श्रीनगर: सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर इन दिनों एक वीडियो क्लिप चर्चा का केंद्र बनी हुई है, जिसमें जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) और निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली पर तीखा कटाक्ष करते हुए नजर आ रहे हैं। इस बयान के सामने आने के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है।
वायरल वीडियो में मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस या सार्वजनिक संबोधन के दौरान व्यंग्यात्मक लहजे में यह कहते हुए सुना जा सकता है कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त को 'भारत रत्न' से सम्मानित किया जाना चाहिए या उन्हें देश का अगला राष्ट्रपति बना दिया जाना चाहिए। उन्होंने आगे टिप्पणी की कि ऐसा इसलिए क्योंकि उन्होंने कथित तौर पर 'बंगाल को बीजेपी को गिफ्ट कर दिया है।' यह बयान ऐसे समय में आया है जब देश में चुनावी सुधारों और मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण यानी 'एसआईआर' (SIR) को लेकर राजनीतिक दलों के बीच बहस छिड़ी हुई है।
संबंधित खबरें
पृष्ठभूमि और संदर्भ: यह घटना ऐसे वक्त सामने आई है जब विभिन्न राज्यों में चुनावी तैयारियों और प्रशासनिक निकायों की निष्पक्षता को लेकर विपक्ष लगातार मुखर है। पश्चिम बंगाल के राजनीतिक घटनाक्रम और केंद्रीय चुनाव आयोग के फैसलों को विपक्षी दल अक्सर अपने बयानों का निशाना बनाते रहे हैं। उमर अब्दुल्ला का यह ताजा तंज इसी राजनीतिक बयानबाजी की कड़ी का हिस्सा माना जा रहा है। हालांकि, निर्वाचन आयोग की तरफ से अभी तक इस विशेष टिप्पणी पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाएं: 'PTI News' द्वारा एक्स पर साझा किए जाने के बाद से यह वीडियो इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो रहा है। सोशल मीडिया यूजर्स इस पर बंटे हुए नजर आ रहे हैं। जहां एक धड़ा उमर अब्दुल्ला के इस बेबाक अंदाज और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर उठाए गए सवालों का समर्थन कर रहा है, वहीं दूसरा धड़ा संवैधानिक संस्थाओं पर इस तरह की बयानबाजी को अनुचित ठहरा रहा है।







