लखनऊ/ग्राउंड ब्यूरो — उत्तर प्रदेश के राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में इन दिनों हलचल बहुत तेज हो गई है। राज्य सरकार ने आम जनता को राहत देने के लिए कई बड़े कदम उठाए हैं, जिनमें राशन दुकानों पर सस्ती चीनी उपलब्ध कराना शामिल है। अब उत्तर प्रदेश में गरीबों और आम लोगों को केवल 52 रुपये प्रति किलो की दर से चीनी मिलेगी। सरकार का यह फैसला महंगाई के इस दौर में मध्यम और गरीब वर्ग को बड़ी राहत देने के रूप में देखा जा रहा है। आम लोग इस कदम से काफी खुश नजर आ रहे हैं और प्रशासनिक स्तर पर इसकी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
दूसरी ओर, राज्य सरकार ने अपनी आर्थिक नीतियों को धार देते हुए नगर विकास और ऊर्जा क्षेत्र पर विशेष जोर देना शुरू कर दिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का मुख्य लक्ष्य उत्तर प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाना है। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए बुनियादी ढांचे, बिजली आपूर्ति और शहरी विकास के प्रोजेक्ट्स पर तेजी से काम चल रहा है। सरकार का दावा है कि इन सुधारों से राज्य में नए निवेश आएंगे और युवाओं के लिए रोजगार के नए रास्ते खुलेंगे। निवेशकों का भरोसा भी इस दिशा में लगातार बढ़ता दिखाई दे रहा है।
कानून व्यवस्था और प्रशासनिक सख्ती पर बड़ा एक्शन
प्रशासनिक मोर्चे पर भी सरकार पूरी तरह सख्त तेवर अपनाए हुए है। राजधानी लखनऊ के व्यस्त बाजार अमीनाबाद में हाल ही में स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। कोडीन कफ सिरप के अवैध कारोबार और फर्जी बिलिंग के मामलों में लिप्त पाए गए 14 दवा कारोबारियों के लाइसेंस तुरंत प्रभाव से निरस्त कर दिए गए हैं। इस कार्रवाई से मेडिकल माफिया में हड़कंप मच गया है। अधिकारियों का साफ कहना है कि जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और आगे भी ऐसे छापे जारी रहेंगे।
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में भी राजनीतिक फेरबदल की सुगबुगाहट तेज हो गई है। हाल ही में राष्ट्रपति भवन द्वारा केंद्रीय मंत्री एल मुरुगन का इस्तीफा स्वीकार किए जाने के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म है। हालांकि, इसे प्रशासनिक और राजनीतिक फेरबदल का सामान्य हिस्सा माना जा रहा है, लेकिन दिल्ली से लेकर लखनऊ तक इसके कई तरह के सियासी मायने निकाले जा रहे हैं। विपक्षी दल इस मुद्दे पर अपनी नजर बनाए हुए हैं और सरकार की हर गतिविधि पर पैनी निगाह रखी जा रही है।
चुनावी रणभेरी से पहले प्रधानमंत्री मोदी का मेगा प्लान
उत्तर प्रदेश में आगामी राजनीतिक और चुनावी सरगर्मी को भांपते हुए भारतीय जनता पार्टी ने अपनी रणनीति पर काम करना शुरू कर दिया है। चुनावी बिगुल बजने से ठीक पहले देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की राज्य में बड़ी एंट्री होने जा रही है। पार्टी की योजना के मुताबिक, राज्य के सभी 18 मंडलों में प्रधानमंत्री मोदी की विशाल रैलियां आयोजित की जाएंगी। इन रैलियों के जरिए केंद्र और राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं को सीधे जनता तक पहुंचाया जाएगा और चुनावी माहौल को पार्टी के पक्ष में मजबूत किया जाएगा।
स्थानीय स्तर पर संगठन और कार्यकर्ताओं को इन रैलियों को सफल बनाने की जिम्मेदारी सौंप दी गई है। जिला स्तर पर नेताओं ने अभी से बैठकों का दौर शुरू कर दिया है ताकि हर वर्ग के लोगों तक सरकार का संदेश पहुंच सके। 'द फ्रीलान्स' की जमीनी पड़ताल बताती है कि जनता के बीच इन विकास कार्यों और राजनीतिक दौरों को लेकर मिली-जुली प्रतिक्रिया है। एक तरफ जहां लोग महंगाई और प्रशासनिक सख्ती से राहत महसूस कर रहे हैं, वहीं राजनीतिक दलों की इस सक्रियता से यह साफ हो गया है कि आने वाले दिनों में राज्य का सियासी पारा काफी हाई रहने वाला है।




