज्वला, आयुष्मान और स्वच्छता की कहानियां

मंच पर प्रस्तुत किए गए नाटकों की पटकथा पूरी तरह से उन योजनाओं पर केंद्रित थी, जिनका सीधा असर आम आदमी के जीवन पर पड़ता है। कलाकारों ने बहुत ही सजीव अभिनय के माध्यम से दिखाया कि कैसे स्वच्छ भारत मिशन ने गांवों की तस्वीर बदली है। इसके अलावा, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना ने किस प्रकार ग्रामीण महिलाओं के धुएं भरे जीवन से छुटकारा दिलाकर उन्हें एक स्वस्थ और सुरक्षित रसोई दी है, इसे बेहद भावुक अंदाज में दर्शाया गया।

गरीबों के लिए वरदान साबित हो रही आयुष्मान भारत योजना और बालिकाओं के भविष्य को सुरक्षित करने वाले 'बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ' अभियान को भी नाटकों का मुख्य हिस्सा बनाया गया। नाटक के किरदारों ने संवादों के जरिए यह समझाया कि इन योजनाओं का लाभ कैसे उठाया जा सकता है और इनके क्या-क्या नियम हैं। दर्शकों ने कलाकारों के हर एक संवाद पर तालियां बजाकर अपनी स्वीकृति दी, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि जनता ऐसे कार्यक्रमों से सीधे जुड़ती है।

विकसित भारत 2047 के सपने से जुड़ रहा है देश का हर नागरिक

इन सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का सबसे बड़ा आकर्षण 'विकसित भारत 2047' के राष्ट्रीय संकल्प को स्थानीय भाषा और परिवेश में ढालकर पेश करना रहा। कलाकारों ने अपनी प्रस्तुति के जरिए यह संदेश दिया कि देश को एक विकसित राष्ट्र बनाने की इस यात्रा में हर छोटे-बड़े गांव और हर एक नागरिक की भूमिका बेहद अहम है। जब देश की तरक्की के इस खाके को नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से गांव की चौपालों पर रखा गया, तो बुजुर्गों और युवाओं दोनों में ही एक अलग उत्साह देखने को मिला।

विशेषज्ञों का भी मानना है कि डिजिटल माध्यमों के इस दौर में भी नुक्कड़ नाटक और लोक कलाएं जनमानस के दिल तक पहुंचने का सबसे सशक्त माध्यम हैं। जब लोग अपने जैसे दिखने वाले कलाकारों को अपनी ही बोली में बात करते देखते हैं, तो संवाद का दायरा और अधिक मजबूत हो जाता है। यही वजह है कि इस तरह के सांस्कृतिक अभियान ग्रामीण क्षेत्रों में सामाजिक बदलाव की एक नई इबारत लिख रहे हैं।

"जब सरकारी योजनाएं फाइलों से निकलकर लोक कला और नुक्कड़ नाटकों के जरिए जनता के बीच पहुंचती हैं, तो उनका प्रभाव कई गुना बढ़ जाता है। आज ग्रामीण इलाकों में लोग खुद आगे आकर इन योजनाओं की जानकारी ले रहे हैं और विकसित भारत के सपने को साकार करने में अपनी सहभागिता निभा रहे हैं।" — स्थानीय सांस्कृतिक आयोजक एवं जनप्रतिनिधि

भारी संख्या में उमड़ी भीड़, महिलाओं और युवाओं में दिखा भारी उत्साह

सांस्कृतिक विभाग के निर्देशन में हुए इस आयोजन ने यह साबित कर दिया कि आज भी ग्रामीण क्षेत्रों में पारंपरिक कलाओं के प्रति लोगों का गहरा प्रेम है। नाटक देखने के लिए आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में महिलाएं, पुरुष, युवा और बुजुर्ग चौपाल पर एकत्र हुए। नाटक के दृश्यों ने कई जगहों पर लोगों को सोचने पर मजबूर किया तो कई जगहों पर उनके चेहरों पर मुस्कान भी बिखेरी।

कार्यक्रम के दौरान स्थानीय गणमान्य नागरिक और सामाजिक कार्यकर्ता भी मौजूद रहे, जिन्होंने इस पहल की सराहना की। वक्ताओं ने कहा कि इस प्रकार के अभियानों से न केवल योजनाओं का प्रचार-प्रसार होता है, बल्कि समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार भी होता है। आने वाले दिनों में इस तरह के और भी आयोजनों की रूपरेखा तैयार की जा रही है ताकि अधिक से अधिक गांवों तक विकास का यह संदेश पहुंचाया जा सके।

द फ्रीलांस पत्रकारिता नीति (Editorial Commitment):हम निष्पक्ष, सटीक और तथ्यात्मक पत्रकारिता के लिए प्रतिबद्ध हैं। यह समाचार रिपोर्ट विभिन्न प्रमाणित समाचार एजेंसियों, आधिकारिक बयानों और स्थानीय संवाददाताओं से प्राप्त इनपुट के आधार पर तैयार की गई है।
विज्ञापन एवं अनुशंसित सामग्री • RECOMMENDED

संबंधित खबरें (Related Articles)

राशन कार्ड बनाने में लापरवाही पड़ी भारी: सुस्त अधिकारियों पर गिरेगी गाज, कटेगा वेतन और होगी सख्त कार्रवाईNATIONAL

राशन कार्ड बनाने में लापरवाही पड़ी भारी: सुस्त अधिकारियों पर गिरेगी गाज, कटेगा वेतन और होगी सख्त कार्रवाई

27 सित॰
सड़क पर उतरीं कला पार्टियां: नुक्कड़ नाटकों के जरिए आम जनता को बांटी जा रही सरकारी योजनाओं की जानकारीNATIONAL

सड़क पर उतरीं कला पार्टियां: नुक्कड़ नाटकों के जरिए आम जनता को बांटी जा रही सरकारी योजनाओं की जानकारी

27 सित॰
सपनों को पंख: पीएचडी के लिए हर महीने मिलेंगे 44,400 रुपये, इस सरकारी योजना ने बदली युवाओं की किस्मतNATIONAL

सपनों को पंख: पीएचडी के लिए हर महीने मिलेंगे 44,400 रुपये, इस सरकारी योजना ने बदली युवाओं की किस्मत

27 सित॰
राजस्थान पर्यटन का बदलता ट्रेंड: महलों की सैर से आगे बढ़कर अब देसी परिवारों के साथ जिंदगी जी रहे विदेशी सैलानीNATIONAL

राजस्थान पर्यटन का बदलता ट्रेंड: महलों की सैर से आगे बढ़कर अब देसी परिवारों के साथ जिंदगी जी रहे विदेशी सैलानी

27 सित॰
बिहार एमएलसी चुनाव से पहले सियासी पारा हाई: बाहुबली विधायक और सत्ताधारी दल के नेता आमने-सामने, छिड़ी जुबानी जंगNATIONAL

बिहार एमएलसी चुनाव से पहले सियासी पारा हाई: बाहुबली विधायक और सत्ताधारी दल के नेता आमने-सामने, छिड़ी जुबानी जंग

27 सित॰
सिनेमा से सियासत तक: थलपति विजय का बड़ा कदम, बच्चों को सोने की अंगूठी पहनाकर जीतेंगे दिलNATIONAL

सिनेमा से सियासत तक: थलपति विजय का बड़ा कदम, बच्चों को सोने की अंगूठी पहनाकर जीतेंगे दिल

27 सित॰
यूनिवर्सिटीज में सुलगती चिंगारी: क्या सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे झूठे संदेशों से बिगाड़ा जा रहा है अमन?NATIONAL

यूनिवर्सिटीज में सुलगती चिंगारी: क्या सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे झूठे संदेशों से बिगाड़ा जा रहा है अमन?

27 सित॰
बिहार में बढ़ते अपराध पर सियासत तेज: जदयू नेता श्याम रजक बोले- दीया बुझने से पहले तेज होती है लौNATIONAL

बिहार में बढ़ते अपराध पर सियासत तेज: जदयू नेता श्याम रजक बोले- दीया बुझने से पहले तेज होती है लौ

27 सित॰